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What is The Doorway Effect: दिमाग का शॉर्ट-सर्किट? समझिए डोरवे इफेक्ट, जो कर देता है चीजें भूलने पर मजबूर
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Wed, 24 Jun 2026 02:55 PM IST
सार
What is The Doorway Effect: हम किसी कमरे से कुछ लेने गए और अचानक ये भूल गए कि हम किस काम से वहां आए थे, ऐसा अक्सर हम सभी के साथ होता है। इसके पीछे की थ्योरी क्या है, आइए जानते हैं।
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डोरवे इफेक्ट क्या है?
- फोटो : AI
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What is The Doorway Effect: क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि आप किसी कमरे में किसी काम से गए हों, लेकिन अंदर पहुंचते ही अचानक भूल जाएं कि आप वहां क्यों आए थे? ऐसे ही चाहे फ्रिज खोलना हो और फिर याद न रहे कि क्या निकालना था, या कमरे में जाकर कोई जरूरी चीज भूल जाना यह अनुभव बेहद आम है। इसे ही मनोवैज्ञानिक भाषा में “डोरवे इफेक्ट” कहा जाता है।
डोरवे इफेक्ट क्या है?
- फोटो : AI
सबसे पहले जान लें कि डोरवे इफेक्ट क्या है?
डोरवे इफेक्ट एक मनोवैज्ञानिक घटना है, जिसमें व्यक्ति किसी एक जगह पर किया गया विचार या काम दूसरी जगह पहुंचते ही भूल जाता है। दिमाग स्थान बदलते ही परिस्थिति भी बदल देता है, जिससे अस्थायी मेमोरी कमजोर हो जाती है।
डोरवे इफेक्ट एक मनोवैज्ञानिक घटना है, जिसमें व्यक्ति किसी एक जगह पर किया गया विचार या काम दूसरी जगह पहुंचते ही भूल जाता है। दिमाग स्थान बदलते ही परिस्थिति भी बदल देता है, जिससे अस्थायी मेमोरी कमजोर हो जाती है।
डोरवे इफेक्ट क्या है?
- फोटो : AI
ये क्यों होता है?
परिस्थिति बदलना
जब हम एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं, जैसे एक कमरे से दूसरे कमरे में प्रवेश करते हैं, तो हमारा दिमाग उस नए वातावरण को एक अलग संदर्भ के रूप में देखता है। इस बदलाव के दौरान दिमाग पुरानी जगह से जुड़ी यादों को अस्थायी रूप से पीछे कर देता है। इसी वजह से जो काम हम याद रखकर जाते हैं, वह नए कमरे में पहुंचते ही कुछ पल के लिए भूल जाता है।
वर्किंग मेमोरी पर दबाव
हमारी वर्किंग मेमोरी दिमाग का वह हिस्सा है जो थोड़े समय के लिए जानकारी को संभालता है। जब हम पहले से ही कई बातें सोच रहे होते हैं या मानसिक रूप से व्यस्त होते हैं, तो दिमाग पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में नई या अस्थायी जानकारी को बनाए रखना मुश्किल हो जाता है और हम अपना काम भूल सकते हैं।
परिस्थिति बदलना
जब हम एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं, जैसे एक कमरे से दूसरे कमरे में प्रवेश करते हैं, तो हमारा दिमाग उस नए वातावरण को एक अलग संदर्भ के रूप में देखता है। इस बदलाव के दौरान दिमाग पुरानी जगह से जुड़ी यादों को अस्थायी रूप से पीछे कर देता है। इसी वजह से जो काम हम याद रखकर जाते हैं, वह नए कमरे में पहुंचते ही कुछ पल के लिए भूल जाता है।
वर्किंग मेमोरी पर दबाव
हमारी वर्किंग मेमोरी दिमाग का वह हिस्सा है जो थोड़े समय के लिए जानकारी को संभालता है। जब हम पहले से ही कई बातें सोच रहे होते हैं या मानसिक रूप से व्यस्त होते हैं, तो दिमाग पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में नई या अस्थायी जानकारी को बनाए रखना मुश्किल हो जाता है और हम अपना काम भूल सकते हैं।
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डोरवे इफेक्ट क्या है?
- फोटो : AI
ध्यान का भटकना
दरवाज़ा पार करते समय हमारा ध्यान अक्सर बदल जाता है—कभी आसपास की चीजों पर, कभी किसी आवाज़ पर या किसी और विचार पर। इस अचानक ध्यान बदलाव के कारण हमारा दिमाग पहले वाले विचार को पकड़कर नहीं रख पाता। नतीजा यह होता है कि हम भूल जाते हैं कि हम किस काम से आए थे।
एक साथ कई काम करने की आदत
आज के समय में लोग एक साथ कई काम करने के आदी हो गए हैं, जैसे मोबाइल चलाना, बात करना और काम याद रखना। यह मल्टीटास्किंग दिमाग की एकाग्रता को कमजोर करती है। जब दिमाग कई दिशाओं में बंटा होता है, तो छोटी-छोटी बातें आसानी से भूलने लगती हैं। इसी वजह से डोरवे इफेक्ट ज्यादा देखने को मिलता है।
दरवाज़ा पार करते समय हमारा ध्यान अक्सर बदल जाता है—कभी आसपास की चीजों पर, कभी किसी आवाज़ पर या किसी और विचार पर। इस अचानक ध्यान बदलाव के कारण हमारा दिमाग पहले वाले विचार को पकड़कर नहीं रख पाता। नतीजा यह होता है कि हम भूल जाते हैं कि हम किस काम से आए थे।
एक साथ कई काम करने की आदत
आज के समय में लोग एक साथ कई काम करने के आदी हो गए हैं, जैसे मोबाइल चलाना, बात करना और काम याद रखना। यह मल्टीटास्किंग दिमाग की एकाग्रता को कमजोर करती है। जब दिमाग कई दिशाओं में बंटा होता है, तो छोटी-छोटी बातें आसानी से भूलने लगती हैं। इसी वजह से डोरवे इफेक्ट ज्यादा देखने को मिलता है।
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डोरवे इफेक्ट क्या है?
- फोटो : AI
क्या यह कोई बीमारी है?
नहीं, डोरवे इफेक्ट कोई बीमारी नहीं है। यह दिमाग की एक सामान्य प्रक्रिया है, जो लगभग हर व्यक्ति के साथ कभी न कभी होती है। यह हमारी मेमोरी और ध्यान प्रणाली का प्राकृतिक हिस्सा है। हालांकि अगर भूलने की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ जाए और रोजमर्रा के कामों में परेशानी आने लगे, तो डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।
नहीं, डोरवे इफेक्ट कोई बीमारी नहीं है। यह दिमाग की एक सामान्य प्रक्रिया है, जो लगभग हर व्यक्ति के साथ कभी न कभी होती है। यह हमारी मेमोरी और ध्यान प्रणाली का प्राकृतिक हिस्सा है। हालांकि अगर भूलने की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ जाए और रोजमर्रा के कामों में परेशानी आने लगे, तो डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।