Lung Cancer Symptoms In Non-Smokers: हर साल 4 फरवरी को दुनिया भर में 'विश्व कैंसर दिवस' मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इसके रोकथाम, जल्दी पहचान और उपचार के लिए प्रोत्साहित करना है। आमतौर पर यह माना जाता है कि फेफड़ों का कैंसर केवल उन्हीं लोगों को होता है जो धूम्रपान करते हैं या तंबाकू का सेवन करते हैं, लेकिन आंकड़ों कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। भारत में अब बड़ी संख्या में ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं जिन्होंने जीवन में कभी सिगरेट को छुआ तक नहीं।
World Cancer Day: क्या हैं फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण? तंबाकू नहीं खाने वालों को भी हो सकती है बीमारी
Early Warning Signs of Lung Cancer: फेफड़ों का कैंसर होना एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक हमारे देश में हर साल फेफड़ों के कैंसर के लगभग एक लाख नए मामले आते हैं। अब ध्यान देने वाली बात यह है कि इनमें कई मामले ऐसे भी होते हैं, जिन्होंने जीवन में कभी भी तंबाकू का सेवन नहीं किया है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
तंबाकू नहीं खाने वालों में कैंसर के मुख्य कारण
धूम्रपान न करने वालों में कैंसर के पीछे एन्वायरमेंटल एक्सपोजर और जेनेटिक बदलाव सबसे बड़े कारण हैं। शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण और जहरीली हवा में मौजूद कण सीधे फेफड़ों की गहराई तक जाकर डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं।
इसके अलावा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रसोई के अंदर बायोमास ईंधन (लकड़ी, उपले) पर खाना पकाने के दौरान निकलने वाला धुआं महिलाओं में फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण बनकर उभरा है। घर के अंदर वेंटिलेशन की कमी इन कैंसरकारक तत्वों को हवा में जमा कर देती है।
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फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती चेतावनी संकेत
इस बीमारी का सबसे पहला और सामान्य लक्षण लगातार रहने वाली खांसी है, जो 2-3 सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहती है। अगर आपकी खांसी के साथ खून आ रहा है या बलगम का रंग असामान्य है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
इसके अलावा बिना किसी खास मेहनत के सांस फूलना, सीने में जकड़न महसूस होना या गहरी सांस लेने और हंसते समय सीने में दर्द होना भी फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
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आवाज में बदलाव और बार-बार होने वाला संक्रमण
अगर आपकी आवाज में अचानक भारीपन आ गया है जो ठीक नहीं हो रहा, तो यह गले या फेफड़ों के ट्यूमर का संकेत हो सकता है। इसके अलावा अगर आपको बार-बार निमोनिया या ब्रोंकाइटिस जैसे श्वसन संक्रमण हो रहे हैं, तो इसका मतलब है कि फेफड़ों की रक्षा प्रणाली कमजोर हो गई है।
बिना किसी कारण के तेजी से वजन कम होना और हर समय थकान महसूस करना भी इस बात का इशारा है कि शरीर किसी गंभीर बीमारी से लड़ रहा है।
शीघ्र पहचान और बचाव के उपाय
फेफड़ों के कैंसर का इलाज तब सबसे सफल होता है जब इसकी पहचान पहली या दूसरी स्टेज में हो जाए। विशेषज्ञों का सुझाव है कि प्रदूषण वाले इलाकों में रहने वालों और कैंसर के पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को समय-समय पर 'लो-डोज सीटी स्कैन' करवाना चाहिए।
तंबाकू से दूरी बनाने के साथ-साथ घर में बेहतर वेंटिलेशन सुनिश्चित करना और प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क का उपयोग करना बहुत जरूरी है। आपकी जागरूकता ही इस जानलेवा बीमारी के खिलाफ आपका सबसे बड़ा हथियार है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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