हमारे शरीर का मैकेनिज्म ऐसा है कि छोटी-मोटी समस्याओं को वह खुद से ही ठीक कर लेता है। इम्यून सिस्टम की इसमें सबसे बड़ी भूमिका होती है। आपकी इम्युनिटी जितनी मजबूत होगी, शरीर की ताकत भी उतनी अच्छी होगी। चोट-घाव के ठीक होने के पीछे भी यही साइंस काम करता है। जिनकी इम्युनिटी मजबूत होती है वो चोट से जल्दी रिकवर करते हैं, घाव जल्दी ठीक हो जाते हैं, वहीं जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें लंबा वक्त लग सकता है।
Health Risk: छोटा सा घाव भी नहीं हो रहा ठीक? ये डायबिटीज की वजह से है या कोई अन्य समस्या
अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज नहीं है, लेकिन फिर भी मामूली चोट ठीक होने में लंबा समय ले रही है तो अलर्ट हो जाइए। आइए जानते हैं कि ये दिक्कत और किन कारणों से होती है?
डायबिटीज में देर से घाव भरने की समस्या
डॉक्टर बताते हैं, डायबिटीज में ब्लड शुगर का स्तर अक्सर बढ़ा रहता है, जिससे घाव भरने की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
हाई ग्लूकोज के कारण रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे प्रभावित हिस्से तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व कम पहुंचते हैं। यही कारण है कि डायबिटीज मरीजों में घाव देर से भरते हैं।
अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने ऐसी ही गंभीर समस्या डायबिटिक फुट अल्सर के बारे में जानकारी दी थी।
क्या है इसका कारण?
लगातार हाई शुगर बना रहना आपके इम्यून सिस्टम को भी कमजोर कर देता है। इससे व्हाइट ब्लड सेल्स (डब्ल्यूबीसी) की संक्रमण से लड़ने में धीमी हो जाती हैं। इस वजह से भी छोटे घाव भी जल्दी संक्रमित हो सकते हैं और आसानी से ठीक नहीं होते।
यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को शुगर कंट्रोल रखने के साथ इम्युनिटी को मजबूत बनाने की सलाह देते हैं ताकि इस तरह के जोखिमों से बचा जा सके।
जिंक की कमी में भी देर से भरते हैं घाव
डायबिटीज की समस्या के अलावा घाव देर से ठीक होने का एक कारण शरीर में जिंक की कमी भी हो सकती है।
- जिंक एक आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट है जो शरीर में नई कोशिकाएं बनाने, इम्यून सिस्टम मजबूत करने और घाव भरने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- जब शरीर में जिंक की कमी होती है, तो टिश्यू रिपेयर धीमी हो जाती है। जिंक डीएनए सिंथेसिस, सेल डिवीजन और कोलेजन निर्माण में मदद करता है, ये सभी घाव भरने के लिए जरूरी प्रक्रियाएं हैं।
- जिंक की कमी होने पर सिर्फ घाव ही देर से नहीं भरते, बल्कि बाल झड़ना, त्वचा पर रैशेज, बार-बार संक्रमण, स्वाद में कमी और बच्चों में विकास रुकना जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।
कैसे पहचानें कि समस्या डायबिटीज की है या जिंक की कमी की?
डायबिटीज और जिंक की कमी दोनों स्थितियों में घाव देर से भरते हैं, लेकिन आपकी दिक्कत किस वजह से है आइए जानते हैं इसका कैसे पता लगा सकते हैं?
- यदि व्यक्ति को पहले से डायबिटीज है या परिवार में किसी को ये बीमारी रही है तो घाव भरने में देरी अधिकतर हाई शुगर के कारण होती है। डायबिटीज के कारण आपको अक्सर थकान, बार-बार प्यास लगने, बार-बार पेशाब की भी दिक्कत होती है। ये समस्याएं जिंक की कमी में नहीं होतीं।
- वहीं जिंक की कमी के कारण घाव देर से ठीक होने के अलावा आपको त्वचा संबंधी अन्य समस्याएं, बाल झड़ने, नाखून कमजोर होने और स्वाद में बदलाव जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। इसमें बार-बार पेशाब या प्यास लगने की समस्या नहीं होती है।
- कई बार दोनों समस्याएं साथ भी हो सकती हैं इसलिए डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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