सब्सक्राइब करें

Snoring: क्या आपको भी आते हैं बहुत ज्यादा खर्राटे? ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Mon, 08 Jun 2026 07:44 PM IST
सार

खर्राटे केवल नींद में आने वाली आवाज नहीं है, बल्कि यह शरीर के भीतर चल रही किसी समस्या का संकेत भी हो सकते हैं। जैसे कि नाक में रुकावट, टॉन्सिल का बढ़ना, मोटापा, शराब का सेवन, या फिर गंभीर स्थिति जैसे ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया।

विज्ञापन
What is the main cause of snoring ke kya reasons hai know kharate kyu aate hai
खर्राटे आने की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI

आपके घर में या आसपास कोई न कोई ऐसा जरूर होगा जिसके खर्राटे से सभी लोग परेशान रहते होंगे? नींद के दौरान आने वाली आवाज आसपास के लोगों की नींद उड़ा देती है, उन्हें असहज करने वाली हो सकती है। यह समस्या सिर्फ आपके घर की नहीं है, बल्कि दुनिया भर में लाखों लोग इससे प्रभावित हैं। अक्सर लोग खर्राटे को सिर्फ थकान या गहरी नींद का संकेत मानते रहते हैं, लेकिन कुछ  स्थितियों में ये स्वास्थ्य जटिलाओं का भी संकेत हो सकती है।



खर्राटे तब आते हैं जब नींद के दौरान सांस की नली आंशिक रूप से ब्लॉक हो जाता है, इससे हवा गुजरने में रुकावट आती है। इस रुकावट के कारण गले के टिशू में कंपन होता है जिससे खर्राट की आवाज आती है। वैसे तो ये समस्या आमतौर पर गंभीर नहीं होती,  लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई मामलों में यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है?

अगर आप या आपके घर में किसी को खर्राटे की दिक्कत है तो इसके जोखिमों को जान लीजिए।

What is the main cause of snoring ke kya reasons hai know kharate kyu aate hai
खर्राटे आने की समस्या - फोटो : Adobe Stock

खर्राटे आने की समस्या

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि खराब लाइफस्टाइल, नींद पूरी न होना, जंक फूड और शारीरिक गतिविधियों की कमी ने इस समस्या को काफी बढ़ा दिया है। युवा-बुजुर्ग ही नहीं कई बच्चों को भी इसका शिकार देखा जा रहा है।
 

  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खर्राटे केवल नींद की आवाज नहीं हैं, बल्कि  शरीर के भीतर चल रही किसी समस्या का संकेत भी हो सकते हैं। 
  • नाक में रुकावट, टॉन्सिल बढ़ने, मोटापा, शराब के सेवन या फिर गंभीर स्थिति जैसे ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया की स्थिति में लोगों को बहुत खर्राटे आते हैं।
  • स्लीप एपनिया की स्थिति को गंभीर माना जाता है क्योंकि इसमें सांस कुछ सेकंड के लिए बार-बार रुक जाती है।
What is the main cause of snoring ke kya reasons hai know kharate kyu aate hai
बच्चों का खर्राटा आने की समस्या - फोटो : Adobe Stock

खर्राटों का कारण क्या है? 

खर्राटे आने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन सबसे प्रमुख कारण सांस लेने के रास्ते का संकरा होना है। 
 

  • जब नाक, गला या सांस नली में किसी भी तरह की रुकावट होती है, तो हवा का प्रवाह बाधित हो जाता है और टिशू कंपन करने लगते हैं।
  • मोटापा इस समस्या का एक बड़ा कारण है। अतिरिक्त फैट गले के आसपास जमा होकर एयरवे को संकरा कर देती है। 
  • इसके अलावा शराब और नींद की दवाएं मांसपेशियों को बहुत ज्यादा रिलैक्स कर देती हैं, जिससे सांस का रास्ता और भी बंद हो सकता है।
  • कुछ लोगों में जन्म से ही गले की बनावट ऐसी होती है कि खर्राटे आने की संभावना ज्यादा होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
What is the main cause of snoring ke kya reasons hai know kharate kyu aate hai
स्लीप एप्निया के कारण खर्राटे लेना - फोटो : Adobe Stock

खर्राटे किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हल्के खर्राटे आना सामान्य माना जाता है, लेकिन लगातार और तेज खर्राटे कई बार गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं। 
 

  • ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया इसका सबसे बड़ा खतरा है जिसमें नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती है। अगर खर्राटों के साथ सांस रुकने, घुटन महसूस होने या अचानक नींद टूटने जैसे लक्षण हों, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए और डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
  • साइनस में लंबे समय तक सूजन या सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों से टिश्यू में सूजन आ जाती है और बहुत ज्यादा बलगम बनता है, जिससे नाक का रास्ता बंद हो जाता है। 
  • एलर्जिक राइनाइटिस पर्यावरण से जुड़ी एलर्जी की स्थिति है जिसमें नाक की अंदरूनी परत में सूजन आ जाती हैं। इससे आपको मुंह से सांस लेनी पड़ती है और खर्राटे आने की आशंका बढ़ जाती है। नेजल पॉलिप्स की समस्या नाक के रास्ते या साइनस के अंदर नॉन-कैंसरस गांठें बना देती है। ये सांस लेने के रास्ते को रोकती हैं इससे भी खर्राटे बढ़ जाते हैं।




--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed