हमारे आस-पास हजारों कीट-पतंगे रहती हैं, कुछ को तो हम आसानी से देख लेते हैं जबकि कुछ इतने छोटे होते हैं कि नजर तक नहीं आते। मच्छर-मक्खी, टिक्स जैसी कीटों के काटने से हमें खुजली या एलर्जी हो सकती है। आमतौर पर ये दिक्कतें खुद से ही ठीक भी हो जाती हैं, वहीं कुछ कीटों के कारण गंभीर एलर्जी और खुजली तक का खतरा भी हो सकता है।
Insects Bite: कीड़ों का काटना कितना खतरनाक, मकड़ी काट ले तो क्या होता है? यहां जानिए सबकुछ विस्तार से
कीटों के काटने को अक्सर लोग सामान्य खुजली या एलर्जी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई कीट गंभीर संक्रामक बीमारियों का कारण हो सकते हैं।
कीटों के काटने से मंकीपॉक्स का खतरा
हाल ही में अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने देश के कुछ हिस्सों में फैली मंकी फीवर बीमारी के बारे में जानकारी दी थी। क्यासानूर फॉरेस्ट डिजीज या मंकी फीवर भी मुख्य रूप से टिक (किलनी) के काटने से फैलने वाली बीमारी है। कर्नाटक के क्यासानूर जंगल क्षेत्र इसके मामले सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जाते रहे हैं।
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि घर की दीवारों पर चिपकी मकड़ियां आमतौर पर खतरनाक नहीं होती हैं, पर मकड़ियों की कुछ प्रजातियां अगर आपको काट लें तो इससे कई तरह की न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का खतरा हो सकता है।
मकड़ी काट ले तो क्या होता है?
अधिकांश मकड़ियां इंसानों के लिए हानिकारक नहीं होतीं। हालांकि ब्लैक विडो जैसी मकड़ियों का जहर न्यूरोटॉक्सिक होता है, जो नसों को प्रभावित करता है और मांसपेशियों में तीव्र ऐंठन, पेट दर्द और पसीना ला सकता है।
अमेरिका में इंसानों के लिए खतरनाक मकड़ियों में ब्राउन रिक्लूज शामिल है, जिसके जहर में एक ऐसा तत्व होता है जो शरीर के ऊतकों को नष्ट कर देता है। वहीं ब्लैक विडो मकड़ी में एक खास न्यूरोटॉक्सिन होता है जो तंत्रिका कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है।
मकड़ियों के काटने से होने वाली दिक्कतें
मकड़ियों पर लंबे समय तक शोध करने वाले एलेक्जेंड्रा सुंडमैन कहते हैं हमारी रिसर्च से मकड़ी के काटने के नए उपचार विकसित करने के लिए नए साक्ष्य मिले हैं।
- रिक्लूज के काटने से निकलने वाले विष में मौजूद एंजाइम कुछ रासायनिक प्रतिक्रियाओं को तेज करता है।
- इसका जहर कोशिकाओं की सतह से बाइंड हो जाता है और ऊतकों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है।
- इसका जहर मनुष्यों में नेक्रोसिस का कारण बन सकता हैं, इसमें शरीर के ऊतकों के डैमेज होने का खतरा हो सकता है।
- आमतौर पर लकड़ी के ढेर, बेसमेंट और कार्डबोर्ड के डिब्बों जैसी अंधेरी, शांत और सूखी जगहों पर ये मकड़ियां पाई जाती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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