हृदय रोगों के मामले दुनियाभर में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जीवनशैली की कई आदतें और शरीर की कई स्थितियां हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। करे कोई, भरे कोई की तर्ज पर दिल बेचारा कुछ ऐसी स्थितियों की वजह से मुश्किल में पड़ जाता है जिनका आमतौर पर दिल से प्रत्यक्ष कोई लेना-देना नहीं होता। कोरोना के आने के बाद से लोगों में हृदय रोगों को लेकर कुछ जागरूकता जरूर आई है लेकिन अब भी ज्यादातर लोग इस बात से अनजान हैं।
सावधान: हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा देती हैं ऐसी स्थितियां, अभी से हो जाइए सचेत वरना बढ़ जाएंगी दिक्कतें
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नमक और चीनी का अधिक सेवन
नमक और चीनी दोनों का ही अधिक सेवन आपके दिल की सेहत से जुड़ा हैं। नमक बीपी की स्थिति से जुड़ा है तो चीनी या मीठा जुड़ा है डायबिटीज से। बीपी में असंतुलन तो दिल के लिए खतरा हो ही सकता है, साथ ही ब्लड शुगर लेवल का गड़बड़ाना भी दिल के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। यह एक दिन में नहीं होता, धीरे-धीरे होता है। इसलिए चाहे आप प्री-डायबिटीक की सूची में क्यों न आते हों, मीठे का सेवन कम से कम कर दें।
और हां, डायबिटीज का संबंध केवल मीठे से ही नहीं है। बहुत अधिक तेल-मसाले में बना भोजन, मैदा और चीज़ आदि से बने जंक फूड या पैकेज्ड फ़ूड, कोल्डड्रिंक्स आदि भी डायबिटीज की स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं। शुगर का बढ़ना खून ले जाने वाली धमनियों और नाड़ियों को नुकसान पहुंचा सकता है जो दिल की बीमारियों या हार्ट अटैक तक की वजह बन सकता है।
केवल कोरोना नहीं, सभी तरह के संक्रमण हैं खतरनाक
कोरोना महामारी को लेकर विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने कई प्रमाण दिए हैं कि इस संक्रमण ने दिल सहित शरीर के अन्य अंगों पर कितना बुरा असर डाला है। चाहे वायरल इंफेक्शन हो या बैक्टीरियल, हम पूरे जीवन में कई तरह के संक्रमणों से गुजरते हैं। इनमें से कुछ माइल्ड होते हैं तो कुछ का असर बहुत बाद तक शरीर पर बना रह सकता है। ध्यान न देने पर बैक्टीरिया, वायरस, परजीवियों या रसायन के रूप में ऐसे संक्रमण दिल तक पहुंच सकते हैं जिससे दिल की मांसपेशियों को नुकसान हो सकता है। इसलिए कोई भी इंफेक्शन होते ही तुरन्त उसका इलाज कराएं और इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर डॉक्टर से सलाह भी लें।
मानसिक स्वास्थ्य का दिल से कनेक्शन
मौजूदा समय में मानसिक तौर पर तंदरुस्त रहना एक बहुत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। तनाव और मानसिक अशांति वाले माहौल में अपने दिमाग को स्वस्थ रखना एक बड़ी चुनौती होती है। दफ्तर से लेकर निजी जिंदगी तक के विभिन्न नकारात्मक अनुभव आपके दिमाग पर बुरा असर डाल सकते हैं और इसका भी असर पड़ता है दिल पर। इसलिए दफ्तर हो या घर, तनाव या स्ट्रेस को दिमाग पर हावी न होने दें। खुश रहने के लिए छोटी छोटी वजहें तलाशें। रिसर्च यह साबित कर चुकी है अगर तनाव, स्ट्रेस और नेगेटिव विचारों पर समय रहते काबू न किया जाए तो हार्ट की रिदम बिगड़ने, ब्लड प्रेशर के बढ़ने जैसी स्थितियां बन सकती हैं, जो जानलेवा हो सकती हैं।
इन सबके अलावा जन्मगत ह्रदय विकार, अनुवांशिक हृदय रोग, मोटापा, फेफड़ों, पेट, दांत, लिवर आदि से जुड़ी समस्याएं भी दिल के रोगों या हार्ट अटैक तक का कारण बन सकती हैं।
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अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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