डेमेंशिया, दुनियाभर में तेजी से बढ़ती गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इस बीमारी के कारण लोगों में कमजोर याददाश्त, भाषा को समझने, समस्याओं का समाधान कर पाने और सोचने की क्षमता से संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं। यह समस्या व्यक्ति के सामान्य जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर देती हैं। । विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में दुनिया भर में 55 मिलियन (5.5 करोड़) से अधिक लोग डेमेंशिया के शिकार हैं, इतना ही नहीं हर साल इस रोग के लगभग 10 मिलियन (1 करोड़) नए मामले सामने आ रहे हैं।
जानना जरूरी: इन स्थितियों में भी हो सकते हैं डेमेंशिया जैसे ही लक्षण, न हों भ्रमित
मानसिक रोग विशेषज्ञों के मुताबिक डेमेंशिया मुख्यरूप से याददाश्त की समस्याओं की बीमारी है, पर अकेल याददाश्त की समस्याओं को ही डेमेंशिया मान लेना सही नहीं है। अल्जाइमर रोग को वृद्ध लोगों में प्रगतिशील डेमेंशिया का सबसे आम कारण माना जाता है, लेकिन डेमेंशिया के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। जिन लोगों को डेमेंशिया की समस्या होती है उनमें कई तरह के लक्षण देखे जा सकते हैं।
- याददाश्त की समस्या
- एक ही सवाल को बार-बार पूछना
- शब्दों को समझने या बोलने में कठिनाई
- अक्सर चिंतत या भ्रमित रहना।
- योजना बनाने और कार्यों को करने में कठिनाई
- मनोदशा में अचानक बदलाव आ जाना।
- व्यवहार में परिवर्तन
- नींद से संबंधी परेशानियां
ब्रेन ट्यूमर की समस्या
मस्तिष्क में ट्यूमर की समस्या को काफी गंभीर माना जाता है। मस्तिष्क में ट्यूमर के स्थान के आधार पर रोगियों में व्यक्तित्व परिवर्तन और डेमेंशिया की तरह कई लक्षण नजर आ सकते हैं। ऐसे रोगियों को भी याददाश्त और नींद की समस्याओं के साथ चीजों को समझने में दिक्कतों का अनुभव हो सकता है। वृद्ध वयस्कों में ट्यूमर के मामले ज्यादा देखने को मिल सकते हैं।
ऐसे में इस बारे में डॉक्टर से राय लेना काफी आवश्यक हो जाता है।
विटामिन बी12 की कमी
विटामिन बी12 शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों में से एक है जो हमारे तंत्रिका कोशिकाओं को स्वस्थ रखने और मेगालोब्लास्टिक एनीमिया को रोकने में मदद करता है। इस पोषक तत्व की कमी के कारण लोगों को अवसाद, चिड़चिड़ापन, धुंधला दिखाई देने, भूलने की बीमारी और एकाग्रता की कमी जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को डेमेंशिया मान लेना सही नहीं है। इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेना चाहिए। अंडे, मांस और मछली जैसे पशु-आधारित खाद्य उत्पादों में विटामिन बी-12 अधिक पाया जाता है, ऐसे में ज्यादातर शाकाहारी लोगों में इस पोषक तत्व की कमी हो सकती है।
सिर में लगी चोट
दुर्घटनाओं या गिर जाने के कारण किसी भी प्रकार की सिर की चोट में भी लोगों को डेमेंशिया की तरह लक्षणों का अनुभव हो सकता है। ऐसे लोगों को याददाश्त की समस्या, दिमाग के धीमे चलने, समस्याओं को हल करने में कठिनाई, एकाग्रता न बना पाने और सुस्ती जैसे दिक्कतें हो सकती हैं। सिर में लगी किसी भी तरह की चोट को हल्के में नहीं लेना चाहिए, अनुपचारित स्थिति में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
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नोट: यह लेख तमाम मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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