भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का कहर देखने को मिल रहा है। अध्ययनों में कोरोना के सबसे संक्रामक माने जा रहे इस वैरिएंट में वैक्सीनेशन से शरीर में बनी प्रतिरक्षा को चकमा देने की भी क्षमता है। हालिया रिपोर्टस के मुताबिक भारत में रविवार तक ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित कुल 37 की पुष्टि की जा चुकी है। कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि जिस तेजी से साथ ओमिक्रॉन अपने पैर पसार रहा है, ऐसे में यह देश में तीसरी लहर का भी कारण बन सकता है। कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ को अलर्ट पर रखा गया है।
बड़ा सवाल: क्या ओमिक्रॉन वैरिएंट बनेगा कोरोना के तीसरी लहर का कारण? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
डब्ल्यूएचओ का क्या कहना है?
दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल ने ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण बढ़े कोरोना के खतरे को लेकर लोगों को आगाह किया है। डॉ पूनम कहती हैं, कोरोना से बचाव के नियमों में बरती गई थोड़ी सी भी लापरवाही गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है, ऐसे में सभी लोगों को मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और हैंड हाइजीन का विशेष ख्याल रखना चाहिए।
क्या तीसरी लहर का बन सकता है कारण?
एक इंटरव्यू में पूछे गए सवाल- कि क्या कोरोना का यह नया वैरिएंट देश में तीसरी लहर को ट्रिगर करेगा? डॉ खेत्रपाल कहती हैं-
कोरोना के नए वैरिएंट का मतलब यह नहीं है कि चीजें बदतर होंगी, हालांकि निश्चित रूप से कुछ चीजों को लेकर फिलहाल अनिश्चित जरूर है। दुनियाभर में अभी भी महामारी चल रही है, कई देशों में संक्रमण के मामलों में तेज उछाल देखा जा रहा है जो निश्चित ही चिंता का कारण हो सकता है। अगर हमने बचाव के उपायों में लापरवाही बरती और इस वैरिएंट को बढ़ने का मौका दिया तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है कि यह तीसरी लहर का कारण बन सकता है।
ओमिक्रॉन पर वैक्सीन की प्रभाविकता
वैक्सीनेशन की प्रभाविकता को लेकर किए गए एक सवाल के जवाब में डॉ पूनम खेत्रपाल कहती हैं, इसका पता लगाने के लिए अध्ययन अभी भी चल रहा है, हालांकि, अभी यह जरूर माना जा सकता है कि मौजूदा टीके गंभीर बीमारी और मृत्यु के जोखिम को कम करमें में मदद कर सकते हैं। यह जानना अब भी महत्वपूर्ण बना हुआ है कि क्या टीके आपके संक्रमित होने की आशंका को कम कर सकते हैं? जिन लोगों को टीके की दोनों डोज मिल चुकी है, उन्हें फिलहाल अधिक सुरक्षित माना जा सकता है।
तीसरी लहर को लेकर विशेषज्ञों की राय
वहीं दूसरी तरफ मीडिया से बातचीत में कर्नाटक राज्य कोविड-19 तकनीकी सलाहकार समिति (टीएसी) के अध्यक्ष डॉ एमके सुदर्शन कहते हैं, अब तक कोविड-19 पॉजिटिविटी रेट काफी कम देखने को मिल रहा है। राज्य में पिछले दिनों कोरोना की जांच को 60,000 से बढ़कर एक लाख तक कर दी गई है। अभी भी रोजाना की संक्रामता दर एक फीसदी से कम बनी हुई है, इस आधार पर कहा जा सकता है कि फिलहाल तीसरी लहर के संकेत नहीं हैं। अगर कोरोना से बचाव के उपायों को प्रयोग में सही से लाया गया तो तीसरी लहर को रोका जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
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