दुनियाभर में संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों से कई देशों में मम्प्स-मीजल्स संक्रमण का जोखिम लगातार बना हुआ है। बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। हालिया रिपोर्ट अमेरिका से है, जहां विशेषज्ञों ने इस बीमारी को लेकर लोगों को सावधान किया है।
Health Alert: फिर बढ़ने लगे मम्प्स-मीजल्स के मामले, बच्चों में खतरा सबसे ज्यादा; जानिए क्या हैं इनके लक्षण
अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने देश में मम्प्स और मीजल्स के मामलों में बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मम्प्स के प्रकोप को सीमित करने के लिए एमएमआर वैक्सीन लगवाना सबसे प्रभावी बचाव है, साथ ही अच्छी साफ-सफाई रखना और संक्रमित लोगों के संपर्क से बचना भी जरूरी है।
नियमित वैक्सीनशन में कमी ने बढ़ा दिया है खतरा
अमेरिका के साथ-साथ यूके और कई अफ्रीकी देशों में भी मम्प्स-मीजल्स के मामलों की बढ़ोतरी रिपोर्ट की जाती रही है।
पिछले साल, सीडीसी ने 44 स्टेट्स में खसरे के 2,144 मामलों की पुष्टि की थी, जो 1991 के बाद सबसे ज्यादा थे। एक रिपोर्ट में चिंता जताते हुए विशेषज्ञों की टीम ने बताया था कि कोरोना महामारी के दौरान नियमित वैक्सीनेशन प्रभावित हुई जिसके कारण दुनियाभर में 3 करोड़ से अधिक बच्चों पर खसरा (मीजल्स) रोग का जोखिम फिर से मंडराने लगा है।
भारत में भी कई स्थानों पर मम्प्स-मीजल्स के मामलों में बढ़ोतरी रिपोर्ट कई गई थी।
मम्प्स क्या है?
मम्प्स एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो मम्प्स वायरस के कारण होती है। मुख्य रूप से बच्चों व किशोरों में इसका जोखिम अधिक देखा जाता रहा है, हालांकि वयस्क भी इससे संक्रमित हो सकते हैं। संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने से ये संक्रमण फैलता है।
- मम्प्स मुख्यरूप से लार ग्रंथियों में सूजन और दर्द पैदा करता है जिससे गाल फूले हुए दिखाई देते हैं।
- मम्प्स संक्रमण के शिकार लोगों में तेज बुखार (104°F तक), सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान, भूख न लगने जैसी दिक्कतें भी अधिक देखी जाती हैं।
मीजल्स क्या है?
मीजल्स या खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है जो मीजल्स वायरस से होता है। यह रोग मुख्य रूप से बच्चों में देखा जाता है, हालांकि जिन वयस्कों का टीकाकरण नहीं हुआ है वो भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। यह संक्रमण हवा के माध्यम से तेजी से फैलता है और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों को प्रभावित कर सकता है।
- मीजल्स के शिकार लोगों को सर्दी-जुकाम के साथ सूखी खांसी, नाक बहने और आंखों में लालिमा जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
- कुछ लोगों को मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे हो सकते हैं।
- गंभीर मामलों में संक्रमितों में निमोनिया, डायरिया, कान का संक्रमण या मस्तिष्क में सूजन (एन्सेफलाइटिस) जैसी जटिलताएं भी हो सकती हैं।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।