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Non-Stick Cookware Side Effects: अगर आप भी नॉन स्टिक बर्तनों में खाना पकाते हैं तो खबर अवश्य पढ़ें
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Mon, 06 Apr 2026 03:11 PM IST
सार
Non-Stick Cookware Disadvantage: आज के समय में जब एलपीजी की किल्लत देखने को मिल रही है, तो लोग इंडक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसपर नॉन स्टिक बर्तन इस्तेमाल होते हैं। अगर आप भी ये कर रहे हैं तो इसके नुकसान जान लें।
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नॉन स्टिक बर्तन इस्तेमाल करने के नुकसान
- फोटो : अमर उजाला
Non-Stick Cookware Disadvantage: आज के समय में जब मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण भारत में एलपीजी की किल्लत देखी जा रही है, तो कई लोग खाना पकाने के लिए इंडक्शन स्टोव का सहारा ले रहे हैं। इंडक्शन स्टोव पर आमतौर पर नॉन-स्टिक बर्तन इस्तेमाल किए जाते हैं, क्योंकि ये खाना जलने से बचाते हैं और सफाई में आसान होते हैं।
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नॉन स्टिक बर्तन इस्तेमाल करने के नुकसान
- फोटो : Adobe stock
1. स्वास्थ्य पर असर:
नॉन-स्टिक बर्तन अक्सर टेफलॉन या पीएफटीई कोटिंग के साथ आते हैं, जो सामान्य तापमान पर सुरक्षित माने जाते हैं। लेकिन अगर ये बर्तन अत्यधिक गर्म हो जाएं, तो कोटिंग से हानिकारक रसायन निकल सकते हैं। ये रसायन सीधे भोजन में मिलकर हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह अधिक खतरनाक होता है। इसलिए बर्तन को तेज आग पर या तेज़ धातु की चम्मच से इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
नॉन-स्टिक बर्तन अक्सर टेफलॉन या पीएफटीई कोटिंग के साथ आते हैं, जो सामान्य तापमान पर सुरक्षित माने जाते हैं। लेकिन अगर ये बर्तन अत्यधिक गर्म हो जाएं, तो कोटिंग से हानिकारक रसायन निकल सकते हैं। ये रसायन सीधे भोजन में मिलकर हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह अधिक खतरनाक होता है। इसलिए बर्तन को तेज आग पर या तेज़ धातु की चम्मच से इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
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नॉन स्टिक बर्तन इस्तेमाल करने के नुकसान
- फोटो : Adobe Stock Images
2. खाना का पोषण घटता है:
नॉन-स्टिक बर्तन के अत्यधिक इस्तेमाल या खरोंचने से भोजन में पोषक तत्वों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। उच्च तापमान पर खाना पकाने से विटामिन और मिनरल्स जैसे C, B12 और एंटीऑक्सीडेंट्स नष्ट हो सकते हैं। बर्तन से निकलने वाले रसायन भोजन के स्वाद और गुणवत्ता को भी बदल सकते हैं। लगातार ऐसे बर्तनों का प्रयोग करने से भोजन पोषक तत्वों में कमजोर होता जाता है और शरीर को जरूरी ऊर्जा और पोषण नहीं मिल पाता। इससे लंबे समय में कमजोरी, थकान और इम्यूनिटी में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
नॉन-स्टिक बर्तन के अत्यधिक इस्तेमाल या खरोंचने से भोजन में पोषक तत्वों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। उच्च तापमान पर खाना पकाने से विटामिन और मिनरल्स जैसे C, B12 और एंटीऑक्सीडेंट्स नष्ट हो सकते हैं। बर्तन से निकलने वाले रसायन भोजन के स्वाद और गुणवत्ता को भी बदल सकते हैं। लगातार ऐसे बर्तनों का प्रयोग करने से भोजन पोषक तत्वों में कमजोर होता जाता है और शरीर को जरूरी ऊर्जा और पोषण नहीं मिल पाता। इससे लंबे समय में कमजोरी, थकान और इम्यूनिटी में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
नॉन स्टिक बर्तन इस्तेमाल करने के नुकसान
- फोटो : Adobe Stock
3. लंबे समय में हानिकारक:
यदि नॉन-स्टिक बर्तन नियमित और गलत तरीके से इस्तेमाल किए जाएं, तो यह हमारे लीवर और किडनी पर लंबे समय में गंभीर असर डाल सकते हैं। लगातार इन बर्तनों के इस्तेमाल से मेटाबॉलिज़्म प्रभावित होता है और लीवर व किडनी की कार्यक्षमता कमजोर हो सकती है। कुछ अध्ययन बताते हैं कि लंबे समय तक इन रसायनों के संपर्क में रहने से रक्त शर्करा और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
यदि नॉन-स्टिक बर्तन नियमित और गलत तरीके से इस्तेमाल किए जाएं, तो यह हमारे लीवर और किडनी पर लंबे समय में गंभीर असर डाल सकते हैं। लगातार इन बर्तनों के इस्तेमाल से मेटाबॉलिज़्म प्रभावित होता है और लीवर व किडनी की कार्यक्षमता कमजोर हो सकती है। कुछ अध्ययन बताते हैं कि लंबे समय तक इन रसायनों के संपर्क में रहने से रक्त शर्करा और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
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नॉन स्टिक बर्तन इस्तेमाल करने के नुकसान
तो क्या इस्तेमाल करें?
अगर आप खाना पकाने में नॉन-स्टिक बर्तनों के नुकसान से बचना चाहते हैं, तो सिरेमिक कोटेड बर्तन का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर विकल्प है। ये बर्तन स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होते हैं और लंबे समय तक टिकते हैं। सिरेमिक बर्तन में खाना स्वस्थ रहता है और ये रसायनों से मुक्त होते हैं। खाना पकाते समय मध्यम आंच का इस्तेमाल करें और तेज़ गर्मी या खरोंच से बचें। इससे न केवल भोजन स्वास्थ्यवर्धक रहेगा, बल्कि बर्तन भी लंबे समय तक इस्तेमाल किए जा सकेंगे।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
अगर आप खाना पकाने में नॉन-स्टिक बर्तनों के नुकसान से बचना चाहते हैं, तो सिरेमिक कोटेड बर्तन का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर विकल्प है। ये बर्तन स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होते हैं और लंबे समय तक टिकते हैं। सिरेमिक बर्तन में खाना स्वस्थ रहता है और ये रसायनों से मुक्त होते हैं। खाना पकाते समय मध्यम आंच का इस्तेमाल करें और तेज़ गर्मी या खरोंच से बचें। इससे न केवल भोजन स्वास्थ्यवर्धक रहेगा, बल्कि बर्तन भी लंबे समय तक इस्तेमाल किए जा सकेंगे।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।