Medically Reviewed by Dr. Sandeep Khasa
डिग्री - एम.बी.बी.एस
आज के समय में दिल की बीमारी एक बड़ी समस्या बन गई है, खासकर भारत में। पहले यह गंभीर बीमारी ज्यादातर बुजुर्गों में ही देखने को मिलती थी, लेकिन अब यह बड़ी संख्या में युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रही है। भारत के युवाओं में दूसरे देशों के मुकाबले दिल की बीमारी का खतरा ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका के एक रिसर्च जर्नल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2015 तक भारत में 6.2 करोड़ लोगों को दिल से जुड़ी बीमारी हुई और इसमें से करीब 2.3 करोड़ लोगों की उम्र 40 साल से कम है। यह वाकई में डराने वाला आंकड़ा है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड का मानना है कि अस्वस्थ जीवनशैली की वजह से पांच में से चार वयस्कों की उम्र कम हो जाती है और वो तरह-तरह की बीमारियों का शिकार हो जाते हैं, जिसमें दिल की बीमारियां भी शामिल हैं। इसीलिए डॉक्टर लोगों को अच्छा खानपान रखने और फिट रहने की सलाह देते हैं। आइए जानते हैं दिल की बीमारियों का खतरा कम करने के लिए रोजाना कौन-कौन से जरूरी काम करने चाहिए?
आज का हेल्थ टिप्स: रोजाना जरूर करें ये पांच काम, दिल की बीमारियों का खतरा होगा दूर
फाइबर से भरपूर डाइट लें
- दिल को स्वस्थ रखने के लिए आप अपने आहार में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें, जैसे ओट्स, बाजरा, दाल, ब्रोकली, बीन्स (राजमा, लोबिया, सोयाबीन), मटर। ये फाइबर से भरपूर होते हैं। दरअसल, फाइबर को कम कोलेस्ट्रॉल के लिए जाना जाता है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम करता है।
वजन को नियंत्रण में रखें
- वजन अगर बहुत ज्यादा बढ़ जाए तो यह सिर्फ दिल की बीमारी ही नहीं, बल्कि स्ट्रोक और डायबिटीज का खतरा भी बढ़ा देता है। इसलिए वजन को नियंत्रण में रखें। इससे दिल की बीमारियों का खतरा भी कम होगा और ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहेगा।
रोजाना व्यायाम करें
- दिल को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना कम से कम आधे घंटे तक व्यायाम जरूर करें। आप इसे अपनी मर्जी से यानी क्षमता के अनुसार घटा-बढ़ा भी सकते हैं। अगर आप ऑफिस जाते हैं तो यह जरूरी है कि लंच के बाद कुछ देर के लिए टहलें। इससे कई तरह की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।
अच्छी नींद लें
- रोजाना एक अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी होता है। इससे न सिर्फ दिल की बीमारी, बल्कि हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, डायबिटीज और स्लीप डिसऑर्डर का खतरा भी कम हो जाता है। इसके अलावा दिल को स्वस्थ रखने के लिए तनाव से दूर रहना भी जरूरी है।
नोट: डॉ. संदीप खसा एक अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञ हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में सेवारत हैं। इन्होंने रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसी के साथ इन्होंने संजय गांधी पोस्टग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज से कार्डियोलॉजी में डॉ.ेट ऑफ मेडिसिन भी पूरा किया है। डॉ. संदीप खासा को गुरुग्राम के मेडिऑर अस्पताल में सलाहकार के रूप में काम करने का अनुभव भी है। इसके अलावा इनको गुरुग्राम के फोर्टिस में एसोसिएट कंसल्टेंट के तौर पर भी काम करने का अनुभव भी है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।