Sudden Heavy Exercise Risks: पिछले कुछ वर्षों में युवाओं में हार्ट अटैक के मामलों में आई अचानक तेजी ने बहुत से लोगों को चिंता में डाल दिया है। अक्सर यह देखने को मिलता है कि जो 40 साल से कम उम्र के हैं, वे लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बहुत से लोगों को लगता है कि अगर ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल बिल्कुल सामान्य रहता है तो उन्हें हार्ट अटैक नहीं आ सकता है, मगर यह एक गलत धारणा है।
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Heart Attack: कम उम्र में हार्ट अटैक आने का क्या है मूल कारण? डॉक्टर से जानें
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिखर बरनवाल
Updated Sat, 31 Jan 2026 02:33 PM IST
सार
Causes of Heart Attack in Youth: आज के दौर में कम उम्र में हार्ट अटैक के कई मामले देखने को मिलते हैं। ऐसा होने के पीछे कई कारण होते हैं, जिसके बारे में सभी लोगों को जानना चाहिए। आइए इस लेख में डॉक्टर से इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं कि समय से पहले हार्ट आने का मूल कारण क्या है?
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हार्ट अटैक
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पेसमेकर
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सेडेंटरी लाइफस्टाइल और अचानक भारी वर्कआउट का खतरा
डॉक्टर शालिनी के अनुसार, रोज 8-10 घंटे बैठे रहना और फिर वीकेंड पर अचानक हाई इंटेंसिटी वर्कआउट या ट्रैकिंग करना जानलेवा हो सकता है। जब शरीर को अनुकूल होने का समय नहीं मिलता, तो रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ जाता है। इसके अलावा, जिम में उपयोग होने वाले भारी प्रोटीन पाउडर, एनर्जी बूस्टर और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन सप्लीमेंट्स ब्लड क्लॉटिंग और बीपी स्पाइक की टेंडेंसी बढ़ा देते हैं, जो सीधे हार्ट अटैक का कारण बनते हैं।
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वायु प्रदूषण
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वायु प्रदूषण और शरीर में बढ़ती आंतरिक सूजन
खराब वायु गुणवत्ता और ट्रैफिक एक्सपोजर केवल फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि आपके दिल को भी बीमार कर रहे हैं। खराब वेंटिलेशन और इंडोर टॉक्सिन्स शरीर में 'सिस्टेमिक इन्फ्लेमेशन' यानी सूजन पैदा करते हैं। यह सूजन धमनियों को सख्त बना देती है, जिससे रक्त का प्रवाह बाधित होता है। युवाओं में बिना किसी पुराने लक्षण के आने वाले हार्ट अटैक के पीछे यह एक मूक लेकिन बड़ा कारण है।
ये भी पढ़ें- Diabetes: क्या डायबिटीज बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है? डॉक्टर ने दिया इसका दिलचस्प जवाब
खराब वायु गुणवत्ता और ट्रैफिक एक्सपोजर केवल फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि आपके दिल को भी बीमार कर रहे हैं। खराब वेंटिलेशन और इंडोर टॉक्सिन्स शरीर में 'सिस्टेमिक इन्फ्लेमेशन' यानी सूजन पैदा करते हैं। यह सूजन धमनियों को सख्त बना देती है, जिससे रक्त का प्रवाह बाधित होता है। युवाओं में बिना किसी पुराने लक्षण के आने वाले हार्ट अटैक के पीछे यह एक मूक लेकिन बड़ा कारण है।
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डिहाइड्रेशन
- फोटो : Freepik.com
पानी की कमी और चाय-कॉफी का अत्यधिक सेवन
हम अक्सर पानी पीना भूल जाते हैं और उसकी जगह बार-बार चाय या कॉफी का सहारा लेते हैं। कैफीन का अत्यधिक सेवन शरीर को डिहाइड्रेट करता है और हृदय की गति पर असर डालता है। पर्याप्त पानी न मिलने पर रक्त गाढ़ा होने लगता है, जिससे हृदय को पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। यह असंतुलन लंबे समय में हृदय की मांसपेशियों को कमजोर कर देता है।
हम अक्सर पानी पीना भूल जाते हैं और उसकी जगह बार-बार चाय या कॉफी का सहारा लेते हैं। कैफीन का अत्यधिक सेवन शरीर को डिहाइड्रेट करता है और हृदय की गति पर असर डालता है। पर्याप्त पानी न मिलने पर रक्त गाढ़ा होने लगता है, जिससे हृदय को पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। यह असंतुलन लंबे समय में हृदय की मांसपेशियों को कमजोर कर देता है।
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खान-पान
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बार-बार स्नैकिंग और मेटाबॉलिज्म का बिगड़ना
दिनभर थोड़ा-थोड़ा स्नैक्स खाते रहने की आदत मेटाबॉलिज्म को सुस्त कर देती है। डॉक्टर शालिनी चेतावनी देती हैं कि बार-बार खाने से आर्टरीज में सूजन आने लगती है, जो अंततः ब्लॉकेज का रूप ले लेती है। बेहतर हृदय स्वास्थ्य के लिए अनुशासित जीवनशैली अपनाना अनिवार्य है। यदि आप भी इन पांच गलतियों को दोहरा रहे हैं, तो आज ही सतर्क हो जाएं। सचेत रहें, क्योंकि एक स्वस्थ हृदय ही लंबी उम्र की कुंजी है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
दिनभर थोड़ा-थोड़ा स्नैक्स खाते रहने की आदत मेटाबॉलिज्म को सुस्त कर देती है। डॉक्टर शालिनी चेतावनी देती हैं कि बार-बार खाने से आर्टरीज में सूजन आने लगती है, जो अंततः ब्लॉकेज का रूप ले लेती है। बेहतर हृदय स्वास्थ्य के लिए अनुशासित जीवनशैली अपनाना अनिवार्य है। यदि आप भी इन पांच गलतियों को दोहरा रहे हैं, तो आज ही सतर्क हो जाएं। सचेत रहें, क्योंकि एक स्वस्थ हृदय ही लंबी उम्र की कुंजी है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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