देश के ज्यादातर हिस्से इन दिनों भीषण गर्मी-लू की चपेट में हैं। गर्मी का ये मौसम सेहत के लिए कई तरह की मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है। इन दिनों में सेहत को लेकर थोड़ी सी भी लापरवाही कई तरह की दिक्कतों का कारण बन सकती है। ज्यादा पसीना आने, पानी कम पीने और धूप में ज्यादा रहने के कारण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होना, चक्कर आना या बेहोशी इन दिनों में काफी आम समस्या देखी जाती रही है।
Alert: शरीर में सोडियम लेवल कम होने से क्या होता है, क्या हैं लक्षण? यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अस्पताल में भर्ती
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय को लो सोडियम लेवल के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शरीर में सोडियम का लेवल कम होने से शरीर पर क्या असर होता है? आप इससे कैसे बच सकते हैं, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर के ठीक तरीके से काम करते रहने के लिए इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस होना जरूरी है। इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम) विद्युत आवेशित यौगिक होते हैं जो शरीर की कोशिकाओं के लिए आवश्यक हैं। हम गर्मियों में सिर्फ पानी पीने को ही पर्याप्त मान लेते हैं, लेकिन शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि सोडियम, पोटैशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन भी बेहद जरूरी होता है।
- सोडियम शरीर में पानी के संतुलन को बनाए रखने, नसों और मांसपेशियों के सही कामकाज और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाता है।
- जब शरीर में सोडियम का स्तर सामान्य से कम होने को मेडिकल की भाषा में हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है।
- आहार में गड़बड़ी या फिर पानी कम पीने और धूप में रहने के कारण इसका खतरा काफी बढ़ जाता है।
गर्मियों में लो सोडियम की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, गर्मियों में लो सोडियम की समस्या का जोखिम बढ़ जाता है। इस मौसम में ज्यादा पसीना आने से शरीर से पसीने के रूप में इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से बाहर निकल जाते हैं। अगर इस दौरान केवल पानी पीकर संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जाए और इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति न की जाए, तो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन हो सकता है। यही कारण है कि कई बार लोग अचानक कमजोरी या बेहोशी के कारण गिर जाते हैं।
- ब्लड टेस्ट में सोडियम का लेवल 135-145 mmol/L होना सामान्य और स्वस्थ संकेत माना जाता है।
- जब ये स्तर 135 mmol/L से कम हो जाता है तो इसे लो सोडियम माना जाता है।
- खान-पान में गड़बड़ी, एंटीडिप्रेशन और दर्द निवारक दवाएं भी सोडियम लेवल को कम कर सकती हैं।
कैसे जानें सोडियम की कमी तो नहीं हो गई?
सोडियम की कमी के लक्षण आसानी से पहचाने जा सकते हैं। वैसे तो ये समस्या किसी भी समय हो सकती है, लेकिन गर्मी के दिनों में इसका खतरा अधिक देखा जाता रहा है।
- हल्के मामलों में व्यक्ति को थकान, सिरदर्द, मतली और कमजोरी महसूस होती है।
- जैसे-जैसे सोडियम लेवल और कम होता है इसके लक्षण गंभीर हो सकते हैं।
- गंभीर स्थितियों में भ्रम, चक्कर आने, उल्टी, बोलने में दिक्कत और संतुलन खोने की समस्या हो सकती है।
- इसका मस्तिष्क पर भी असर हो सकता है, जिसके कारण दौरे पड़ने, बेहोशी और बहुत गंभीर स्थितियों में कोमा तक हो सकता है।
सोडियम लो हो जाए तो क्या करें?
अगर आपमें या आसपास किसी में लो सोडियम के लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
- ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस), नारियल पानी और नमक-चीनी पानी का घोल इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
- सोडियम की कमी से बचने के लिए हाइड्रेशन पर ध्यान देने के साथ शरीर को इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति करते रहने पर भी ध्यान देना चाहिए।
अगर सामान्य उपायों से आराम न मिले तो व्यक्ति को अस्पताल ले जाएं ताकि स्थिति को कंट्रोल किया जा सके और किसी गंभीर खतरे से बचाया जा सके। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में एम्स की वरिष्ठ डायटीशियन ने गर्मियों में शरीर को कैसे स्वस्थ रखा जाए, इससे संबंधित जरूरी जानकारियां दी हैं, पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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