शरीर की संरचना ठीक बनी रहे, आप अच्छे तरीके से चल-दौड़ पाएं इसके लिए जरूरी है कि हड्डियां स्वस्थ और मजबूत रहें। हालांकि लाइफस्टाइल और खानपान में गड़बड़ी ने हड्डियों को काफी कमजोर कर दिया है। लिहाजा जो समस्याएं पहले बुजुर्गों में हुआ करती थीं वह अब 20-30 साल की उम्र के लोगों में भी देखी जा रही हैं। कम उम्र में ही लोग कमर दर्द, घुटनों में जकड़न और आर्थराइटिस की शिकायत कर रहे हैं।
Nutrition: सिर्फ कैल्शियम लेने से ही नहीं मजबूत होंगी हड्डियां, इस विटामिन की कमी बिगाड़ सकती है सारा खेल
आजकल 30 साल की उम्र में ही लोग कमर दर्द, घुटनों में जकड़न और कमजोरी जैसी शिकायतें करने लगे हैं। हम अक्सर सोचते हैं कि दूध या कैल्शियम सप्लीमेंट लेने से हड्डियां मजबूत हो जाएंगी, पर सिर्फ कैल्शियम से ही हड्डियां मजबूत होगीं ये जरूरी नहीं है।
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दांतों-हड्डियों के लिए जरूरी है कैल्शियम
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कैल्शियम दांतों-हड्डियों की मजबूती के लिए तो जरूरी है ही पर सिर्फ कैल्शियम से काम नहीं चलेगा।
- शरीर में कैल्शियम का सही तरीके से इस्तेमाल हो पाए इसके लिए शरीर में विटामिन डी होना बहुत जरूरी है।
- अगर विटामिन डी की कमी है, तो चाहे आप कितना भी कैल्शियम ले लें, शरीर उसे ठीक से अवशोषित नहीं कर पाएगा।
- यही वजह है कि आजकल लोग कैल्शियम लेने के बावजूद हड्डियों की दिक्कतें महसूस कर रहे हैं।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
आर्थोपेडिक डॉक्टर कामरान सिद्दिकी बताते हैं, पूरे दिन ऑफिस में काम करने, सेंडेंटरी लाइफस्टाइल, जंक फूड की बढ़ती आदत और शारीरिक गतिविधियों की कमी के चलते लोगों में विटामिन-डी की कमी का खतरा बढ़ता जा रहा है।
- लंबे समय तक बैठकर काम करने, शारीरिक गतिविधियों में कमी के चलते हमें पर्याप्त धूप नहीं मिल पा रही है जो विटामिन-डी का प्रमुख स्रोत है।
- इसके अलावा खानपान में गड़बड़ी जैसे फास्ट-प्रोसेस्ड फूड और सॉफ्ट ड्रिंक्स से हमें कोई न्यूट्रिशन नहीं मिलता, इस वजह से विटामिन की लोगों में कमी हो रही है।
- नींद की कमी और तनाव भी शरीर के हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ते हैं, जिसका सीधा असर हड्डियों पर पड़ता है।
जब शरीर में विटामिन-डी कम होने लगता है तो कैल्शियम का सही तरीके से इस्तेमाल भी कम हो जाता है।
विटामिन डी की कमी से कैल्शियम का नहीं हो पाता इस्तेमाल
विटामिन डी को सनशाइन विटामिन कहा जाता है क्योंकि यह हमें मुख्य रूप से धूप से मिलता है। विटामिन-डी शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है। अगर विटामिन डी की कमी है, तो शरीर कैल्शियम को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता।
- विटामिन डी की कमी से हड्डियां नरम और कमजोर हो जाती हैं। बच्चों में यह रिकेट्स जैसी समस्याओं को बढ़ा देता है।
- यह मांसपेशियों की ताकत को भी प्रभावित करता है, जिससे गिरने और चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है।
- विटामिन-डी की कमी के चलते शरीर कैल्शियम का सही तरीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता जिससे आर्थराइटिस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
कैल्शियम की कमी भी हो सकती है खतरनाक
डॉक्टर कहते हैं, हड्डियों को मजबूत बनाए रखना है तो सिर्फ कैल्शियम वाली चीजें या सप्लीमेंट लेना काफी नहीं है। जरूरी है कि शरीर में विटामिन डी का स्तर भी संतुलित हो। संतुलित डाइट, नियमित धूप और अच्छी जीवनशैली से ही इस संतुलन को बनाए रखा जा सकता है।
शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाए तो इससे हड्डियां तो खोखली होती ही हैं, साथ ही इससे दिल की सेहत पर भी असर पड़ने का खतरा रहता है। लो कैल्शियम के कारण हृदय स्वास्थ्य पर कैसे असर पड़ता है? पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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