वजन बढ़ना और मोटापा मौजूदा समय की सबसे आम लेकिन गंभीर समस्याओं में से एक है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में ये दिक्कत देखी जा रही है। लोग वजन घटाने के लिए तरह-तरह के प्रयास करते रहते हैं। जिम जाने से लेकर डाइटिंग और दवाओं तक लोग इसके लिए कई सारे उपाय करते रहते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि कुछ लोगों का वजन बिना किसी प्रयास, बिना किसी डाइटिंग या जिम के भी तेजी से घटता जाता है। वैसे कुछ लोगों के लिए ये अच्छा संकेत हो सकता है, पर बिना कारण के वेट लॉस को स्वास्थ्य विशेषज्ञ कई बार बीमारियों का कारण भी मानते हैं।
Weight Loss: डाइटिंग नहीं कर रहे फिर भी तेजी से घट रहा वजन? आखिर क्या है इसके पीछे का कारण
हर बार अचानक वजन कम होने का मतलब गंभीर बीमारी नहीं होता। मौसम, तनाव, दिनचर्या में बदलाव, भूख में कमी या किसी दवा के असर से भी वजन घट सकता है। ले
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वजन कम होने का क्या कारण है?
डॉक्टर कहते हैं, हर बार अचानक वजन कम होने का मतलब गंभीर बीमारी नहीं होता। कई बार ज्यादा तनाव लेने, दिनचर्या में बदलाव या किसी दवा के असर से भी वजन घट सकता है। लेकिन अगर वजन लगातार कम हो रहा है और इसकी कोई स्पष्ट वजह समझ नहीं आ रही, तो इसे केवल यह सोचकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए कि शायद शरीर अपने आप फिट हो रहा है।
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि अगर छह महीने के दौरान बिना किसी कोशिश के शरीर के वजन का पांच प्रतिशत से ज्यादा कम हो जाए, तो इसकी जांच कराना जरूरी माना जाता है। आइए जानते हैं कि किन बीमारियों के कारण ये दिक्कत हो सकती है?
थायरॉयड की समस्या
थायरॉयड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाती है। जब यह जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो जाती है, तो शरीर सामान्य से ज्यादा तेजी से कैलोरी बर्न करने लगता है। इसे हाइपरथायरॉयडिज्म कहा जाता है। इस समस्या में भी लोगों का बिना कोशिश के वजन कम होने लग जाता है।
- अगर हाइपरथायरॉयडिज्म के कारण ये दिक्कत हो रही है तो इसके साथ दिल की धड़कन तेज होने, ज्यादा पसीना आने, हाथ कांपने, बेचैनी या नींद में परेशानी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
कहीं आपको डायबिटीज तो नहीं?
डायबिटीज की समस्या के कारण भी कई लोगों में तेजी से वजन घटने की दिक्कत हो सकती है। खासकर टाइप-1 डायबिटीज में शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता। इससे ग्लूकोज शरीर की कोशिकाओं तक ठीक से नहीं पहुंच पाता और शरीर ऊर्जा के लिए दूसरे स्रोतों का इस्तेमाल करने लगता है। इस वजह से बिना डाइटिंग के वजन घट सकता है।
- वजन घटने के साथ बार-बार पेशाब आ रहा है, बहुत ज्यादा प्यास लगती है या फिर थकान और कमजोरी जैसे दिक्कत हो रही हैं तो समय रहते डॉक्टर की सलाह ले लें।
इन बीमारियों के कारण भी घट सकता है वजन
- क्रोहन डिजीज और अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी आंतों की सूजन वाली बीमारियां भी वेट लॉस का कारण बनती हैं। ये लंबे समय तक पाचन तंत्र को प्रभावित करती हैं। इनके कारण दस्त, पेट दर्द और शरीर में पोषक तत्वों के इस्तेमाल या अवशोषण से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इससे वजन कम हो सकता है।
- लंबे समय तक रहने वाली बीमारियों और संक्रमणों में शरीर लगातार ऊर्जा खर्च करता है। ऐसी स्थितियों में भूख कम हो सकती है और धीरे-धीरे वजन घटने लगता है।
- वजन घटने का कारण हमेशा शरीर की कोई बीमारी नहीं होती। लंबे समय तक तनाव, चिंता या अवसाद के दौरान भूख कम हो सकती है इससे भी धीरे-धीरे वजन कम हो सकता है।
- बिना कोशिश के वजन कम होना कुछ प्रकार के कैंसर में दिखाई देने वाला संकेत हो सकता है। पाचन तंत्र, अग्न्याशय, लिवर और कुछ अन्य कैंसरों में अनजाने वजन घटने की समस्या हो सकती है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।