शरीर में कुछ बीमारियों-स्थितियों की प्रतिक्रिया में सूजन की दिक्कत हो सकती है। ऐसे संकेतों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता होती है, क्योंकि कुछ स्थितियों में यह बड़ी समस्याओं का संकेत भी हो सकती है। डॉक्टर बताते हैं, शरीरे के किसी अंग या फिर त्वचा का सामान्य से बड़ा हो जाना सूजन को दर्शाता है। कीड़े के काटने, बीमारी या चोट लगने की प्रतिक्रिया के स्वरूप भी यह समस्या हो सकती है।
सावधान: शरीर में सूजन को न लें हल्के में, इन गंभीर स्थितियों का भी हो सकता है संकेत, लापरवाही पड़ सकती है भारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चोट के कारण शरीर में सूजन
शरीर में होने वाली सूजन की समस्या कभी-कभी इंफ्लामेशन या चोट के कारण भी हो सकती है। जब शरीर का कोई हिस्सा चोटिल हो जाता है तब प्रतिरक्षा प्रणाली इंफ्लामेटरी रिस्पॉस के माध्यम से चोट को ठीक करने और संक्रमण से बचाने में मदद करती हैं। इस तरह से इंफ्लामेटरी रिस्पॉस के कारण प्रभावित हिस्से में सूजन की समस्या देखी जा सकती है। इस तरह के सूजन को कम करने के लिए डॉक्टर गर्म या ठंडी सेकाई करने की सलाह देते हैं।
आंतरिक सूजन की स्थिति
सूजन की समस्या आंतरिक रूप से भी हो सकती है। हृदय, लिवर और किडनी की बीमारियों के कारण इन अंगों सहित शरीर के अन्य हिस्सों में सूजन हो सकती है। इस तरह के सूजन की स्थिति में अन्य कई प्रकार के लक्षण जैसे तेज खांसी, अत्यधिक थकान, सांस लेने में दिक्क्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन स्थितियों में शीर्घ चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होती है।
पैरों और निचले हिस्सों में सूजन
पैरों में सूजन बने रहने के कई कारण हो सकते हैं। सामान्यतौर पर गर्भावस्था, लंबे समय तक खड़े रहना, पैर की नसों की समस्या, दिल की धड़कन से संबंधित दिक्कत और क्रोनिक फेफड़ों की बीमारी वाले लोगों में पैरों और शरीर के कई अन्य हिस्सों में सूजन की दिक्कत हो सकती है। इन स्थितियों को भी विशेषज्ञ काफी गंभीर मानते हैं, जिसमें त्वरित रूप से चिकित्सा और अत्यंत सावधानी की आवश्यकता होती है।
चेहरे और आंखों में सूजन
चेहरे की सूजन का सबसे आम कारण दांत या त्वचा का संक्रमण और आंखों में सूजन का कारण एलर्जी की प्रतिक्रिया को माना जाता है। चेहरे की सूजन कई अन्य कारणों जैसे निर्जलीकरण, हार्मोनल असंतुलन या चेहरे पर चोट लगने पर भी हो सकती है। आंखों में होने वाले संक्रमण की स्थिति पर समय पर ध्यान न देने के कारण यह समस्या काफी गंभीर रूप भी ले सकती है।
---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।