लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी, ये दो ऐसे स्थितियां हैं जिन्हें दुनियाभर में फैली क्रॉनिक बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता है। हम जो कुछ भी खाते हैं, जिस तरह की दिनचर्या का पालन करते हैं इन सभी का हमारी सेहत पर सीधा असर होता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अपने खानपान में सुधार करने की सलाह देते हैं।
Good Health: खान-पान ठीक तो दूर होंगी कई बीमारियां, पर डाइट को लेकर जरूर जान लीजिए ये बातें
स्वस्थ रहने के लिए यह जानना जरूरी है कि क्या खाना फायदेमंद है और किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए। डाइट सुधारना एक दिन का काम नहीं, बल्कि जीवनशैली में स्थायी बदलाव है जो लंबे समय तक स्वस्थ रहने में मदद करता है।
अच्छी सेहत के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार
अध्ययनों से पता चलता है कि संतुलित और पौष्टिक आहार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। ये सूजन को कम करते हैं, जो कई क्रॉनिक बीमारियों का मुख्य कारण है।
- डाइट में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स और बीज शामिल किए जाएं तो शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं।
- इससे ब्लड शुगर नियंत्रित रहती है, कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रहता है और पाचन तंत्र बेहतर काम करता है।
- सही खानपान मानसिक स्वास्थ्य पर भी अच्छी डाइट का सकारात्मक प्रभाव डालता है, जिससे तनाव और थकान कम होती है।
- नियमित समय पर भोजन करना और पानी पर्याप्त मात्रा में पीना भी उतना ही जरूरी है।
कैसा होना चाहिए खान-पान?
डॉक्टर कहते हैं, सोफे पर बैठे टीवी देखते हुए ऑफिस में लैपटॉप पर काम करते हुए या बाजार में घूमते हुए कई बार बहुत तेज भूख लग जाती है। ऐसे में आप अक्सर बिस्कुट, नमकीन, चाय-कॉफी या फास्ट फूड ऑर्डर कर देते है। यह सभी चीजें स्वादिष्ट तो लगती हैं, लेकिन सेहत के लिए हानिकारक साबित होती है, खासकर तब जब आपका पेट खाली होता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इसलिए जरूरी है कि आप कुछ ऐसा खाएं, जो न सिर्फ आपकी भूख को शांत करे बल्कि सेहत को भी फायदा पहुंचाए।
आहार कैसा होने चाहिए इस बारे में डॉक्टर कहते हैं, मूंग दाल या चने का स्प्राउट्स प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होते हैं और लंबे समय तक पेट को भरा हुआ रखते हैं।
- ऑफिस की भूख को मिटाने के लिए आप अपने साथ भुने हुए मखाने रखें। यह हल्के और लो कैलोरी युक्त होते हैं और आपकी तेज भूख को शांत करते हैं।
- आप चाहें तो कोई फल जैसे केला, सेब या पपीता भी खा सकते हैं, क्योंकि यह आपको तुरंत ऊर्जा देते हैं।
- कुछ बनाकर खाना हो तो उपमा पोहा या ओट्स बेहतर रहेंगे। इनमें कार्बोहाइड्रेट और फाइबर का संतुलन होता है।
- तेज भूख लगने पर पानी जरूरी पीए क्योंकि कभी-कभी प्यास भी भूख का भ्रम पैदा करती है।
डाइट ठीक तो सेहत ठीक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जब भी खाना खाएं तो वह संतुलित भोजन होना चाहिए। इससे शरीर को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन वसा, विटामिन और खनिज आसानी से मिल जाते हैं और हम स्वस्थ तथा ऊर्जावान बने रहते हैं। डाइट में सुधार सिर्फ वजन घटाने के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
शरीर को रोजाना ऊर्जा, प्रोटीन, स्वस्थ वसा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और मिनरल की संतुलित मात्रा चाहिए। जब आप ज्यादा जंक फूड, मीठे पेय, नमक या ट्रांस फैट वाली चीजें खाते हैं तो शरीर में पोषण की कमी और विषाक्त तत्वों का जमाव होने लगता है। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ता है और हार्मोन असंतुलन हो सकता है।
संतुलित डाइट लेने से शरीर का वजन नियंत्रित रहता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और इम्यून सिस्टम बेहतर काम करता है। आप डाइट में सुधार करके ही कई बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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