World Diabetes Day 2025: मधुमेह दुनिया भर में एक तेजी से बढ़ती हुई स्वास्थ्य समस्या है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (आडीएफ) के अनुसार विश्व में वर्तमान में 53.7 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, और यह संख्या 2045 तक 78.3 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। यह एक गंभीर बीमारी है जो हृदय रोग, किडनी फेलियर और अंधापन जैसी घातक जटिलताओं का जोखिम कई गुना बढ़ा देती है। आईडीएफ के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत दुनिया भर में दूसरा सबसे बड़ा डायबिटीज पीड़ित देश है और यहां लगभग 7.4 करोड़ वयस्क मधुमेह से पीड़ित हैं।
World Diabetes Day 2025: डायबिटीज रोगी चावल खा सकते हैं या नहीं? शुगर कंट्रोल रखने के लिए ये बातें जाननी जरूरी
- World Diabetes Day 2025: डायबिटीज एक बेहद गंभीर बीमारी है, जो कई जानलेवा बीमारियों का जोखिम बढ़ा देती है। हमारे देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या बहुत अधिक है। इसलिए बहुत से लोगों के मन में ये सवाल होता है कि क्या शुगर के मरीज चावल खा सकते हैं, आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
सफेद चावल क्यों है कम फायदेमंद?
सफेद चावल को पॉलिशिंग प्रक्रिया से गुजारा जाता है, जिसमें उसके फाइबर, चोकर और पोषक तत्व पूरी तरह से हट जाते हैं। इस वजह से इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 70 से अधिक होता है, जो खाने के बाद रक्त शर्करा को तेजी से बढ़ाता है। सफेद चावल जल्दी पच जाता है, लेकिन इससे बार-बार भूख लगती है और यह इंसुलिन पर दबाव डालता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को सफेद चावल का सेवन बहुत सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
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ब्राउन राइस क्यों है सबसे बेहतर विकल्प?
ब्राउन राइस डायबिटीज रोगियों के लिए सबसे बेस्ट विकल्प है। यह साबुत अनाज होता है, जिसमें चोकर और रोगाणु मौजूद रहते हैं, जिससे इसमें फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है। फाइबर के कारण इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम (लगभग 50-55) होता है। यह पेट में धीरे-धीरे पचता है, जिससे ग्लूकोज खून में धीरे-धीरे रिलीज होता है और ब्लड शुगर का लेवल अचानक नहीं बढ़ने देता है।
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सेवन का सही तरीका और मात्रा
चावल को हमेशा अकेले खाने से बचें। इसे प्रोटीन (दाल, पनीर, दही) और सब्जियों (फाइबर) के साथ मिलाकर खाएं। यह मिश्रण चावल के ग्लाइसेमिक इंडेक्स को कम कर देता है। इसके अलावा, चावल को ठंडा करके खाने से उसमें रेसिस्टेंट स्टार्च बनता है, जो ब्लड शुगर पर कम असर डालता है।
डायबिटीज मरीज इस बात का विशेष ध्यान रखें कि एक छोटी कटोरी (लगभग आधा कप) से ज्यादा चावल न खाएं, साथ ही ये ध्यान रखें कि अगर आपको डॉक्टर ने चावल खाने को बिल्कुल मना किया है तो कोई भी चावल न खाएं।
ब्राउन राइस के अलावा, डायबिटीज के मरीज जंगली चावल और लाल चावल भी खा सकते हैं। इन दोनों में ही सफेद चावल की तुलना में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा अधिक होती है। इन्हें खाने से पहले हमेशा पानी में अच्छी तरह भिगोना चाहिए ताकि पाचन आसान हो। चावल खाने के बाद थोड़ी देर टहलना भी शुगर को नियंत्रित रखने में सहायक होता है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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