भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी विनोद कांबली लगातार कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से जुझ रहे हैं। उनको लेकर सामने आ रही हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके ब्रेन में खून के थक्के बन गए हैं, जिससे ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन थक्कों को अब हटाया भी नहीं जा सकता है क्योंकि शुरुआती स्थिति में सावधानी नहीं बरती गई।
Vinod Kambli: क्यों बनता है ब्रेन में क्लॉट, क्या हैं इससे खतरे? पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली हो गए हैं शिकार
पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली के ब्रेन में खून के थक्के बन गए हैं, जिससे ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ गया है। ये दिमाग में खून के संचार को बाधित कर बड़ी समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
ठीक नहीं रहती है कांबली की सेहत
गौरतलब है कि विनोद कांबली लंबे समय से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान रहे हैं। दिसंबर 2024 में अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने बताया था कि किस तरह से उन्हें खुद से चलने तक में परेशानी हो रही थी। उन्हें सहारा देकर चलाया जा रहा था। अब वह एक नई समस्या का शिकार हो गए हैं।
मार्कस कुटो ने बताया कि डॉक्टर कह रहे हैं कि विनोद को ब्रेन स्ट्रोक का खतरा लगातार बना हुआ। उन्होंने शराब पीना छोड़ दिया है, लेकिन कभी-कभी वह लोगों से सिगरेट मांगते हैं। वे ऑटो ड्राइवरों से सिगरेट मांगते हैं और लोग खुशी-खुशी उन्हें सिगरेट दे देते हैं, यह सोचकर कि वे ‘विनोद कांबली’ की मदद कर रहे हैं। लेकिन उन्हें यह एहसास नहीं होता कि वे कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं।
आइए जानते हैं कि ब्रेन में ब्लड क्लॉटिंग की दिक्कत होती क्यों है?
ब्लड क्लॉटिंग के बारे में जानिए
दिमाग में खून का थक्का बनना एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जिसके कारण दिमाग तक खून और ऑक्सीजन का प्रवाह बाधित हो जाता है। ये क्लॉट इस्केमिक स्ट्रोक का कारण बन सकते हैं। इस प्रकार का स्ट्रोक दुनियाभर में वयस्कों में विकलांगता और मौत का मुख्य कारण है।
- नसों में क्लॉटिंग की वजह से दिमाग की कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे कोशिकाएं डेड होने लगती हैं।
- खून की सप्लाई में कुछ मिनटों की रुकावट भी दिमाग को ऐसा नुकसान पहुंचा सकती है जिसकी भरपाई मुमकिन न हो।
क्यों होती है क्लॉटिंग की दिक्कत?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कुछ प्रकार की मेडिकल स्थितियां, जीवनशैली और आनुवंशिक कारकों के चलते खून के थक्कों की समस्या बढ़ जाती है। ये थक्के ब्रेन के अलावा शरीर में कई अन्य हिस्सों में भी हो सकते हैं।
- एट्रियल फाइब्रिलेशन, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, हार्ट वाल्व की बीमारी, एथेरोस्क्लेरोसिस, मोटापा जैसे मेडिकल स्थितियां थक्कों का कारण बन सकती हैं।
- इसके अलावा लाइफस्टाइल की समस्याएं जैसे धूम्रपान-तंबाकू का सेवन, बहुत ज्यादा शराब पीना, शारीरिक रूप से सक्रिय न रहना, ट्रांस फैट और नमक ज्यादा खाना भी इस समस्या का कारण हो सकता है।
कैसे जानें कहीं आपको भी तो नहीं हो रही है क्लॉटिंग
ब्रेन में क्लॉटिंग होने के कारण आपको कई तरह की दिक्कतें होनी शुरू हो जाती हैं, जिसपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना जरूरी है।
- अचानक और तेज सिरदर्द होना संकेत है कि ब्रेन में खून का संचार बाधित हो रहा है।
- शरीर के एक तरफ सुन्न होना या लकवा मारना
- धुंधला या दोहरी दृष्टि होना।
- शारीरिक संतुलन बिगड़ना, चलते समय चक्कर आना।
- याददाश्त से जुड़ी समस्याएं
- दौरे पड़ना (गंभीर मामलों स्ट्रोक के कारण)
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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