ऑफिस का काम हो या घर की जिम्मेदारियां, हम सभी अपने जीवन में इतने व्यस्त हो गए हैं कि स्वास्थ्य पर ध्यान देना ही भूल जाते हैं। लेकिन यही लापरवाही कई बार बड़ी बीमारियों का कारण बन जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सभी लोगों को सालभर में कम से कम एक बार कुछ बेसिक हेल्थ टेस्ट जरूर कराने चाहिए। ये टेस्ट न सिर्फ शरीर की अंदरूनी स्थिति के बारे में बताते हैं, बल्कि किसी गंभीर बीमारी के शुरुआती लक्षणों को भी समय रहते पकड़ लेते हैं।
Health Tips: शरीर में पनप तो नहीं रही है कोई बड़ी बीमारी? समय पर पता लगाने में मदद करेंगे ये चार टेस्ट
- 30 साल से अधिक आयु वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के आधार पर छह माह-एक साल की अवधि में स्वास्थ्य जांच जरूर कराते रहना चाहिए। आइए जानते हैं कि आपके लिए कौन-कौन से जांच जरूरी हैं? और इससे किन समस्याओं का निदान किया जा सकता है?
30 साल से अधिक आयु वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के आधार पर छह माह-एक साल की अवधि में स्वास्थ्य जांच जरूर कराते रहना चाहिए। आइए जानते हैं कि आपके लिए कौन-कौन से जांच जरूरी हैं? और इससे किन समस्याओं का निदान किया जा सकता है?
कंप्लीट ब्लड काउंट टेस्ट (सीबीसी)
सीबीसी जांच के दौरान खून का सैंपल लिया जाता है जिसके आधार पर एनीमिया, शरीर में संक्रमण, कुछ प्रकार के कैंसर आदि के निदान किया जा सकता है। इस जांच में लाल रक्त कोशिकाएं (जो ऑक्सीजन को शरीर के अंगों तक ले जाती हैं) और सफेद रक्त कोशिकाओं (जो संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं) की मात्रा की जांच की जाती है। यदि आपका सीबीसी टेस्ट नार्मल है तो साल में एक बार यह जांच कराएं।
ब्लड शुगर टेस्ट
डायबिटीज गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसके कारण करोड़ों लोग प्रभावित हैं। इसकी जांच के माध्यम से समय रहते रक्त में शुगर की मात्रा का निदान करने में मदद मिलती है। 140 mg/dL से कम रक्त शर्करा का स्तर सामान्य है। खाने के दो घंटे के बाद 200 mg/dL से अधिक की रीडिंग का मतलब है कि आपको मधुमेह है। बढ़े हुए ब्लड शुगर का किडनी, लिवर, हृदय जैसे अंगों पर गंभीर असर हो सकता है, इसलिए समय रहते इस समस्या का निदान और उपचार बहुत आवश्यक है।
लिवर फंक्शन टेस्ट
लिवर हमारे शरीर में भोजन के पाचन से लेकर अपशिष्टों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करती है, इसका सही तरीके से काम करते रहना शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है। लिवर फंक्शन टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल लेकर उसकी जांच की जाती है। परीक्षण में आपके रक्त में कुछ एंजाइमों और प्रोटीन के स्तर को मापा जाता है। इस टेस्ट के माध्यम से हेपेटाइटिस जैसी बीमारी के साथ यह जानने में मदद मिलती है कि लिवर सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं?
थायरॉयड टेस्ट
थायरॉयड हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हार्मोन ग्रंथि है। यह मानव शरीर के मेटाबॉलिज्म, विकास और अन्य कार्यों को नियंत्रित करता है। थायराइड फ़ंक्शन टेस्ट (टीएफटी) आमतौर पर थायराइड उत्तेजक हार्मोन (टीएसएच) की मात्रा को संदर्भित करता है। टीएफटी का उपयोग थायरॉयड ग्रंथि विकारों के निदान और उपचार में मदद करती है। महिलाओं में थायरॉयड की समस्या अधिक देखी जाती है, यह जांच हर साल जरूर कराएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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