Rising Temperature Health Effects: साल-दर साल बढ़ती गर्मी-तापमान ने स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा कर दी हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि इसके अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के स्वास्थ्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं जिसको लेकर सभी लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता होती है।
Alert: लगातार बढ़ता तापमान और गर्मी हो सकती है जानलेवा, महिलाओं में कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ा; शोध में दावा
साल-दर साल बढ़ती गर्मी-तापमान ने स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा कर दी हैं। इसी से संबंधित एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि लगातार बढ़ते तापमान ने महिलाओं में कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ा है।
बढ़ते तापमान और कैंसर का संबंध
पहले के रिपोर्ट्स में हमने बढ़ते तापमान के कारण किडनी, ब्लड प्रेशर और हार्ट की बीमारियों के जोखिमों के बारे में बताया था।
इसी क्रम में एक हालिया अध्ययन में इसे महिलाओं में कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाला भी बताया गया है। शोधकर्ताओं ने बताया कि बढ़ता तापमान स्तन, अंडाशय, गर्भाशय और सर्वाइकल कैंसर के जोखिमों को बढ़ाने वाला हो सकता है। अमेरिकन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों इसका खुलासा किया है।
अध्ययन में क्या पता चला?
शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए मध्य पूर्व और उत्तर अफ्रीका के 17 देशों जैसे इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, सऊदी अरब, सीरिया, ट्यूनीशिया, संयुक्त अरब अमीरात और फिलिस्तीन जैसे देशों को शामिल किया। इन देशों में तापमान में तेजी से हो रही बढ़ोतरी के कारण इन्हें जलवायु परिवर्तन के प्रति सबसे संवेदनशील माना गया है।
2050 तक इन देशों में तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। शोधकर्ताओं ने इन देशों में 1998 से 2019 के बीच महिलाओं में कैंसर के मामलों और तापमान में आए बदलाव का विश्लेषण किया।
कैंसर के मामले और मौतों में बढ़ोतरी
फ्रंटियर्स इन पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार जैसे-जैसे तापमान बढ़ा, वैसे-वैसे कैंसर के मामलों और मौतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। कैंसर के मामलों की तरह ही इससे होने वाली मौतों में भी चिंताजनक इजाफा दर्ज हुआ है।
तापमान में हर डिग्री की वृद्धि के साथ कैंसर से मौतों का आंकड़ा प्रति लाख महिलाओं में 171 से बढ़कर 332 तक पहुंच गया। अध्ययन के अनुसार कतर, बहरीन, जॉर्डन, सऊदी अरब, यूएई और सीरिया जैसे देशों में कैंसर के मामलों और मौतों में सबसे तेज बढ़ोतरी देखी गई। उदाहरण के लिए कतर में हर डिग्री तापमान वृद्धि के साथ स्तन कैंसर के मामले प्रति लाख महिलाओं में 560 तक बढ़े, जबकि बहरीन में यह संख्या 330 रही।
बढ़ते तापमान के और भी कई दुष्प्रभाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सूर्य की रोशनी हमारे लिए जरूरी तो है पर इसके अधिक संपर्क में रहने के कारण भी कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। धूप में ज्यादा देर तक रहना विशेषतौर पर अधिक तापमान की स्थिति कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का भी कारण हो सकती है। गर्मी के दिनों में बाहर बहुत अधिक समय बिताने से त्वचा कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है, ये ऑटोइम्यून बीमारियों के लिए भी जोखिम कारक हो सकती है।
हीटवेव का आपकी किडनी पर भी नकारात्मक असर हो सकता है, वहीं जिन लोगों को पहले से ही किडनी की दिक्कत है उन्हें और भी सावधान रहना चाहिए। अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहने वाले लोगों में इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन, किडनी इंजरी होने या किडनी में पथरी होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
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स्रोत
Global warming could be driving up women’s cancer risk
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