हाई ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसका खतरा लगभग सभी उम्र के लोगों में देखा जा रहा है। इसे हृदय रोगों, जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक की समस्या का भी प्रमुख कारण माना जाता रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए प्रयास करते रहने चाहिए।
Heart Health: हाई ब्लड प्रेशर से बचना है तो कम करिए सोडियम, बढ़ाइए पोटेशियम की मात्रा, जानिए कैसे प्राप्त करें
सोडियम को करें कम, पोटेशियम की बढ़ाएं मात्रा
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक आहार में सोडियम की मात्रा को कम करने और पोटेशियम को बढ़ाने से आपको लाभ हो सकता है। आप जितना अधिक पोटेशियम वाली चीजें खाते हैं, उतना अधिक सोडियम आपके मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर होता है। इसके अलावा पोटेशियम आपकी रक्त वाहिका की दीवारों में तनाव को कम करने में भी मदद करता है, जिससे रक्तचाप को और कम करने में मदद मिल सकती है।
120/80 मिमी एचजी से ऊपर रक्तचाप वाले वयस्कों को आहार के माध्यम से रोजाना पोटेशियम प्राप्त करने की सलाह दी जाती है, ये आपको हृदय रोगों के खतरे से भी बचाने वाली हो सकती है।
आहार से प्राप्त करें पोटेशियम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, 18-50 वर्ष की आयु के पुरुषों के लिए रोजाना 3,400 मिलीग्राम और महिलाओं के लिए 2,600 मिलीग्राम पोटेशियम लेने की सलाह दी जाती है। डैश डाइट वाली चीजें, जैसे आहार में फल, सब्जियां, लो फैट वाली चीजें, डेयरी उत्पाद और मछली में प्राकृतिक रूप से पोटेशियम की अधिकता होती है।
आप केले के सेवन से भी शरीर के लिए इस पोषक तत्व की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। एक मध्यम आकार के केले में लगभग 226 मिलीग्राम पोटेशियम होता है, ये ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए सबसे लाभकारी है।
पोटेशियम की लिए किन चीजों का करें सेवन
आहार विशेषज्ञ बताते हैं, दैनिक आहार की कई चीजों से आसानी से पोटेशियम की पूर्ति की जा सकती है। पत्तेदार सब्जियां, फलियां, नट्स, डेयरी उत्पाद से आसानी से इसे प्राप्त किया जा सकता है। सूखे मेवे (किशमिश, खुबानी), दाल, आलू, पालक और ब्रोकली के साथ एवोकाडो भी आपके लिए इस पोषक तत्व की आवश्यकताओं की आसानी से पूर्ति करने में सहायक हैं।
सभी लोगों को अपने आहार में इन चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए।
हृदय रोगों का बढ़ता जोखिम होगा कम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आहार में पोटेशियम वाली चीजों की मात्रा को बढ़ाकर कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। बढ़ते हृदय रोगों के खतरे से बचाने में भी इसके लाभ हो सकते हैं। हालांकि ध्यान रखें कि बहुत अधिक मात्रा में इसका सेवन करना भी नुकसानदायक हो सकता है।
बहुत अधिक मात्रा में पोटेशियम के कारण मतली-उल्टी, पल्स रेट में अनियमितता, सांस की समस्या होने और पेट की दिक्कतों के बढ़ने का भी खतरा हो सकता है। इसलिए इसका संयमित मात्रा में ही सेवन किया जाना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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