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Symptoms of Heat Exhaustion: दिखें ये लक्षण तो समझ लें आप हैं हीट एग्जॉशन के शिकार!
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 23 Apr 2026 04:29 PM IST
सार
Symptoms of Heat Exhaustion: गर्मी के मौसम में हीट एग्जॉशन की समस्या बेहद आम है, लेकिन आज भी इसके लक्षणों के बारे में लोगों को जानकारी नहीं है। यहां हम आपकी इसी बारे में जानकारी देंगे।
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दिखें ये लक्षण तो समझ लें आप हैं हीट एग्जॉशन के शिकार!
- फोटो : AI
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Symptoms of Heat Exhaustion: गर्मी का मौसम आते ही शरीर पर तापमान का असर साफ नजर आने लगता है। तेज धूप, उमस और लगातार बढ़ती गर्मी के कारण हीट एग्जॉशन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह स्थिति तब पैदा होती है जब शरीर अधिक गर्मी सहन नहीं कर पाता और पानी व नमक की कमी होने लगती है।
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- फोटो : Freepik.com
हीट एग्जॉशन के लक्षण
- अत्यधिक पसीना आना
- कमजोरी और थकान महसूस होना
- चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना
- सिर दर्द
- मतली या उल्टी
- ठंडी और नम त्वचा
- तेज या कमजोर नाड़ी
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- फोटो : Adobe stock
हीट एग्जॉशन के कारण
- लंबे समय तक धूप में रहना
- शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
- अधिक शारीरिक मेहनत
- तंग या भारी कपड़े पहनना
- नमक की कमी
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- फोटो : अमर उजाला
बचाव के उपाय
- गर्मी में शरीर से पसीने के रूप में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं। इसलिए सिर्फ प्यास लगने पर ही नहीं, बल्कि नियमित अंतराल पर पानी पीना जरूरी है।
- दिनभर में 8–10 गिलास पानी के साथ-साथ ORS, नींबू पानी या नारियल पानी लेना शरीर को हाइड्रेट रखता है और हीट एग्जॉशन से बचाता है।
- बाहर जाते समय टोपी, दुपट्टा या छाता का इस्तेमाल करने से शरीर को सीधे सूरज की गर्मी से बचाया जा सकता है, जिससे लू लगने का खतरा कम होता है।
- गर्मी में कॉटन जैसे हल्के, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनने चाहिए। ये शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं और पसीने को जल्दी सूखने देते हैं।
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क्या करें जब लक्षण दिखें
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
- जैसे ही चक्कर, कमजोरी या ज्यादा पसीना जैसे लक्षण महसूस हों, तुरंत धूप से हटकर किसी ठंडी या छायादार जगह पर बैठ जाएं।
- ठंडे पानी से नहाना, गीले कपड़े से शरीर पोंछना या माथे पर ठंडी पट्टी रखना काफी असरदार होता है।
- ORS या घर का बना नमक-शक्कर घोल पीने से इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस सही होता है और कमजोरी दूर होती है।
- शरीर को पूरी तरह से रिकवर होने के लिए आराम देना बेहद जरूरी है। ज्यादा चलना-फिरना या काम करना स्थिति को और बिगाड़ सकता है।
- अगर व्यक्ति को बेहोशी, तेज बुखार, उल्टी या भ्रम जैसी गंभीर समस्या हो रही हो, तो यह हीट स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर की मदद लेना जरूरी है, क्योंकि देरी खतरनाक साबित हो सकती है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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