लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी ने कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। लिहाजा कम उम्र के लोगों में वो बीमारियां देखी जाने लगी हैं जो आमतौर पर बुजुर्गों को होती थीं। पिछले एक-दो दशकों में डायबिटीज, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और कैंसर जैसी बीमारियां अब युवाओं में बहुत आम हो गई हैं।
Health Alert: दिल से लेकर किडनी और डायबिटीज तक, पैरों में इन बदलावों से गंभीर रोगों का लगा सकते हैं पता
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पैर हमारे शरीर का आईना होते हैं। डायबिटीज, ब्लड क्लॉट, हृदय संबंधी दिक्कतें या यहां तक कि कुछ प्रकार के कैंसर तक इससे पहचान की जा सकती है। पैरों को अक्सर शरीर का सबसे निचला हिस्सा मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
पैरों में होने वाली समस्याओं को न करें अनदेखा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पैर हमारे शरीर का आईना होते हैं। डायबिटीज, ब्लड क्लॉट, हृदय संबंधी दिक्कतें या यहां तक कि कुछ प्रकार के कैंसर तक इससे पहचान की जा सकती है। पैरों को अक्सर शरीर का सबसे निचला हिस्सा मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लगातार झुनझुनी, अचानक सूजन, त्वचा के रंग में बदलाव या नाखूनों के नीचे काली धारियां बनना, ये सब छोटे लगने वाले लक्षण बड़ी बीमारियों का संकेत हो सकते हैं।
डायबिटीज के मरीजों को विशेषतौर पर डॉक्टर पैरों की खास देखभाल करते रहने की सलाह देते हैं। हाई डायबिटीज डायबिटिक फुट नामक समस्या को बढ़ावा देने वाली हो सकती है जिसमें गंभीर स्थितियों में पैर काटने तक की नौबत आ सकती है।
पैरों में सूजन तो नहीं रहता?
डॉक्टर्स कहते हैं, अगर पैरों का रंग असामान्य दिखने लगे ये नीला या बैंगनी दिखे, तो आमतौर पर इसे रक्त संचार की दिक्कत माना जाता है। अगर समय रहते इसपर ध्यान न दिया जाए तो आगे चलकर हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ा देता है। वहीं, लगातार दर्द-ऐंठन या पैरों पर न भरने वाले घाव कई बार डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और इम्यून सिस्टम की कमजोरी की ओर इशारा करते हैं।
अगर आपके पैरों में अक्सर सूजन बनी रहती है और आराम करने पर भी नहीं जाती, तो यह सिर्फ थकान की वजह नहीं हो सकती। डॉक्टर्स बताते हैं कि पैरों में सूजन हृदय रोग, किडनी की समस्या या लिवर की बीमारियों का संकेत हो सकती है। किडनी रोग में भी शरीर अतिरिक्त नमक और पानी बाहर नहीं निकाल पाता, जिससे पैरों में सूजन आ जाती है।
पैरों में झुनझुनी की समस्या
पैरों में झुनझुनी बने रहना अगर पैरों में बार-बार झुनझुनी, सुन्नपन या जलन जैसा एहसास होता है, तो इसे भी अनदेखा न करें। यह अक्सर डायबिटिक न्यूरोपैथी का लक्षण हो सकता है। डायबिटीज रोगियों में बढ़ा हुआ शुगर लेवल नसों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है, जिससे पैरों में दिक्कतें बढ़ने लग जाती है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 50% डायबिटीज मरीजों में पैरों की नसें प्रभावित होती हैं। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो पैरों में घाव और संक्रमण बढ़ने का खतरा हो सकता है जो गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।
पैरों का नीला या बैंगनी पड़ना
अगर पैरों का रंग नीला, बैंगनी दिखने लगे तो यह पैरिफेरल आर्टरी डिजीज का संकेत हो सकता है। इसमें पैरों की धमनियों में खून का प्रवाह बाधित हो जाता है। इसका मुख्य कारण कोलेस्ट्रॉल बढ़ने को माना जाता है जिसके कारण धमनियां संकरी हो जाती है। पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ सकते हैं
अमेरिकन कॉलेज ऑफ कॉर्डियोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार, पैरों के रंग में दिखने वाला इस तरह का बदलाव दिल के दौरा और स्ट्रोक का खतरे को भी दोगुना तक बढ़ जाता है। अगर पैरों का रंग अचानक बदल गया है, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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