प्राची
पोषण माह देशभर में हर साल एक से 30 सितंबर तक सही पोषण हेतु जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। इस वर्ष सातवां पोषण माह मनाया जा रहा है जिसके अंतर्गत स्वास्थ्य से संबंधित कई बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिसमें से एक मुख्य विषय है "एनीमिया" जो कि भारत के हर वर्ग में देखने को मिलता है, विशेषकर महिलाओं व बच्चों में।
गर्भावस्था के दौरान आयरन की कमी से मातृ एवम् शिशु को खतरा हो सकता है। इसकी कमी से बच्चों में संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है और सीखने की क्षमता कम हो जाती है। आयरन (लोह तत्व) की आवश्यकता हीमोग्लोबिन संश्लेषण के लिए होती है तथा यह मानसिक कार्य करने एवम् रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए आवश्यक होता है। आयरन की कमी से एनीमिया हो जाता है।
आइए जानते हैं कुछ मुख्य खान-पान संबंधित बातें जिससे इसे रोका तथा दूर किया जा सकता है।
राष्ट्रीय पोषण माह 2024: उचित आहार एनीमिया दूर करने में मददगार, जानिए क्या खाएं-क्या नहीं
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अपने खान-पान में इन चीजों को करें शामिल
अपने दैनिक आहार मे हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, अरबी के पत्ते, पुदीना तथा चने, अंजीर व हलीम के बीज शामिल करें। आप अनार, गाजर तथा चुकंदर को सूप, जूस या सलाद के रूप में ले सकते हैं। अगर आप मांसाहारी हैं तो अपने खाने में मटन व अण्डे को एक सीमित मात्रा में शामिल कर सकते हैं।
किन बातों का रखें ध्यान?
जब भी आप खाने में आयरन (लोह तत्व) के शाकाहारी स्रोत को लेते हैं तो उसके उपर ताजा कटा हुआ नींबू अवश्य डालें जिससे कि खाद्य पदार्थ में मौजूद आयरन के अवशोषण में सहायता मिले। अपने खाने में आंवला, अमरूद एवम अन्य खट्टे फल शामिल करें ।
इन चीजों के सेवन से बचें
आयरन (लोह तत्व) के शाकाहारी स्रोत को लेने के पश्चात कुछ घंटों तक चाय-कॉफी का सेवन ना करें क्योंकि इससे आयरन का अवशोषण प्रभावित हो सकता है।
अतः इन कुछ बातों को अगर हम अपने दैनिक जीवन में अपना लें तो देश में एनीमिया को दूर कर पोषण माह के एक मुख्य उद्देश्य को पूरा किया जा सकता है ।
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नोट: यह लेख पोषण विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।