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Pitta Dosha Balance: पित्त दोष क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण और संतुलित करने के आसान उपाय
Fri, 07 Aug 2026 01:52 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Fri, 07 Aug 2026 01:52 PM IST
सार
What Is Pitta Dosha: आयुर्वेद के अनुसार शरीर के तीन प्रमुख दोष वात, पित्त और कफ हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से त्रिदोष कहा जाता है। आज हम पित्त दोष के बारे में बात करेंगे और जानेंगे कि ये क्या है।
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पित्त दोष क्या होता है ?
- फोटो : AI
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What Is Pitta Dosha: आयुर्वेद में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए वात, पित्त और कफ को तीन प्रमुख दोष माना गया है। इन्हें त्रिदोष कहा जाता है, जो शरीर की अलग-अलग प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने में भूमिका निभाते हैं। इनमें से पित्त दोष शरीर में पाचन, ऊर्जा निर्माण, शरीर के तापमान और कई रासायनिक प्रक्रियाओं से जुड़ा माना जाता है।
पित्त दोष क्या होता है ?
- फोटो : AI
पित्त दोष क्या है?
आयुर्वेद के अनुसार पित्त दोष शरीर में अग्नि और जल तत्वों से बना माना जाता है। यह शरीर के पाचन तंत्र, मेटाबॉलिज्म, शरीर के तापमान और मानसिक गतिविधियों को नियंत्रित करने से जुड़ा होता है। पित्त दोष शरीर में भोजन को ऊर्जा में बदलने, पोषक तत्वों के अवशोषण और शरीर की आंतरिक प्रक्रियाओं को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आयुर्वेद के अनुसार पित्त दोष शरीर में अग्नि और जल तत्वों से बना माना जाता है। यह शरीर के पाचन तंत्र, मेटाबॉलिज्म, शरीर के तापमान और मानसिक गतिविधियों को नियंत्रित करने से जुड़ा होता है। पित्त दोष शरीर में भोजन को ऊर्जा में बदलने, पोषक तत्वों के अवशोषण और शरीर की आंतरिक प्रक्रियाओं को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पित्त दोष क्या होता है ?
- फोटो : AI
पित्त दोष बढ़ने के कारण
1. ज्यादा मसालेदार और तला हुआ भोजन
बहुत अधिक मिर्च-मसाले, तैलीय भोजन और फास्ट फूड का सेवन शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है।
2. अनियमित खानपान
समय पर भोजन न करना या लंबे समय तक खाली पेट रहना पाचन को प्रभावित कर सकता है।
3. तनाव और गुस्सा
लगातार तनाव, चिंता और ज्यादा गुस्सा मानसिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
4. गर्म मौसम और कम पानी पीना
शरीर में पानी की कमी और ज्यादा गर्मी भी पित्त असंतुलन से जुड़ी मानी जाती है।
5. गलत जीवनशैली
कम नींद, देर रात तक जागना और शारीरिक गतिविधि की कमी भी शरीर के संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
1. ज्यादा मसालेदार और तला हुआ भोजन
बहुत अधिक मिर्च-मसाले, तैलीय भोजन और फास्ट फूड का सेवन शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है।
2. अनियमित खानपान
समय पर भोजन न करना या लंबे समय तक खाली पेट रहना पाचन को प्रभावित कर सकता है।
3. तनाव और गुस्सा
लगातार तनाव, चिंता और ज्यादा गुस्सा मानसिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
4. गर्म मौसम और कम पानी पीना
शरीर में पानी की कमी और ज्यादा गर्मी भी पित्त असंतुलन से जुड़ी मानी जाती है।
5. गलत जीवनशैली
कम नींद, देर रात तक जागना और शारीरिक गतिविधि की कमी भी शरीर के संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
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पित्त दोष क्या होता है ?
- फोटो : AI
पित्त दोष बढ़ने के लक्षण
- पेट में जलन और एसिडिटी
- खट्टी डकार आना
- ज्यादा पसीना आना
- त्वचा पर लालिमा या दाने
- मुंह में छाले होना
- चिड़चिड़ापन और गुस्सा बढ़ना
- नींद से जुड़ी समस्या
- पाचन संबंधी परेशानी
- शरीर में ज्यादा गर्मी महसूस होना
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पित्त दोष क्या होता है ?
- फोटो : AI
पित्त दोष को संतुलित करने के उपाय
- खीरा, नारियल पानी, मौसमी फल और हरी सब्जियां शरीर को संतुलित रखने में मदद कर सकती हैं
- बहुत ज्यादा मिर्च, तला हुआ खाना और जंक फूड से बचना फायदेमंद हो सकता है
- शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है, खासकर गर्म मौसम में
- योग, प्राणायाम और मेडिटेशन तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं
- समय पर सोना, समय पर भोजन करना और नियमित व्यायाम करना जरूरी है