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Shardiya Navratri 2022: नवरात्रि के नौ दिन रखना है उपवास, तो अपनाएं ये संतुलित डाइट प्लान

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वाति शैवाल Updated Mon, 26 Sep 2022 08:25 AM IST
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Shardiya Navratri 2022: Make a balance Diet Plan between fasting and celebration
उपवास को संतुलन का मौक़ा बनायें दावत का नहीं - फोटो : vrat ka khana

व्रत, उपवास अपने धार्मिक और पारंपरिक महत्व के साथ ही, सात्विक स्वरूप के लिए भी पहचान रखते हैं। नवरात्रि में कुछ लोग पूरे 9 दिन व्रत रखते हैं तो कुछ शुरू का पहला दिन और आखिरी दिन व्रत रखते हैं। कुछ लोग सिर्फ फलाहार करते हैं तो कुछ एक समय भोजन करते हैं। यह अपने मन के अनुसार तय किया जाता है। लेकिन अक्सर मन के हिसाब से उपवास के प्रकार को तय करते समय लोग तन यानी स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं। नतीजा होता है व्रत के बीच में ही तबियत का बिगड़ जाना और त्योहार के उल्लास पर पानी फिर जाना। 



उपवास रखते समय जरूरी है कि सेहत की ओर भी खास ध्यान दिया जाए। नवरात्रि के नौ दिनों के उपवास को कुछ लोग वेट लॉस या फिटनेस की दृष्टि से भी देखते हैं। ऐसे में जरूरी यह होता है कि आप संतुलित और सही खाने पर ध्यान दें। उपवास आपके शरीर को रूटीन से ब्रेक देने और सेहत को अच्छा बनाने का भी एक तरीका हो सकता है, बशर्ते आप सही तरीके से उपवास करें। तो जानिए इस नवरात्रि कैसे करें उपवास और किन बातों का रखें ध्यान।

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Shardiya Navratri 2022: Make a balance Diet Plan between fasting and celebration
बिगड़ी तबियत का कारण न बने उपवास - फोटो : social media

चुनिए वही जिसमें शरीर साथ दे 

उपवास का महत्व तब ही है जब यह शरीर को स्वस्थ रखने में भूमिका निभाए। शरीर को कष्ट में डालकर, बेमन से या जबरदस्ती भूखा रहना कभी भी उपवास को सार्थक नहीं बना सकता। इसलिए किसी बीमारी, कमजोरी या अन्य स्थिति में उपवास न करें। इससे आपकी सेहत तो बिगड़ेगी ही, मन भी खुश नहीं रहेगा और ईश्वर आराधना का आपका प्रयोजन भी पूरा नहीं होगा। अगर आप डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थाइरॉइड, कोलेस्ट्रॉल, पीसीओडी जैसी समस्याओं के लिए दवाई ले रहे हैं या किसी सर्जरी से गुजरे हैं, गर्भवती हैं या किसी बीमारी से जूझ रहे हैं तो उपवास को लेकर और भी सतर्कता रखना आवश्यक है। भूखे रहने या अनियमित खान-पान से शरीर को आप और भी मुश्किल में डाल सकते हैं। तो अगर शरीर इजाजत न दे तो उपवास न करें। आपका ध्येय ईश्वर की आराधना होना चाहिए न कि ईश्वर द्वारा दिए गए शरीर और जीवन को कष्ट पहुंचाने का। 

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Shardiya Navratri 2022: Make a balance Diet Plan between fasting and celebration
हेल्दी ब्रेकफास्ट से करें शुरुआत - फोटो : pixabay

इस तरह बनाएं रूटीन 

हम भारतीयों के उपवास का आमतौर पर मतलब होता है रोज से अधिक और ज्यादा गरिष्ठ खाना। इस वजह से उपवास हमारी सेहत के लिए और भी बड़ी मुश्किल खड़ी कर देते हैं। आलू, साबूदाना, पूरी, सब्जी, मिठाई और तमाम तरह के डीप फ़्राईड फ़ूड हम उपवास और फलाहार के नाम पर खा जाते हैं। जबकि उपवास का असल मकसद पाचन तंत्र को आराम देने और फलाहार के रूप में सिर्फ फलों को खाने का होता है। ज्यादातर लोग इसे एक शानदार दावत में बदल डालते हैं। इस बार नवरात्रि के नौ दिनों में एक नया रूटीन बनाइए और उसे फॉलो कीजिये, कुछ इस तरह-

