सांस लेने में दिक्कत महसूस करना या कठिन प्रयास के बाद सांस ले पाना गंभीर समस्या भी हो सकती है। जो लोग कुछ समय पहले कोरोना के शिकार होकर स्वस्थ हुए हैं, उनमें भी यह समस्या आम है। लेकिन इसके अलावा और भी कई स्थितियां हैं जो आपकी सांसों की लय को बिगाड़ सकती हैं। सांसों की लय का सही बना रहना स्वस्थ रहने की सबसे बड़ी निशानी है। इसलिए अगर चलने, उठने-बैठने या थोड़ा भी काम करते समय सांस लेने में दिक्कत आये तो हो सकता है आपके शरीर में कोई बड़ी उथल-पुथल चल रही हो। ऐसे में तुरंत सतर्क होकर डॉक्टर से परामर्श लें।
Shortness Of Breath: सांस लेने में आती है कठिनाई, कहीं इस समस्या से ग्रस्त तो नहीं हैं आप?
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सामान्य कारण
ठीक तरह से सांस न ले पाने के पीछे कई बार बहुत सामान्य कारण भी हो सकते हैं। इनमें सामान्य सर्दी-जुकाम के कारण नाक के बंद हो जाने या भरा हुआ होने, बहुत रो लेने या किसी अचानक होने वाली स्थिति से हड़बड़ा जाने या अचानक तेज दौड़ने, एरोबिक्स या अन्य एक्सरसाइज करने से सांसों का असंतुलित होना आदि भी शामिल हो सकता है। ऐसे अधिकांश मामलों में सामान्य उपायों से सांस फिर सामान्य स्तर पर लौट आती है। कई बार तो कुछ देर में स्थिति सामान्य होते ही सांसें भी अपनी लय पर लौट आती हैं, लेकिन यदि बार-बार या लगातार सांस उखड़ने लगती है या बहुत ही सामान्य स्थिति में भी साँसें अनियमित होने लगती हैं तो यह कुछ गंभीर समस्याओं की ओर इशारा हो सकता है। इससे शरीर को नुकसान पहुँच सकता है।
जब शरीर को नहीं मिलती ऑक्सीजन
सांस ठीक से न ले पाने की स्थिति में शरीर के भीतर ऑक्सीजन ठीक तरह से नहीं पहुँच पाती। इसकी वजह से शरीर कई स्तरों पर तकलीफ महसूस करने लगता है। कुछ लोगों को दम घुटने जैसा एहसास होता है, कुछ उलटी आने जैसी स्थिति महसूस करते हैं, कुछ के सीने या शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द हो सकता है, कभी थकान महसूस हो सकती है, तो कुछ को चक्कर आ सकते हैं। असल में ऑक्सीजन का काम केवल सांस लेने तक ही सीमित नहीं होता। फेफड़ों तक पहुंचने के बाद यह पूरे शरीर में रक्त संचरण को सुचारू बनाने, इम्युनिटी बढ़ाने, भोजन को ऊर्जा में बदलने, दिमाग के कामों को सही तरीके से संचालित करने और कोशिकाओं के कार्यों को सुचारू रखने, जैसे हर काम में महत्वपूर्ण योगदान देती है। इसलिए जब ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में शरीर में नहीं पहुंचती, तो हर अंग पर इसका प्रभाव पड़ने लगता है।
ये समस्याएं हो सकती हैं
सांस लेने में दिक्कत से जुडी गंभीर समस्याएं भी विभिन्न अंगों से जुड़ी हो सकती हैं। इनमें मुख्यतः फेफड़े व ह्रदय शामिल हैं। इन समस्याओं में शामिल हो सकती हैं-
लंग्स या फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं:
अस्थमा
निमोनिया
क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज़ (सीओपीडी)
पल्मोनरी एम्बोलिज्म
पल्मोनरी हायपरटेंशन
इपीग्लॉटिस, आदि
हार्ट से जुडी समस्याएं:
कोरोनरी आर्टरी डिसीज
कंजेनिटल हार्ट डिसीज़
अरिदमिया
कंजेस्टिव हार्ट फेलियर, आदि
अन्य समस्याएं
फेफड़ों व ह्रदय के अलावा जिन अन्य समस्याओं या स्थितियों की वजह से सांस लेने में मुश्किल हो सकती है, उनमें से कुछ हैं-
* किसी प्रकार की एलर्जी
* स्ट्रेस या एंग्जायटी
* हायटल हार्निया
* कैमिकल या धुएंयुक्त जगह पर लम्बे समय तक काम करने या रहने से, धूम्रपान से आदि
ये समस्याएं किसी भी उम्र या वर्ग के व्यक्ति को हो सकती हैं। ये धीरे-धीरे भी सामने आ सकती हैं और अचानक भी। यदि बार-बार सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़े या अचानक सांस रूकती सी लगे तो जरूरी है कि तुरंत डॉक्टर की सलाह ली जाए। क्योंकि सांस न ले पाने की स्थिति में शरीर को जितनी देर ऑक्सीजन नहीं मिलती उतनी देर में अंदरूनी स्तर पर शरीर को नुकसान पहुंच सकता है।