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Monsoon Season: अचानक बढ़े मौत के मामलों पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी बड़ी जानकारी, बताया इन मौतों की असली वजह

Fri, 25 Jul 2025 07:14 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 25 Jul 2025 07:14 PM IST
सार

लोकसभा में  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने स्पष्ट किया है कि कोविड वैक्सीनेशन के कारण वयस्कों में अचानक मृत्यु का जोखिम नहीं बढ़ा है।

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Union Health Minister J P Nadda said Covid vaccination didn't raise risk of unexplained sudden deaths
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा - फोटो : संसद टीवी

कोविड-19 वैक्सीन और इसके कारण सेहत पर होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। क्या टीकाकरण के कारण हृदय रोग-हार्ट अटैक और इससे मौत के मामले बढ़ गए हैं? तमाम अध्ययनों में समय-समय पर इसके रिपोर्ट सामने आते रहे हैं।



इस विषय पर शुक्रवार (25 जुलाई) को लोकसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया है कि कोविड वैक्सीनेशन के कारण वयस्कों में अचानक मृत्यु का जोखिम नहीं बढ़ा है।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के हालिया अध्ययन की रिपोर्ट को कोट करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, वैक्सीनेशन और बढ़ते मृत्यु के मामलों के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया है। सडन डेथ के लिए विशेषज्ञों की टीम ने पोस्ट कोविड हॉस्पिटलाइजेशन, सडेन डेथ की फैमिली हिस्ट्री और लाइफस्टाइल से संबंधित समस्याओं को जिम्मेदार माना है।

Union Health Minister J P Nadda said Covid vaccination didn't raise risk of unexplained sudden deaths
वैक्सीनेशन के कारण नहीं बढ़ा है सडन डेथ का खतरा - फोटो : Freepik.com

आईसीएमआर और एनसीडीसी ने किया अध्ययन

एक सवाल के जवाब में, स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) ने अचानक मृत्यु के कारणों की जांच के लिए दो तरीकों पर ध्यान दिया है।

  • पहला तरीका अचानक मृत्यु से जुड़े जोखिम कारकों को निर्धारित करने के लिए पूर्वव्यापी मामलों का अध्ययन करना था।
  • वहीं दूसरा तरीका वर्चुअल ऑटोप्सी अप्रोच का उपयोग करके वयस्कों में अचानक मृत्यु की संभावित जांच करना था।
Union Health Minister J P Nadda said Covid vaccination didn't raise risk of unexplained sudden deaths
कोरोना के बाद अचानक मौत के मामले - फोटो : Freepik.com

अध्ययन में क्या पता चला?

आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (एनआईई) ने 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 47 अस्पतालों में अध्ययन किया है। नड्डा ने बताया कि 1 अक्तूबर 2021 से 31 मार्च, 2023 के दौरान सडन डेथ के ये मामले स्वस्थ व्यक्तियों में थे, जिनमें पहले से कोई ज्ञात कोमोरबिडिटी की शिकायत नहीं थी पर इनकी अस्पष्टीकृत कारणों से मृत्यु हो गई। इन रोगियों के विभिन्न स्तर पर जीवनशैली और स्वास्थ्य स्थितियों के डेटा एकत्रित किए गए। 

नड्डा ने बताया कि अध्ययन में यह देखा गया कि कोविड वैक्सीन की दो खुराक लेने से अस्पष्टीकृत आकस्मिक मृत्यु की संभावना काफी कम हो गई।

कोविड संक्रमण के बाद अस्पताल में भर्ती होना, परिवार में पहले से सडेन डेथ की हिस्ट्री, मृत्यु के 48 घंटे पहले अत्यधिक शराब पीने, नशीली दवाओं के सेवन या अत्यधिक शारीरिक गतिविधि करने से आकस्मिक मृत्यु की संभावना बढ़ गई। उन्होंने कहा, इससे स्पष्ट होता है और अध्ययन में पाया गया है कि कोविड-19 टीकाकरण से भारत में अस्पष्टीकृत आकस्मिक मृत्यु का जोखिम नहीं बढ़ा है। 

अध्ययन के आंकड़ों के शुरुआती विश्लेषण से पता चलता है कि हार्ट अटैक या मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (एमआई) युवाओं में अचानक मृत्यु का प्रमुख कारण बना हुआ है। हालांकि महत्वपूर्ण बात यह है कि कोविड महामारी से पहले के वर्षों की तुलना में, इसके कारणों के पैटर्न में कोई बड़ा बदलाव भी नहीं देखा गया है।

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Union Health Minister J P Nadda said Covid vaccination didn't raise risk of unexplained sudden deaths
वैक्सीन और इसकी प्रभाविकता - फोटो : Freepik.com

स्वास्थ्य मंत्रालय पहले भी कर चुका है स्पष्ट

इससे पहले इसी संबंध में 2 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट कहा था कि अचानक हो रहीं मौतों की देश की विभिन्न एजेंसियों ने जांच की है और जांच में पाया गया है कि इनका कोरोना वैक्सीन से कोई सीधा संबंध नहीं हैं। आईसीएमआर और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने भी अपने अध्ययन में इसकी पुष्टि की है। 

दिल्ली स्थित जीबी पंत अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. मोहित गुप्ता बताया था कि कोविड वैक्सीन न सिर्फ हानिरहित है बल्कि सुरक्षात्मक भूमिका भी निभाती है। कोविड वैक्सीन लगवाने वाले और न लगवाने वाले 1,600 हार्ट अटैक के मरीजों पर अध्ययन किया गया। जिसमें पाया गया कि जिन लोगों ने कोविड वैक्सीन लगवाई है, उनमें न केवल हार्ट अटैक बल्कि सभी कारणों से अचानक मृत्यु की आशंका कम थी।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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