कोरोना संक्रमण से मुकाबले के लिए भारत में वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज कर दी गई है। टीकों की बढ़ती मांग को देखते हुए देश में आपातकालीन उपयोग के लिए अब तक 6 वैक्सीन को मंजूरी मिल चुकी है। सात अगस्त को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने अमेरिका की जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी थी। सूत्रों से प्राप्त हो रही जानकारियों के मुताबिक अक्तूबर तक यह वैक्सीन उपयोग के लिए उपलब्ध हो जाएगी। इससे पहले देश में आपातकालीन उपयोग के लिए तीन स्वदेशी वैक्सीन कोवाक्सिन, कोविशील्ड और जाइकोब-डी के साथ रूस की स्पूतनिक-वी तथा अमेरिका की माडर्ना को मंजूरी मिल चुकी है।
जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन: डेल्टा वैरिएंट्स पर प्रभावी, पर इन गंभीर साइड-इफेक्ट्स के बारे में भी जानिए
डेल्टा वैरिएंट्स पर प्रभावी होने का दावा
जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी का दावा है कि यह वैक्सीन दुनियाभर के लिए गंभीर चिंता का कारण बने कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी साबित हो सकती है। कंपनी की ओर से बताया गया है कि क्लीनिकल ट्रायल के तीसरी चरण के परीक्षण में इसे कोरोना संक्रमण के खिलाफ 85 फीसदी तक असरदार पाया गया है। कंपनी का दावा है कि वैक्सीन लेने के एक महीने बाद शरीर में बनी प्रतिरोधक क्षमता कोरोना के गंभीर मामलों और मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती है।
बच्चों पर क्लीनिकल ट्रायल के लिए आवेदन
भारत में आपातकालीन उपयोग के मंजूरी मिलने के बाद कंपनी ने देश में 12-17 साल के बच्चों पर वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के लिए आवेदन किया है। कंपनी का कहना है कि तीसरी चरण के ट्रायल में वैक्सीन 85 फीसदी तक असरदार साबित हुई है, हम बच्चों पर वैक्सीन की परीक्षण करने के लिए अनुमति की मांग कर रहे हैं। फिलहाल इस संबंध में सरकार की तरफ से जवाब का इंतजार है।
जॉनसन एंड जॉनसन के सामने आए हैं गंभीर दुष्प्रभाव
अपनी प्रभाविकता के साथ जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन साइड-इफेक्ट्स को लेकर भी चर्चा में रह चुकी है। इस वैक्सीन को ले चुके की लोगों में गंभीर न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं के मामले सामने आ चुके हैं। इसे बारे में आगाह करते हुए फ़ूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने बताया कि कुछ अध्ययनों में वैक्सीन के साइड-इफेक्ट्स के रूप में लोगों में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम की समस्या देखने को मिली है। यह गंभीर और दुर्लभ समस्या लोगों में लकवा का कारण बन सकती है। हालांकि इसके खतरे को जानने के लिए वैज्ञानिक तमाम स्तरों पर अध्ययन कर रहे हैं।
वैक्सीन के अन्य दुष्प्रभाव
एफडीए के मुताबिक दुर्लभ गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के अलावा जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन के कारण लोगों को इंजेक्शन वाले हिस्से में दर्द, सिरदर्द, थकान, और मांसपेशियों में दर्द और हल्के बुखार की समस्या हो सकती है। यह सभी लक्षण सामान्यत: एक से दो दिनों में स्वत: ठीक हो जाते हैं। वैक्सीन के प्रभावों के बारे में जानने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं।
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नोट: यह लेख तमाम मीडिया रिपोर्टस और अध्ययनों के आधार पर तैयार किया गया है।
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