हृदय रोग (हार्ट अटैक) दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक रहे हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि हर साल हार्ट अटैक के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। कुछ दशकों पहले तक हृदय की समस्याओं को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी के रूप में देखा जाता था हालांकि अब कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं।
Heart Health: इन बातों पर अक्सर नहीं जाता लोगों का ध्यान, पर इससे भी हो सकता है हार्ट अटैक
क्या आप जानते हैं कि हम दिनभर में जाने-अनजाने कई ऐसे काम करते हैं जिसके कारण भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है? इसको लेकर भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। आइए जानते हैं कि हमारी कौन सी आदतें हार्ट अटैक का कारण बन सकती हैं?
हार्ट अटैक के बारे में जानिए
दिल का दौरा (हार्ट अटैक) तब पड़ता है जब हृदय में रक्त का प्रवाह कम या पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाता है। यह रुकावट आमतौर पर हृदय (कोरोनरी) की धमनियों में फैट, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों के जमाव के कारण होती है। इस जमाव को प्लाक कहा जाता है।
यदि आपके सीने में दर्द, दबाव, जकड़न महसूस हो रहा हो, ये दर्द कंधे, हाथ, पीठ, गर्दन, जबड़े तक फैल जाए तो इस तरह के लक्षण हार्ट अटैक का संकेत हो सकते हैं। इन लक्षणों के अलावा ठंडा पसीना आना, थकान या बेहोशी, उल्टी आना या सांस लेने में दिक्कत हो रही हो तो आपको विशेष सावधान हो जाना चाहिए।
आइए जानते हैं कि हमारी कौन सी आदतें हार्ट अटैक का कारण बन सकती हैं, जिसको लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहना चाहिए?
आपको नींद की समस्या तो नहीं?
नींद न आना या नींद पूरी न होने की स्थिति को शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि लंबे समय तक बनी रहने वाली ये दिक्कत हार्ट अटैक का भी कारण बन सकती है? एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग आमतौर पर रात में 6 घंटे से कम सोते हैं, उनमें दिल का दौरा पड़ने की आशंका उन लोगों की तुलना में दोगुनी होती है जो 6 से 8 घंटे सोते हैं।
अनिद्रा या स्लीप एप्निया जैसी नींद संबंधी बीमारियां रक्तचाप और शरीर में सूजन बढ़ाने लगती हैं। इससे हार्मोन संतुलन भी बिगड़ने का खतरा रहता है। ये सभी दिल पर दबाव डालकर हार्ट अटैक को ट्रिगर करने वाली हो सकती हैं।
ठंड के मौसम में रहें सावधान
मौसम का भी आपके हृदय स्वास्थ्य पर सीधा असर होता है। ठंड का मौसम हृदय रोग के शिकार लोगों के लिए कई प्रकार की दिक्कतों को बढ़ाने वाला हो सकता है। ठंड के कारण आपकी धमनियां संकरी हो सकती हैं, जिससे दिल तक रक्त का प्रवाह बाधित हो सकता है। इसके अलावा, ठंड के दिनों में आपके शरीर को गर्म रखने के लिए हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इस तरह की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। ठंड से बचाव करते रहना सभी के लिए जरूरी है।
तीव्र स्तर के व्यायाम भी नुकसानदायक
माना जाता रहा है कि नियमित व्यायाम की आदत आपके दिल को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी है, लेकिन फिट रहने के लिए बहुत तीव्रता वाले व्यायाम करना या क्षमता से अधिक वजन उठाना भी खतरनाक हो सकता है।
आंकड़ों से पता चलता है कि लगभग 6% हार्ट अटैक के मामले अत्यधिक शारीरिक मेहनत के कारण होते हैं। यही कारण है कि सभी लोगों को अपनी क्षमता और सहनशक्ति के अनुसार ही व्यायाम करना चाहिए। हल्के एरोबिक अभ्यास जैसे रनिंग, वॉकिंग भी आपके हार्ट को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकते हैं।
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स्रोत और संदर्भ
The dangers of sleep deprivation
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