विश्व चॉकलेट दिवस 2026: दिल और दिमाग के लिए कौन-सी चॉकलेट बेहतर? एक्सपर्ट ने दी अहम सलाह
World Chocolate Day 2026: आज वर्ल्ड चॉकलेट डे के मौके पर हम आपको बताएंगे कि कौन सी चॉकलेट खाना सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है और इसके क्या लाभ हैं।
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- इसमें 70% या उससे अधिक कोको होता है।
- फ्लेवोनॉयड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
- दिल की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।
- ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकती है।
- ब्रेन फंक्शन और मूड को बेहतर बनाने में मददगार मानी जाती है।
- सीमित मात्रा में खाने से सूजन कम करने में मदद मिल सकती है।
डार्क चॉकलेट के नुकसान
- अधिक मात्रा में खाने से कैलोरी बढ़ सकती है।
- कैफीन की वजह से कुछ लोगों की नींद प्रभावित हो सकती है।
- ज्यादा सेवन वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है।
- इसमें कोको बटर होता है, लेकिन कोको सॉलिड्स नहीं होते।
- कैल्शियम और दूध से मिलने वाले कुछ पोषक तत्व मौजूद रहते हैं।
- स्वाद में अधिक मीठी और क्रीमी होती है।
- शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है।
व्हाइट चॉकलेट के नुकसान
- इसमें चीनी और फैट की मात्रा अधिक होती है।
- एंटीऑक्सीडेंट्स लगभग नहीं होते।
- अधिक सेवन से मोटापा और ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा रहता है।
एक्सपर्ट की राय क्या है?
पोषण विशेषज्ञों और हृदय स्वास्थ्य से जुड़े कई शोधों के अनुसार, 70 प्रतिशत या उससे अधिक कोको वाली डार्क चॉकलेट को सीमित मात्रा में खाना स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है। इसका मुख्य कारण यह है कि इसमें फ्लेवोनॉयड्स, पॉलीफेनॉल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। इससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन कम करने में भी सहायता मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डार्क चॉकलेट में मौजूद फ्लेवोनॉयड्स रक्त वाहिकाओं को बेहतर ढंग से काम करने में मदद कर सकते हैं, जिससे रक्त संचार में सुधार होता है और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में सहायता मिल सकती है। कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि नियमित लेकिन सीमित मात्रा में डार्क चॉकलेट खाने से अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के ऑक्सीडेशन को कम करने में मदद मिल सकती है, जिससे हृदय रोगों का जोखिम कम हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।