आंखें हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं, जिनकी मदद से हम दुनिया की खूबसूरती का आनंद ले पाते हैं। हालांकि जिस तरह से अब बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक, सभी उम्र के लोगों में आंखों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, इसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चिंता जता रहे हैं। मोबाइल-लैपटॉप जैसी स्क्रीन के कारण कम उम्र के लोगों यहां तक कि बच्चों में ड्राई आइज और आंखों की रोशनी कम होने की दिक्कत बढ़ती जा रही है।
Eye Floaters: आंखों के सामने काले धब्बे दिखना कितना खतरनाक? ये किस बीमारी की ओर करते हैं इशारा
Eye Floaters Reason: अगर इनके साथ चमकती रोशनी दिखाई दे, नजर के किसी हिस्से पर काला पर्दा या परछाई आने लगे अथवा अचानक नजर धुंधली हो जाए, तो यह आंख के पर्दे यानी दृष्टिपटल में खिंचाव, छेद या उसके अपनी जगह से अलग होने का संकेत हो सकता है।
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आंखों के सामने तैरते हुए धब्बे की दिक्कत
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि आंखों के सामने तैरते हुए धब्बे कई बार आंख के अंदर मौजूद पारदर्शी जेल जैसे पदार्थ में होने वाले बदलावों के कारण दिखाई देते हैं। उम्र बढ़ने के साथ इसकी संरचना में बदलाव हो सकता है और उसमें मौजूद रेशे आपस में गुच्छे बना सकते हैं। इनकी छाया आंख के पर्दे पर पड़ती है और हमें धब्बे या जाल जैसी आकृतियां दिखाई देती हैं।
- अधिकतर मामलों में ये धब्बे गंभीर समस्या का कारण नहीं होते। लेकिन अगर आंखों के सामने अचानक बहुत सारे नए धब्बे दिखाई देने लगें या फिर ये समस्या बार-बार हो रही हो तो सभी लोगों को अलर्ट हो जाना चाहिए।
- अगर इनके साथ चमकती रोशनी दिखाई दे, आंखों के सामने काला पर्दा या परछाई आने लगे या अचानक नजर धुंधली हो जाए, तो यह आंख के पर्दे में खिंचाव या इससे संबंधित कोई दिक्कत हो सकती है जिसपर समय रहते गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ समीर सिन्हा बताते हैं, आई फ्लोटर्स तब होते हैं जब आंख के विट्रियस जेल के अंदर प्रोटीन या सेल्स के छोटे-छोटे गुच्छे बन जाते हैं और रेटिना पर परछाईं डालते हैं।
इसका सबसे आम कारण उम्र बढ़ना है। इसके अलावा पोस्टीरियर विट्रियस डिटेचमेंट, रेटिना के फटने, ब्लीडिंग या आंखों में सूजन की वजह से भी ये दिक्कत हो सकती है। उम्र बढ़ने के साथ ये दिक्कत हो रही है तो ज्यादा चिंता की बात नहीं है, हालांकि कम उम्र में होने वाली इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
क्या ये किसी खतरनाक समस्या का संकेत है?
डॉक्टर कहते हैं, आमतौर पर इसे खतरनाक नहीं माना जाता है। बहुत से लोगों में ये उम्र से जुड़े सामान्य बदलावों के कारण दिखाई देते हैं और किसी उपचार की जरूरत नहीं होती। समय के साथ व्यक्ति इन धब्बों का आदी हो जाता है। लेकिन अचानक पहली बार बहुत सारे धब्बे दिखाई देना, उनकी संख्या तेजी से बढ़ना या उनके साथ चमकती रोशनी दिखाई दे रही हो तो ये चिंता का कारण हो सकता है। ऐसे में आंखों की तुरंत जांच जरूरी है।
अगर पहले कभी धब्बे नहीं दिखे और अचानक बड़ी संख्या में काले बिंदु या जाल जैसी आकृतियां दिखाई देने लगी हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें।
इन बातों का भी रखें ध्यान
डॉ. कहते हैं, अगर आपको लंबे समय से डायबिटीज की दिक्कत है और ये कंट्रोल में नहीं रहती है तो इससे आंखों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। कुछ मामलों में आंख के भीतर रक्तस्राव के कारण भी आपको तैरते हुए काले धब्बों की तरह दिखाई दे सकते हैं। इसलिए डायबिटीज से पीड़ित लोगों को आंखों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए।
अगर नजर के किसी हिस्से में अचानक काला पर्दा, परछाई या धुंधला दिखाई देने लगे, तो यह गंभीर चेतावनी हो सकती है। रेटिना के अपनी जगह से अलग होने की स्थिति में नजर के एक हिस्से में पर्दा जैसा अनुभव हो सकता है। यह आपात स्थिति मानी जाती है क्योंकि इलाज में देरी से स्थायी रूप से दृष्टि हानि का खतरा बढ़ सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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