लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी ने हृदय स्वास्थ्य को काफी गंभीर नुकसान पहुंचाया है। कम उम्र वाले भी अब इसका तेजी से शिकार होते जा रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि हार्ट को हेल्दी रखने के लिए ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल पर ध्यान देते रहना जरूरी है। पर क्या आप जानते हैं कि दिल की सेहत ठीक रखने के लिए हार्ट रेट पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए?
Heart Rate: दिल की धड़कन अक्सर रहती है 100 से ऊपर? कहीं ये खतरे की घंटी तो नहीं
स्वस्थ वयस्कों में आराम की स्थिति में सामान्य हार्ट रेट आमतौर पर 60 से 100 धड़कन प्रति मिनट मानी जाती है। वहीं लगातार 100 से अधिक की हार्ट रेट को टैकीकार्डिया कहा जाता है, जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
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पहले जान लीजिए हार्ट रेट होता क्या है?
डॉक्टर बताते हैं, हार्ट रेट का मतलब है कि आपका दिल एक मिनट में कितनी बार धड़कता है?
व्यक्ति की उम्र, शारीरिक गतिविधि, तनाव और स्वास्थ्य स्थितियों के अनुसार दिल की धड़कन कम या ज्यादा हो सकती है। आमतौर पर आराम करते समय हार्ट रेट कम होती है, जबकि व्यायाम, दौड़ने या भावनात्मक तनाव के दौरान यह बढ़ जाती है।
डॉक्टर हार्ट रेट को व्यक्ति के हृदय और संपूर्ण स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेत भी मानते हैं।
बढ़ी तो नहीं रहती दिल की धड़कन?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते है, आराम की स्थिति में सामान्य हार्ट रेट आमतौर पर 60 से 100 धड़कन प्रति मिनट मानी जाती है। हालांकि कुछ स्थितियों में ये बढ़ सकता है।
- दौड़ने, सीढ़ियां चढ़ने, व्यायाम करने, डर या घबराहट होने पर शरीर को अधिक ऑक्सीजन की जरूरत होती है। ऐसे में दिल तेजी से धड़कता है ताकि मांसपेशियों तक पर्याप्त रक्त पहुंच सके।
- हालांकि अगर आपके दिल की धड़कन अक्सर बढ़ी रहती है, आराम की स्थिति में भी हार्ट रेट लगातार सामान्य से अधिक रहता है तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए।
- दिल की धड़कन बढ़ने के अलावा सीने में दर्द, चक्कर आने, सांस फूलना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
कैसे जानें कितना है आपका हार्ट रेट?
डॉक्टर बताते हैं, हार्ट रेट चेक करना बहुत आसान है।
- हार्ट रेट जानने के लिए कलाई या गर्दन की नाड़ी को महसूस करके 60 सेकंड तक गिनें।
- इसके अलावा स्मार्टवॉच, फिटनेस बैंड, पल्स ऑक्सीमीटर या इलेक्ट्रॉनिक हार्ट रेट मॉनिटर से भी इसे मापा जा सकता है।
- यदि आराम की स्थिति में लगातार हार्ट रेट 100 से अधिक रहती है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
हार्ट रेट क्यों बढ़ जाता है, कैसे कंट्रोल करें?
व्यायाम, तेज दौड़ने, डर-चिंता या तनाव जैसी स्थितियों में शरीर एड्रेनालिन हार्मोन रिलीज करता है, जिससे दिल तेजी से धड़कने लगता है।
- इसके अलावा बुखार, डिहाइड्रेशन, एनीमिया, अत्यधिक कैफीन, धूम्रपान-शराब और कुछ दवाएं भी हार्ट रेट बढ़ा सकती हैं।
- इसके अलावा यदि हृदय की विद्युत प्रणाली में गड़बड़ी हो जाए, तो भी दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है।
हार्ट रेट को सामान्य बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम, अच्छी नींद और तनाव को कंट्रोल करना बेहद जरूरी हैं। अगर दिल की धड़कन बढ़ी रहती है तो कैफीन, धूम्रपान और शराब से दूरी बना लें।शरीर में पानी की कमी न होने दें और संतुलित आहार लें।
यदि तनाव के कारण धड़कन बढ़ती है, तो गहरी सांस लेने के व्यायाम, योग और ध्यान लाभदायक हो सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।