फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Sonam Wangchuk: भूख हड़ताल के बाद अचानक खाने से हो सकता है रीफीडिंग सिंड्रोम का खतरा, जानिए क्या सावधानी बरतें

Fri, 24 Jul 2026 03:30 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 24 Jul 2026 03:30 PM IST
सार

 लंबे समय तक भूखे रहने के बाद भोजन की शुरुआत धीरे-धीरे, नियंत्रित मात्रा में और चिकित्सकीय निगरानी में ही करनी चाहिए। सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म होने के बाद लोगों के मन में खान-पान को लेकर कई तरह के सवाल हैं। आइए इस बारे में जान लेते हैं।

विज्ञापन
sonam wangchuk ends hunger strike what precautions should be taken after long fasting
लंबे समय भूखे रहने के बाद खाने से क्या होता है? - फोटो : Amarujala.com/AI

सरकार से मांगें पूरी होने का आश्वासन मिलने के बाद लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को अनशन समाप्त किया। सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए सोनम वांगचुक ने लिखा, अभी कुछ देर पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने 26 दिनों बाद अपना उपवास तोड़ा।



सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने बताया था कि आखिर लंबे समय तक बिना भोजन के रहने से शरीर पर क्या असर पड़ता है? भूख हड़ताल खत्म होने के बाद अब बड़ा सवाल ये है कि लंबे समय तक कुछ न खाने के बाद भोजन को लेकर क्या सावधानियां बरतनी जरूरी हैं? 

जब हम लंबे समय तक व्रत या  भूख हड़ताल पर होते हैं, तो इस दौरान शरीर के भीतर एक जंग जैसी चल रही होती है। शरीर धीरे-धीरे अपने ऊर्जा भंडार को खत्म करता है, मांसपेशियों को तोड़कर ऊर्जा बनाता है। इस दौरान मेटाबॉलिज्म की रफ्तार भी धीमी हो जाती है। लेकिन जब हम दोबारा खाना शुरू करते हैं तो शरीर को फिर से अपनी पुरानी गतिविधियों को प्राप्त करने में वक्त लगता है।

ऐसे में व्रत या भूख हड़ताल खत्म करने के दौरान खान-पान को लेकर सावधानी बरतनी जरूरी हो जाती है।

sonam wangchuk ends hunger strike what precautions should be taken after long fasting
सोनम वांगचुक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

लंबे समय बाद खाने से शरीर पर असर

आहार विशेषज्ञ कहते हैं, कई दिनों तक भूखे रहने के बाद अचानक सामान्य मात्रा में भोजन करना भी आपके लिए मुसीबतें बढ़ाने वाला हो सकता है। यही वजह है कि अस्पतालों में लंबे समय तक उपवास या कुपोषण के बाद मरीजों को विशेष मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत धीरे-धीरे भोजन दिया जाता है। लंबे समय तक भूखे रहने के बाद भोजन की शुरुआत धीरे-धीरे, नियंत्रित मात्रा में और चिकित्सकीय निगरानी में  की जानी चाहिए। 
 

  • अमर उजाला से बातचीत में डायटीशियन रमा त्यागी कहती हैं, लंबे व्रत के बाद  शरीर को दोबारा सामान्य स्थितियों में लाने के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। 
  • लंबे उपवास के बाद शरीर की इंसुलिन प्रतिक्रिया बदल जाती है, इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है।
  • कुछ मामलों में रीफीडिंग सिंड्रोम जैसी समस्याओं का भी खतरा रहता है।
sonam wangchuk ends hunger strike what precautions should be taken after long fasting
रीफीडिंग सिंड्रोम की समस्या - फोटो : Freepik.com

रीफीडिंग सिंड्रोम की समस्या

डायटीशियन कहती हैं, लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर स्टार्वेशन मोड में पहुंच जाता है। यदि ऐसे व्यक्ति को अचानक अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट या भारी भोजन दे दिया जाए तो इंसुलिन तेजी से बढ़ता है। इसके कारण कमजोरी, सांस लेने में कठिनाई, अनियमित धड़कन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे रीफीडिंग सिंड्रोम का खतरा रहता है। 
 

  • रीफीडिंग सिंड्रोम एक गंभीर मेटाबॉलिक स्थिति है, जो लंबे समय तक भूखे रहने या कुपोषण के बाद अचानक भोजन शुरू करने पर होता है। 
  • लंबे उपवास के दौरान शरीर ऊर्जा के लिए फैट और प्रोटीन का उपयोग करता है। 
  • जैसे ही बड़ी मात्रा में आप कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाते है, इंसुलिन तेजी से बढ़ता है और कोशिकाएं ग्लूकोज के साथ फॉस्फेट, पोटैशियम और मैग्नीशियम को भी तेजी से अंदर खींच लेती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
sonam wangchuk ends hunger strike what precautions should be taken after long fasting
डायबिटीज-बीपी पर रखें ध्यान - फोटो : Freepik.com

लंबे उपवास के बाद खाना शुरू करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? 

विशेषज्ञों के अनुसार लंबे उपवास के बाद पहला उद्देश्य पेट भरना नहीं बल्कि शरीर को सुरक्षित रूप से सामान्य स्थिति में लाना होता है। 

  • इसलिए भोजन कम मात्रा में, धीरे-धीरे और कई हिस्सों में लेना चाहिए है। 
  • शुरुआत हल्के, आसानी से पचने वाले भोजन से की जाती है। 
  • पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है। 
  • यदि व्यक्ति कई दिनों तक भूखा रहा हो तो डॉक्टर पहले कुछ न्यूट्रिशन सप्लीमेंट्स भी दे सकते हैं।


पहले दिन हाई कैलोरी, मिठाई, तला-भुना या अत्यधिक कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन नहीं देना चाहिए। मरीज के ब्लड प्रेशर, वजन, ब्लड शुगर और इलेक्ट्रोलाइट्स पर भी निगरानी जरूरी है।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed