दुनियाभर में जिस तरह से हृदय रोगों को खतरा बढ़ता जा रहा है, यह निश्चित ही चिंता बढ़ाने वाली है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। आहार और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण इस रोग का जोखिम अधिक देखा जा रहा है।
Heart Health: वेजिटेरियन डाइट में भी छिपी हैं हार्ट को हेल्दी रखने वाली कारगर चीजें, आपको है जानकारी?
हरी पत्तेदार सब्जियों से लेकर नट्स, बीज, कुछ खास फल और ग्रीन टी जैसी चीजें न केवल कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती हैं, बल्कि धमनियों को स्वस्थ रखने और हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में भी सहायक मानी जाती हैं।
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नट्स और सीड्स दिल को देते हैं पोषण
बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, कद्दू और अलसी के बीज स्वस्थ वसा, ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर का अच्छा स्रोत माने जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
- अध्ययनों में पाया गया है कि रोजाना अखरोट खाना से हृदय स्वास्थ्य की समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है।
- नट्स और सीड्स हृदय रोगों के प्रमुख कारक ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल दोनों को कंट्रोल रखने में फायदेमंद है।
फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर हरी सब्जियां
पालक, मेथी, सरसों का साग और ब्रोकली जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां फाइबर, विटामिन-के, फोलेट और कई शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत होती हैं।
- ये पोषक तत्व रक्तचाप को संतुलित रखने, रक्त वाहिकाओं की कार्यक्षमता बेहतर बनाने और धमनियों में कठोरता की संभावना कम करने में मदद कर सकते हैं।
- इसके अलावा फाइबर युक्त आहार शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में भी सहायक माना जाता है।
एवोकाडो है हार्ट-फ्रेंडली फल
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए एवोकाडो को सबसे लाभकारी फलों में से एक माना जाता है।
- एवोकाडो मोनोअनसैचुरेटेड फैट का अच्छा स्रोत है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देने में फायदेमंद है।
- अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि हफ्ते में दो बार एवोकाडो का सेवन करने वालों में कार्डियोवस्कुलर रोगों का जोखिम 21 फीसदी तक कम हो सकता है।
ग्रीन टी भी हो सकती है फायदेमंद
ग्रीन टी में कैटेचिन्स नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
- कई अध्ययनों के अनुसार नियमित रूप से सीमित मात्रा में ग्रीन टी का सेवन करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने और खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायता मिल सकती है।
- इसके अलावा यह हृदय की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को भी कम करने में सहायक मानी जाती है। हालांकि अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।