सरकार से मांगें पूरी होने का आश्वासन मिलने के बाद लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को अनशन समाप्त किया। सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए सोनम वांगचुक ने लिखा, अभी कुछ देर पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने 26 दिनों बाद अपना उपवास तोड़ा।
Sonam Wangchuk: भूख हड़ताल के बाद अचानक खाने से हो सकता है रीफीडिंग सिंड्रोम का खतरा, जानिए क्या सावधानी बरतें
लंबे समय तक भूखे रहने के बाद भोजन की शुरुआत धीरे-धीरे, नियंत्रित मात्रा में और चिकित्सकीय निगरानी में ही करनी चाहिए। सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म होने के बाद लोगों के मन में खान-पान को लेकर कई तरह के सवाल हैं। आइए इस बारे में जान लेते हैं।
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लंबे समय बाद खाने से शरीर पर असर
आहार विशेषज्ञ कहते हैं, कई दिनों तक भूखे रहने के बाद अचानक सामान्य मात्रा में भोजन करना भी आपके लिए मुसीबतें बढ़ाने वाला हो सकता है। यही वजह है कि अस्पतालों में लंबे समय तक उपवास या कुपोषण के बाद मरीजों को विशेष मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत धीरे-धीरे भोजन दिया जाता है। लंबे समय तक भूखे रहने के बाद भोजन की शुरुआत धीरे-धीरे, नियंत्रित मात्रा में और चिकित्सकीय निगरानी में की जानी चाहिए।
- अमर उजाला से बातचीत में डायटीशियन रमा त्यागी कहती हैं, लंबे व्रत के बाद शरीर को दोबारा सामान्य स्थितियों में लाने के लिए सावधानी बरतना जरूरी है।
- लंबे उपवास के बाद शरीर की इंसुलिन प्रतिक्रिया बदल जाती है, इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है।
- कुछ मामलों में रीफीडिंग सिंड्रोम जैसी समस्याओं का भी खतरा रहता है।
रीफीडिंग सिंड्रोम की समस्या
डायटीशियन कहती हैं, लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर स्टार्वेशन मोड में पहुंच जाता है। यदि ऐसे व्यक्ति को अचानक अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट या भारी भोजन दे दिया जाए तो इंसुलिन तेजी से बढ़ता है। इसके कारण कमजोरी, सांस लेने में कठिनाई, अनियमित धड़कन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे रीफीडिंग सिंड्रोम का खतरा रहता है।
- रीफीडिंग सिंड्रोम एक गंभीर मेटाबॉलिक स्थिति है, जो लंबे समय तक भूखे रहने या कुपोषण के बाद अचानक भोजन शुरू करने पर होता है।
- लंबे उपवास के दौरान शरीर ऊर्जा के लिए फैट और प्रोटीन का उपयोग करता है।
- जैसे ही बड़ी मात्रा में आप कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाते है, इंसुलिन तेजी से बढ़ता है और कोशिकाएं ग्लूकोज के साथ फॉस्फेट, पोटैशियम और मैग्नीशियम को भी तेजी से अंदर खींच लेती हैं।
लंबे उपवास के बाद खाना शुरू करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार लंबे उपवास के बाद पहला उद्देश्य पेट भरना नहीं बल्कि शरीर को सुरक्षित रूप से सामान्य स्थिति में लाना होता है।
- इसलिए भोजन कम मात्रा में, धीरे-धीरे और कई हिस्सों में लेना चाहिए है।
- शुरुआत हल्के, आसानी से पचने वाले भोजन से की जाती है।
- पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है।
- यदि व्यक्ति कई दिनों तक भूखा रहा हो तो डॉक्टर पहले कुछ न्यूट्रिशन सप्लीमेंट्स भी दे सकते हैं।
पहले दिन हाई कैलोरी, मिठाई, तला-भुना या अत्यधिक कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन नहीं देना चाहिए। मरीज के ब्लड प्रेशर, वजन, ब्लड शुगर और इलेक्ट्रोलाइट्स पर भी निगरानी जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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