Brain Tumor Day: ब्रेन में ट्यूमर होने की समस्या गंभीर और जानलेवा हो सकती है। कुछ दशकों पहले तक माना जाता था कि ये सिर्फ वयस्कों या बुजुर्गों को होने वाली दिक्कत है, हालांकि इसका खतरा कम उम्र के लोगों यहां तक कि बच्चों में भी देखा जा रहा है।
World Brain Tumor Day: किसे ब्रेन ट्यूमर होने का खतरा अधिक? कहीं आपको भी तो नहीं है जोखिम, यहां जानिए सबकुछ
डॉक्टर्स बताते हैं, कुछ स्थितियां हैं जो आपमें ब्रेन ट्यूमर होने का जोखिम बढ़ा देती हैं। इसे समझते हुए ऐसे लोगों को और सावधान रहना चाहिए। अगर हम शुरू से सावधानी रखें और अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें, तो ट्यूमर या इसके कारण होने वाली समस्याओ को समय रहते पहचाना और रोका जा सकता है।
ब्रेन ट्यूमर का जोखिम और खतरा
ब्रेन ट्यूमर के जोखिम और खतरों के बारे में जानने से पहले इसके दुनियाभर में बढ़ते मामलों पर एक नजर डाल लेते हैं।
साल 2022 के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि इस साल दुनियाभर में मस्तिष्क और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में ट्यूमर के अनुमानित 3.22 नए मामले सामने आए। वहीं हर साल ब्रेन ट्यूमर या इसके कारण होने वाले कैंसर से 2.5 लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। सभी लोगों को इस खतरे से सावधान रहने के लिए उपाय करते रहना चाहिए।
डॉक्टर कहते हैं, अगर समय रहते ट्यूमर के लक्षणों की पहचान और इसका इलाज करा लिया जाए तो इससे होने वाले गंभीर खतरों से बचा जा सकता है।
आइए जानते हैं कि किसे इस समस्या का खतरा अधिक होता है?
किन लोगों को ब्रेन ट्यूमर का ज्यादा खतरा होता है?
डॉक्टर्स बताते हैं, कुछ स्थितियां हैं जो आपमें ब्रेन ट्यूमर होने का जोखिम बढ़ा देती हैं। इसे समझते हुए ऐसे लोगों को और सावधान रहना चाहिए।
- जिनके परिवार में पहले किसी को ब्रेन ट्यूमर रहा हो, उनमें इसका खतरा अधिक हो सकता है।
- बचपन में सिर पर रेडियोथेरेपी दी गई हो, तो भविष्य में इस तरह का जोखिम हो सकता है।
- 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में जोखिम अधिक होता है, हालांकि अब ये बच्चों में भी देखने को मिल रहा है।
- कीटनाशक और रसायनों के अधिक संपर्क में रहने वाले लोगों को भी सावधान रहना चाहिए।
- इम्यून सिस्टम कमजोर है तो इसके कारण भी आपको गंभीर समस्याओं का खतरा हो सकता है।
(हर साल 2.5 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले लेता है ब्रेन ट्यूमर, समय पर इसकी पहचान कैसे करें?)
रेडियोथेरेपी हुआ है तो सावधान
डॉक्टर कहते हैं, जिन लोगों की रेडियोथेरेपी हो रही है या किसी कारण से कई बार सीटी स्कैन या सिर का एक्स-रे हुआ है उनमें उच्च जोखिम हो सकता है। रेडिएशन के नजदीक संपर्क में काम करने वालों में ब्रेन ट्यूमर का जोखिम अधिक होने का खतरा रहता है। ऐसे लोगों को डॉक्टर से मिलकर सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
ब्रेन ट्यूमर का समय से पहचान जरूरी
ब्रेन ट्यूमर कोई अचानक होने वाली बीमारी नहीं है। इसके पीछे कई कारण होते हैं, इसमें से कुछ आपके कंट्रोल में होते हैं, कुछ नहीं। हालांकि अगर हम शुरू से सावधानी रखें और शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें, तो ट्यूमर या इसके कारण होने वाली समस्याओ को समय रहते पहचाना और रोका जा सकता है।
-----------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
