क्या आप अपने लिवर का ख्याल रख रहे हैं? ये सवाल इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि दुनियाभर में लिवर की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। 5 साल से कम उम्र के बच्चे हों, युवा-वयस्क या फिर बुजुर्ग, सभी लिवर की बीमारियों की चपेट में देखे जा रहे हैं।
World Liver Day 2026: चुपचाप लिवर को खराब कर देती है ये बीमारी, जानिए सिरोसिस के बारे में सबकुछ
World Liver day 2026: लिवर सिरोसिस में लिवर की कोशिकाएं धीरे-धीरे डैमेज होती जाती हैं और उनकी जगह सख्त ऊतक बन जाते हैं। यह स्थिति लिवर के काम करने की क्षमता को कम कर देती है। आखिर किन्हें इस समस्या का खतरा ज्यादा होता है?
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लिवर सिरोसिस की समस्या क्या है?
लिवर सिरोसिस लिवर में होने वाली एक ऐसी गंभीर क्षति (फाइब्रोसिस) है, जिसे ठीक नहीं किया जा सकता है। इस बीमारी के कारण लिवर की कोशिकाएं धीरे-धीरे डैमेज होती जाती हैं और उनकी जगह सख्त ऊतक बन जाते हैं। जैसे-जैसे स्वस्थ ऊतकों की जगह क्षतिग्रस्त ऊतक लेने लगते हैं, इस वजह से लिवर कड़ा हो जाता है और ठीक से काम नहीं कर पाता। इस स्थिति में कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
- लिवर सिरोसिस के कारण लिवर फेल भी हो सकता है।
- गंभीर मामलों में लिवर ट्रांसप्लांट की भी आवश्यकता पड़ सकती है।
- शराब और नशीले पदार्थ, वायरस और मेटाबॉलिक समस्याएं इसका सबसे आम कारण हैं।
क्या है इस बीमारी का कारण?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लिवर का मुख्य काम शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालना, पोषक तत्वों को स्टोर करना और पाचन में मदद करना है, लेकिन सिरोसिस के कारण लिवर का ब्लड फ्लो प्रभावित हो जाता है, जिससे इसकी कार्यक्षमता घटने लगती है। यह बीमारी धीरे-धीरे कई वर्षों में विकसित होती है लेकिन समस्या की बात ये है कि शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लिवर सिरोसिस के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, लेकिन इसका सबसे आम कारण अत्यधिक शराब पीना है। शराब लिवर की कोशिकाओं को धीरे-धीरे नष्ट करने लगाती है, जिससे स्कार टिश्यू बनते हैं।
- हेपेटाइटिस जैसे वायरल संक्रमण भी सिरोसिस का कारण बन सकते हैं।
- ये वायरस लिवर में सूजन पैदा करते हैं और समय के साथ उसे डैमेज कर देते हैं।
- मोटापा, डायबिटीज और खराब लाइफस्टाइल जैसी स्थितियां भी लिवर को नुकसान पहुंचाकर सिरोसिस को बढ़ावा दे सकती हैं।
लिवर सिरोसिस की पहचान कैसे करें?
क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार सिरोसिस की स्थिति में शुरुआत में कोई खास लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती जाती है आपको कई तरह की दिक्कतें महसूस होने लगती हैं।
- शुरुआत में थकान, कमजोरी, भूख न लगना और वजन कम होने जैसे संकेत दिख सकते हैं।
- बीमारी बढ़ने के साथ पीलिया, पेट में सूजन, पैरों में सूजन और शरीर में खुजली जैसे लक्षण सामने आते हैं।
- उल्टी के साथ खून आना या काले रंग का मल भी दिखाई दे सकता है।
- पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द।
किन्हें इसका ज्यादा खतरा होता है?
लिवर सिरोसिस का खतरा किसी को हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसका जोखिम ज्यादा होता है।
- अत्यधिक शराब पीने वालों में ये बीमारी सबसे ज्यादा देखी जाती रही है।
- जिन लोगों में हेपेटाइटिस बी या सी का संक्रमण है, उनमें भी सिरोसिस का खतरा काफी ज्यादा होता है।
- फैटी लिवर की समस्या पर अगर ध्यान न दिया जाए तो इसके कारण भी जोखिम बढ़ सकता है।
- डायबिटीज के मरीजों को भी अलर्ट रहना चाहिए क्योंकि हाई ब्लड शुगर लिवर को नुकसान पहुंचाती है।
- अध्ययनों से पता चलता है कि पुरुषों में यह बीमारी महिलाओं के मुकाबले ज्यादा देखी जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस, न्यूज एजेंसी पीटीआई इनपुट के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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