दुनियाभर में अब दो देश ही बचे हैं जहां पर पोलिया रोग एंडेमिक स्टेज में बना हुआ है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान उनमें से एक हैं। पाकिस्तान से प्राप्त हो रही जानकारियों के मुताबिक यहां फिर से पोलियो संक्रमण के मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों ने हालिया रिपोर्ट में बताया कि पाकिस्तान के दक्षिणी और पूर्वी प्रांतों में पोलियो के दो नए मामले सामने आए हैं। इसे पोलियो उन्मूलन को लेकर किए जा रहे प्रयासों की दिशा में झटका माना जा रहा है। इससे जनवरी 2025 से लेकर अब तक पाकिस्तान में पोलियो के कुल मामलों की संख्या पाच हो गई है। पिछले साल 2024 में, पाकिस्तान में पोलियो के 74 मामले दर्ज किए गए।
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पाकिस्तान के दक्षिणी और पूर्वी प्रांतों में पोलियो के दो नए मामले सामने आए हैं। इसे पोलियो उन्मूलन को लेकर किए जा रहे प्रयासों की दिशा में झटका माना जा रहा है। यह ताजा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब स्वास्थ्यकर्मी शुक्रवार को ही देश के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान का समापन कर रहे हैं।
पाकिस्तान में सामने आते रहे हैं पोलियो के मामले
पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षो से लगातार पोलियो संक्रमण के मामले रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में, अधिकारियों ने एक सप्ताह के लिए राष्ट्रव्यापी एंटी-पोलियो कैंपेन चलाया था। इस कैंपेन के तहत पांच वर्ष से कम आयु के 44.2 मिलियन (4.42 करोड़) बच्चों का टीकाकरण करना था, जिससे उन्हें इस खतरनाक रोग से बचाया जा सके।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स बताती रही हैं कि अशिक्षा और लोगों में जागरूकता की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग बच्चों को पोलियों की खुराक नहीं पिलाते हैं जिसके कारण यहां ये संक्रामक रोग लगातार जोखिम बढ़ाता रहा है।
एक दशक पहले ही भारत पा चुका है पोलियो पर वजय
भारत ने अपने अथक प्रयासों और व्यापक वैक्सीनेशन कार्यक्रम के जरिए पोलियो से मुक्ति पा ली है। 13 जनवरी 2011 को पश्चिम बंगाल में संक्रमण का आखिरी केस रिपोर्ट किया गया था। इस रोग के प्रति प्रतिरक्षा को बढ़ाने के लिए भारत सरकार 5 साल से कम उम्र के बच्चों को पोलियो की ओरल वैक्सीन मुफ्त देती है।1970-90 के दशक में भारत में पोलिया का भयंकर प्रकोप रहा। 90 के दशक में भारत में पोलियो के मामले दुनिया के कुल केसों के 60% से अधिक था। हालांकि देश में 2 अक्तूबर 1994 को पल्स पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होने के बाद इसमें काफी तेजी से सुधार आया।
पोलियो के कारण लकवा की समस्या
पोलियो रोग, पोलियोमाइलाइटिस नामक वायरस के कारण होता है। यह वायरस संक्रमितों के गले और आंतों में पाया जाता है। संक्रमित व्यक्ति के मल के संपर्क में आने के कारण इसके संक्रमण का खतरा सबसे अधिक होता है, छींक या खांसी से निकलने वाली बूंदों से भी यह दूसरे व्यक्ति में संक्रमण का कारण बन सकता है। इसके लगभग 70 फीसदी मामले एसिम्टोमैटिक या हल्के लक्षणों वाले होते हैं। पोलियो वायरस के संक्रमण की गंभीर स्थितियों में इसका असर रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क पर भी हो सकता है, जिसके कारण संक्रमितों में लकवा होने का जोखिम रहता है।
पोलियो की खुराक नहीं पिला रहे परिजन
एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, क्वेटा प्रशासन ने दो फरवरी को पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने अपने बच्चों को पोलियो का टीका लगवाने से मना कर दिया था। जिला प्रशासन के अनुसार, बार-बार चेतावनी के बावजूद माता-पिता बच्चों को पोलियो की खुराक नहीं पिलाते हैं जिसके कारण देश से पोलियो को खत्म करना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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स्रोत और संदर्भ
Poliomyelitis (polio)
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