What is Gaslighting In Relationships: मानसिक स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के इस दौर में 'गैसलाइटिंग' एक ऐसा शब्द बनकर उभरा है, जिसे समझना हर किसी के लिए जरूरी है। यह भावनात्मक शोषण का एक अत्यंत सूक्ष्म और गहरा रूप है, जहां प्रेम या चिंता के मुखौटे के पीछे सामने वाले को सेल्फ डाइट में डाल दिया जाता है। इस प्रक्रिया में सामने वाला व्यक्ति अपनी ही याददाश्त, वास्तविकता और मानसिक स्थिरता पर संदेह करने के लिए इस कदर मजबूर कर देता है कि आप स्वयं को ही कसूरवार मानने लगते हैं।
Gaslighting: क्या होती है गैसलाइटिंग? ऐसे चेक करें कि कहीं आप तो नहीं हो रहे हैं इसके शिकार
Signs of Psychological Manipulation: आज के समय गैसलाइटिंग शब्द काफी प्रचलन में है। ये शब्द एक ऐसी भावनात्मक शोषण को दर्शाता है जिसमें इंसान खुद को ही दोषी मानने लगता है, धीरे-धीरे इस स्थिति को स्वीकार लेता है। ये स्थिति अवसाद और एग्जाइटी जैसी समस्याओं को जन्म देती है। इसलिए आइए जानते हैं कि कहीं आपका पार्टनर भी तो आपके साथ गैसलाइटिंग नहीं करता है।
कैसे पहचानें गैसलाइटिंग के संकेत?
अगर आपका पार्टनर या कोई करीबी बार-बार कहता है कि "मैंने ऐसा कभी नहीं कहा" या "तुम बहुत ज्यादा सोच रहे हो", तो सावधान हो जाएं। गैसलाइटिंग करने वाले लोग अक्सर अपनी गलतियों को छिपाने के लिए आप पर ही दोष मढ़ देते हैं। वे आपकी उपलब्धियों को छोटा दिखाते हैं और आपकी चिंताओं को 'पागलपन' करार देते हैं। जब आप अपनी ही याददाश्त पर भरोसा करना बंद कर दें, तो समझ लें कि आप शिकार हो रहे हैं।
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मानसिक सेहत पर इसका गहरा प्रभाव
गैसलाइटिंग का शिकार व्यक्ति अक्सर 'एंग्जायटी' और कम आत्मविश्वास से जूझने लगता है। उसे हर छोटी बात के लिए माफी मांगने की आदत पड़ जाती है, भले ही उसकी गलती न हो। लंबे समय तक इस स्थिति में रहने से व्यक्ति 'आइसोलेशन' का शिकार हो जाता है क्योंकि उसे लगता है कि कोई उसकी बात पर यकीन नहीं करेगा। यह मानसिक प्रताड़ना डिप्रेशन का बड़ा कारण बनती है।
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गैसलाइटिंग से खुद को कैसे बचाएं?
इस चक्र को तोड़ने का पहला कदम है 'जागरूकता'। अपने संवादों का रिकॉर्ड रखना शुरू करें, जैसे कि मैसेज या डायरी लिखना, ताकि आप खुद को सच की याद दिला सकें। अपनी सीमाओं को स्पष्ट करें और अगर संभव हो, तो उस टॉक्सिक वातावरण से दूरी बना लें। अपने भरोसेमंद दोस्तों या परिवार के सदस्यों से बात करें जो आपको बाहरी और निष्पक्ष नजरिया दे सकें।
गैसलाइटिंग केवल एक बहस नहीं, बल्कि एक गंभीर भावनात्मक शोषण है। अगर आप खुद को इस स्थिति से बाहर निकालने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं, तो किसी थैरेपिस्ट या काउंसलर की मदद लेने में संकोच न करें। अपनी सहज बुद्धि पर भरोसा करना सीखें और ध्यान रखें कि आपकी भावनाएं जायज हैं। आत्म-सम्मान की रक्षा करना किसी भी रिश्ते को निभाने से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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