शरीर के ठीक तरीके से काम करते रहने के लिए हमें नियमित रूप से ऐसे आहार की जरूरत होती है जिससे जरूरी पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति हो सके। हालांकि चिंताजनक बात ये है कि लोगों में बढ़ती खान-पान की गड़बड़ी ने इसे काफी मुश्किल बना दिया है। लिहाजा कम उम्र में ही आयरन, विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी देखी जा रही है। इन पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए लोग कई तरह के मल्टीविटामिन्स का सेवन करते हैं।
Nutritional Supplements: फिटनेस के नाम पर खुद को बीमार तो नहीं बना रहे आप? ये गलती डैमेज कर देगी किडनी-लिवर
लंबे समय तक अत्यधिक मात्रा में सप्लीमेंट्स का सेवन कुछ लोगों में किडनी स्टोन, हाइपरकैल्सीमिया, मतली, कमजोरी और यहां तक कि किडनी को नुकसान जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है।
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क्या आप भी लेते हैं सप्लीमेंट्स?
डॉक्टर कहते हैं, बिना जांच या बिना डॉक्टरी सलाह के लंबे समय तक सप्लीमेंट्स लेना नुकसानदायक हो सकता है। शरीर की जरूरत से ज्यादा विटामिन और मिनरल हमेशा फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले हो सकते हैं। कई सप्लीमेंट्स दवाओं के साथ प्रतिक्रिया भी करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित आहार पोषण का सबसे अच्छा स्रोत है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, दूध-अंडा से फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और प्राकृतिक यौगिक आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं। इसलिए खुद से न्यूट्रिशन की पूर्ति के लिए गोलियां नहीं लेनी चाहिए।
क्या होता है सप्लीमेंट्स का असर?
शरीर को सीमित मात्रा में ही हर पोषक तत्व की जरूरत होती है। जरूरत से अधिक मात्रा लेने पर कुछ विटामिन और मिनरल शरीर में जमा होकर विषैले प्रभाव पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा कई सप्लीमेंट्स दवाओं के असर को भी बदल सकते हैं।
- विटामिन के रक्त पतला करने वाली दवाओं के प्रभाव को प्रभावित कर सकता है, वहीं कुछ मिनरल एंटीबायोटिक दवाओं के अवशोषण को कम कर देते हैं।
कैल्शियम सप्लीमेंट्स के नुकसान
कैल्शियम हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी अधिकता नुकसानदायक हो सकती है।
- यदि आप डाइट से पहले से पर्याप्त कैल्शियम ले रहे हैं तो हाई-डोज सप्लीमेंट से किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ सकता है।
- अधिक कैल्शियम कब्ज, पेट फूलने और कुछ मामलों में रक्त में कैल्शियम का स्तर बढ़ा सकता है, जिससे मांसपेशियों की कमजोरी, उल्टी और हृदय की धड़कन में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- कैल्शियम आयरन, जिंक और कुछ एंटीबायोटिक दवाओं के अवशोषण को भी प्रभावित कर सकता है, इसलिए इसे अन्य दवाओं से अलग समय पर लेने की सलाह दी जाती है।
विटामिन डी सप्लीमेंट
भारत सहित दुनियाभर के लोगों में विटामिन-डी की कमी देखी जा रही है। विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि अत्यधिक विटामिन डी शरीर में कैल्शियम का स्तर असामान्य रूप से बढ़ा सकता है। इससे किडनी स्टोन, किडनी डैमेज होने, बार-बार पेशाब और भ्रम जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
आयरन सप्लीमेंट की अधिकता
आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी मिनरल है। इसकी कमी से एनीमिया हो सकता है, इसलिए डॉक्टर आयरन सप्लीमेंट देते हैं।
- लेकिन जिन लोगों में आयरन की कमी नहीं होती, उनके लिए अतिरिक्त आयरन नुकसानदायक हो सकता है।
- हाई-डोज आयरन लेने से कब्ज, पेट दर्द, मतली, उल्टी और काले रंग का मल जैसी समस्याएं आम हैं।
- लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा आयरन शरीर में लिवर, हृदय और अन्य अंगों में जमा हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।