अगस्त-सितंबर का यह समय देश में कई प्रकार की मौसमी बीमारियों के खतरे वाला होता है, विशेषकर इस मौसम में मच्छर जनित बीमारियों का जोखिम कई गुना तक अधिक हो सकता है। मानसून के इस मौसम में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी कई घातक बीमारियां तेजी से बढ़ जाती हैं, हर साल इसके कारण हजारों लोगों की जान जाती है।
Health Tips: डेंगू की भी हो चुकी है शुरुआत, कहीं आप भी न हो जाएं शिकार, बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
मच्छरों को पनपने से रोकें
डेंगू या फिर मच्छरों के काटने से होने वाली अन्य किसी भी तरह की बीमारी से बचे रहने के लिए सबसे आवश्यक है कि मच्छरों को पनपने ही न दिया जाए। विशेषज्ञ बताते हैं, डेंगू के मच्छर साफ और स्थिर पाने में पनपते हैं, ऐसे में यदि घर पर या आसपास कहीं भी पानी जमा हो रहा है तो उसपर ध्यान दें। डेंगू के मच्छर ज्यादातर दिन के समय में काटते हैं ऐसे में इनके काटने से बचने के लिए क्रीम या फिर अन्य मच्छरों को भगाने वाले उपाय जरूर किए जाने चाहिए।
पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें
मच्छरों के काटने से बचने के लिए पूरी बाजू वाले कपड़े पहनना बेहतर विकल्प माना जाता है। इस तरह के सुरक्षात्मक उपायों को विशेष रूप से डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में किया जाना बहुत आवश्यक हो जाता है। यदि रात में मच्छरों के काटने का खतरा रहता है तो सोने के लिए मच्छरदानी को प्रयोग में लाना चाहिए। मच्छरों के काटने से बचाव के लिए यह बहुत आवश्यक है।
मच्छर भगाने वाली दवाओं का उपयोग
डेंगू के खतरे को कम करने के लिए आप मच्छर भगाने वाली दवाओं, स्प्रे या रैकेट को भी प्रयोग में ला सकते हैं। यदि आपके घर के पास अस्वच्छता है तो इन बातों का ध्यान रखना और भी आवश्यक हो जाता है। बच्चों को स्कूल भेजते समय मॉस्किटो पैच, बैंड या त्वचा पर क्रीम लगाकर भेजें जिससे उन्हें मच्छरों के काटने से बचाया जा सके।
लक्षणों का समय पर पहचान जरूरी
डेंगू के खतरे को ध्यान में रखते हुए इससे बचाव के लिए उपाय करते रहना जरूरी हो जाता है। यदि आपको डेंगू हो जाता है तो समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर डॉक्टर से मिलें, ऐसा करके आप रोग की गंभीरता से बचाव कर सकते हैं। यदि आपको लगातार 2-3 दिनों से मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द आंखों के पीछे दर्द, मतली और उल्टी, सरदर्द, कमजोरी या फिर शौच के साथ खून आने जैसी समस्या हो रही हो तो इस बारे में तुरंत किसी विशेषज्ञ से मिलें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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