नाश्ते की आदत न बदलें- नाश्ता वैसे भी दिनचर्या का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और उपवास में भी इसे जारी रखना चाहिए। इसके लिए आप कई सारे विकल्प चुन सकते हैं। जैसे राजगिरे की लाई (धानी) में दूध डालकर (बिना शकर के), राजगिरे का एक लड्डू, ताजे फल, मूंगफली और गुड़ (एक छोटी कटोरी), दही की लस्सी, गाजर, खीरे का सलाद, आदि। 

Shardiya Navratri 2022: Make a balance Diet Plan between fasting and celebration
तेल-मसाले के अधिक प्रयोग से बचें

लंच समय पर करें

अगर आप पूजन करके ही भोजन करना पसंद करते हैं तो इन नौ दिनों में रोज जल्दी नहाकर पूजन करने का नियम बनायें। इससे आप लंच भी समय पर कर पाएंगे और पूजन के लिए भी पर्याप्त समय मिल पायेगा। लंच में भी दही या छाछ को जरूर शामिल करें। इसके अलावा प्लेट भरकर फल और सलाद भी आपके भोजन का हिस्सा होने चाहिए। साथ में रखें मोरधन या सिघाड़े अथवा कोट्टु के आटे का उपमा या खिचड़ी। फलाहारी आटे की पूरी, पराठा या हलवा खाने की बजाय, इस आटे को घी में सेक कर,भाप और पानी में पका इनका उपमा या कहिये नमकीन हलवा खाएं। इसमें आप फ्लेवर के लिए नीबू, कालीमिर्च, हरा धनिया आदि डाल सकते हैं। आप चाहें तो उबले आलू और मूंगफली दानों के साथ स्टफिंग करके इसी आटे से मोमोज भी बना सकते हैं और उसे दही में डिप करके खा सकते हैं। इसके अलावा साबूदाना और मखाने की खीर, फलाहारी आटे की रोटी और फलाहारी सब्जी (रस वाली) भी खा सकते हैं। बस आपको ज्यादा तली और ज्यादा घी-तेल में बनी चीजें खाने से बचना है। 

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Shardiya Navratri 2022: Make a balance Diet Plan between fasting and celebration
सीमित मात्रा में ड्राय फ्रूट्स हैं अच्छा विकल्प

शाम की चाय और नाश्ता

लंच हमेशा भरपेट करें। लेकिन शाम 6 बजे तक चाय के साथ फिर से थोड़ा नाश्ता करें। इसमें भी आप ताजे फल, थोड़े ड्राय फ्रूट्स, सिके मखाने और थोड़े से मूंगफली दाने और गुड़, भुने आलू के कुछ पीस खा सकते हैं। इस नाश्ते में आपका लक्ष्य रात के हिसाब से शरीर को पोषण देना होता है। इसके बाद रात को कुछ न खाएं, ज्यादा भूख लगे तो गुनगुना दूध पीएं लेकिन सिर्फ एक कप। 

हायड्रेशन का ध्यान- दिनभर के खाने के पोषण के साथ ही बहुत महत्वपूर्ण है शरीर में नमी को भी बनाये रखना। पानी के साथ ही नारियल पानी, छाछ, दूध, नींबू पानी, ग्रीन टी, आदि भी उपयोग में ला सकते हैं। चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स जैसी चीजों का सेवन कम से कम करें। 
यदि आप डायबिटीज या अन्य जीवनशैली संबंधी समस्यायों से पीड़ित हैं तो अपनी दवाइयां समय पर लें और बजाय बाजार की नमकीन और मीठी चीजों के घर पर बना छेना, गुड़पट्टी, तिलपट्टी, ताजा फल, आदि का सेवन करें। 

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