क्या कभी ध्यान दिया है कि आपके हाथ-पैर या चेहरे पर हल्की सूजन आ गई है? हम इसे अक्सर सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर सूजन की ये समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो सावधान हो जाइए, ये गंभीर समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।
Health Alert: शरीर में आ गई है सूजन? कहीं ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं
शरीर में सूजन यानी इंफ्लेमेशन एक नेचुरल प्रोसेस है, जो तब होता है जब आपका इम्यून सिस्टम किसी चोट, संक्रमण या नुकसान के खिलाफ प्रतिक्रिया देता है। लेकिन जब यही सूजन लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकती है।
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शरीर में इंफ्लेमेशन की समस्या को जानिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दिल, किडनी, लिवर या हार्मोन से जुड़ी समस्याओं के कारण भी शरीर में सूजन की दिक्कत हो सकती है। सूजन हमेशा दर्द के साथ नहीं होती, इसलिए लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। ले
किन अगर यह बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह शरीर का अलार्म हो सकता है।
- एडिमा शरीर के टिशू में ज्यादा फ्लूइड जमा होने से होने वाली सूजन है।
- जबकि इन्फ्लेमेशन चोट या जलन प्रति इम्यून सिस्टम का रिस्पॉन्स है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सूजन कई तरह की क्रॉनिक बीमारियों का कारण बन सकती है। इसके कारण मेटाबॉलिक सिंड्रोम की समस्याएं जिसमें टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग और मोटापा जैसी समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है।
कहीं आप भी तो इस समस्या का शिकार नहीं हो गए हैं?
लंबे समय तक रहने वाली सूजन
क्रोनिक यानी लंबे समय तक बने रहने वाले इन्फ्लेमेशन के कई कारण हो सकते हैं।
- सूजन तब होती है जब शरीर को किसी ऐसी चीज का पता चलता है जो वहां नहीं होनी चाहिए। किसी बाहरी चीज के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता के कारण एलर्जी और सूजन हो सकती है।
- कभी-कभी, किसी जलन पैदा करने वाली चीज जैसे रसायनों के लंबे समय तक संपर्क के कारण क्रोनिक इन्फ्लेमेशन हो सकता है।
- ऑटोइम्यून विकार में इम्यून सिस्टम गलती से शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं पर अटैक कर देता है, इससे भी इन्फ्लेमेशन बढ़ जाता है।
कई ऐसी स्थितियां हैं जो आपमें इन्फ्लेमेशन के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं। जैसे बढ़ती उम्र, मोटापा या फिर आहार में गड़बड़ी जैसे फैट और चीनी का अधिक सेवन खतरा बढ़ा देती है। इसी तरह धूम्रपान या तनाव में रहना या नींद से जुड़ी समस्याएं भी कारण हो सकती हैं।
कहीं ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं?
क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन को आमतौर पर कई गंभीर बीमारियों से जोड़कर देखा जाता है।
- गंभीर सूजन एथेरोस्क्लेरोसिस (प्लाक) को बढ़ाने का कारण बन सकती है, जिससे दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
- लगातार सूजन डीएनए को नुकसान पहुंचा सकती है और कैंसर को बढ़ावा दे सकती है।
- जब प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से स्वस्थ ऊतकों पर हमला करती है, तो इससे रुमेटीइड आर्थराइटिस जैसी बीमारियां हो जाती हैं।
- दीर्घकालिक सूजन इंसुलिन प्रतिरोध का कारण बन सकती है, जो टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ाने वाली मानी जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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