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Health Alert: कहीं आप भी तो नहीं दे रहे हैं बीमारियों को बुलावा? ये एक गलती बिगाड़ सकती है पूरी सेहत

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Tue, 28 Apr 2026 08:18 PM IST
सार

रात में बहुत देर से खाना खाने से शरीर की प्राकृतिक बायोलॉजिकल क्लॉक यानी सर्केडियन रिद्म प्रभावित होती है। अगर आप भी ये गलती कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए। ये सेहत पर भारी पड़ सकती है।

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डिनर को लेकर लापरवाही - फोटो : Amarujala.com/AI

काम की दौड़भाग, जीवन में व्यवस्तता ने हमारी लाइफस्टाइल को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इसका हमारे खान-पान पर भी असर पड़ा है। विशेषज्ञ कहते हैं, लोगों के डिनर का समय काफी देर होता जा रहा है, जिसे सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला माना जाता है।



ऑफिस से देर से लौटना हो या फिर देर रात तक काम करने की वजह से लोग अक्सर अपना डिनर भी बहुत देर से करते हैं। कई लोगों को लगता है कि बस खाना खा लेना ही काफी है, पर कई अध्ययनों से पता चला है कि रात में देर से भोजन की आपकी आदत सेहत के लिए बड़ी मुश्किलों का कारण तक बन सकती है।

विशेषज्ञ कहते हैं, ये आदत न सिर्फ आपके पाचन को गड़बड़ कर देती है, बल्कि हड्डियों, दिल की सेहत और ब्लड प्रेशर को भी प्रभावित करने वाली हो सकती है। अगर आप भी ये गलती कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए।

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खान-पान को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Freepik.com

देर से डिनर करना नुकसानदायक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, देर से डिनर करने से शरीर की प्राकृतिक बायोलॉजिकल क्लॉक प्रभावित होती है। हमारा पाचन तंत्र दिन के समय ज्यादा सक्रिय होता है, जबकि रात में शरीर रिपेयर मोड में चला जाता है। 
 

  • देर रात भारी भोजन करने से पाचन धीमा हो जाता है और कई स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो सकती हैं। 
  • देर से डिनर करने वालों में मोटापा, एसिडिटी, नींद की समस्या, ब्लड शुगर लेवल में असंतुलन और हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
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आर्थराइटिस का खतरा - फोटो : Adobe Stock

देर रात भोजन से हड्डियां हो सकती हैं कमजोर

अगर आप रात को भोजन भी देर से करते हैं तो यह काफी हानिकारक हो सकता है। जर्नल ऑफ द एंडोक्राइन सोसाइटी में प्रकाशित अध्ययन में सामने आया है कि जो अक्सर सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं और रात का खाना भी देर से खाते हैं, उनमें ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा ज्यादा होता है। 
 

  • ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी हड्डियों को कमजोर और पतली करती है। इसकी वजह से कूल्हे, हाथ, रीढ़ की हड्डी या कंधे की हड्डियां जल्दी टूट जाती हैं। 
  • जापान में नारा मेडिकल यूनिवर्सिटी में किए गए अध्ययन में 9.27 लाख वयस्कों का डाटा लिया गया।
  • इसमें पुरुष 45.3% और महिलाएं 54.7% शामिल थीं। 
  • अध्ययन में पाया गया कि नाश्ता नहीं करना, देर रात खाना, धूम्रपान, शराब पीना, व्यायाम कम करना गठिया के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है।
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मोटापे का खतरा - फोटो : Adobe Stock

मोटापे का रहता है खतरा

अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग देर रात भोजन करते हैं, उनमें मोटापे का खतरा अधिक होता है।
 

  • रात के समय शारीरिक गतिविधि बहुत कम होती है, इसलिए अतिरिक्त कैलोरी फैट के रूप में जमा होने लगती है।
  • रात में इंसुलिन की संवेदनशीलता भी कम हो जाती है, जिससे शरीर ग्लूकोज को सही तरीके से प्रोसेस नहीं कर पाता और फैट स्टोरेज बढ़ जाती है।
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सही समय पर करें भोजन - फोटो : Freepik.com

इन खतरों को भी जान लीजिए

रात में देर से खाना खाने से पाचन तंत्र पर सीधा असर पड़ता है। सोने के तुरंत पहले भोजन करने पर पेट को खाना पचाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता। इससे एसिडिटी, गैस, पेट फूलना और अपच जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
 

  • देर रात खाना खाने का असर नींद पर भी पड़ता है। इससे शरीर को पाचन में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे नींद आने में देरी होती है और गहरी नींद नहीं मिलती।
  • लेट नाइट डिनर शरीर के मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित कर सकता है। मेलाटोनिन वही हार्मोन है जो अच्छी नींद के लिए जिम्मेदार होता है।
  • देर रात भोजन करने से ब्लड शुगर लेवल पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। रात के समय शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा होता है, जिससे ग्लूकोज को नियंत्रित करना कठिन हो जाता है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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