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Guru Gobind Singh Jayanti 2022: खालसा पंथ की स्थापना और गुरु ग्रंथ साहिब को बताया सर्वोच्च, ऐसे थे सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह

Sun, 09 Jan 2022 02:33 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Sun, 09 Jan 2022 02:33 AM IST
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Guru Gobind Singh Jayanti 2022 Who Founded Khalsa Panth
गुरु गोविंद सिंह जयंती 2022 - फोटो : Istock

Guru Gobind Singh Jayanti 2022 : सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती नानकशाही कैलेंडर के मुताबिक हर साल पौष महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। गुरु गोबिंद सिंह ने गुरु ग्रंथ साहिब को सिखों का गुरु घोषित करते हुए गुरु परंपरा को खत्म किया था। इसके लिए साल 1699 में उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की थी। सिखों के लिए ये घटना सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं सिख समुदाय के लोग गुरु गोबिंद सिंह की जयंती को बड़े पर्व की तरह मनाते हैं। इस दिन को प्रकाश पर्व भी कहा जाता है। इस बार 9 जनवरी 2022 को गुरु गोबिंद सिंह की जयंती है। आज गुरु गोबिंद सिंह की जयंती को धूमधाम से मनाया जा रहा है। प्रकाश पर्व के मौके पर खालसा पंथ की स्थापना करने वाले सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें जान लीजिए।  

Guru Gobind Singh Jayanti 2022 Who Founded Khalsa Panth
गुरु गोविंद सिंह जयंती 2022 - फोटो : Pixabay

गुरु गोबिंद सिंह का जन्म और बचपन

गुरु गोबिंद सिंह का जन्म पटना में हुआ था। जिस जगह उनका जन्म हुआ,उसे अब पटना साहिब नाम से जाना जाता है। बचपन में उनका नाम गोविंद राय था। उनके पिता गुरु तेग बहादुर थे। उन दिनों मुगलों का शासन था। औरंगजेब गद्दी पर था। औरंगजेब के शासन में इस्लाम को राजधर्म घोषित किया गया। वह जबरन हिंदुओं को धर्म परिवर्तन करवा रहा था। औरंगजेब से प्रताड़ित लोग गुरु तेग बहादुर के पास फरियाद लेकर पहुंचे, लेकिन औरंगजेब ने दिल्ली के चांदनी चौक पर गुरु तेज बहादुर का सरेआम सिर कटवा दिया।

Guru Gobind Singh Jayanti 2022 Who Founded Khalsa Panth
गुरु गोविंद सिंह जयंती 2022 - फोटो : facebook

सिखों के 10वें और आखिरी गुरु 

पिता के निधन के समय गोबिंद मात्र 9 साल के थे। उन्हें तुरंत गुरु बना दिया गया। 11 नवंबर 1675 को गुरु गोबिंद सिंह ने गुरु पद की जिम्मेदारी ली। उसके बाद से उन्होंने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा में गुजार दिया। बाद में गुरु गोबिंद ने गुरु प्रथा का अंत कर दिया। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की और गुरु ग्रंथ साहिब को ही सबसे बड़ा बताया। जिसके बाद सिख समुदाय गुरु ग्रंथ साहिब की पूजा करने लगे। उन्होंने सिख समुदाय के लिए सबसे बड़ा फैसला लिया।

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Guru Gobind Singh Jayanti 2022 Who Founded Khalsa Panth
गुरु गोविंद सिंह जयंती 2022 - फोटो : amar ujala

गुरु प्रथा का अंत और खालसा पंथ का उदय

गुरु गोबिंद जी ने खालसा पंथ की स्थापना आनंदपुर साहिब में 1699 को बैसाखी के दिन की थी। उन्होंने खालसा वाणी भी दी, जिसमें 'वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह' कहा गया। इसके अलावा उन्होंने पांच प्यारों को अमृत पान करवाकर खालसा बनाया और खुद भी उनके हाथों से अमृत पान किया।

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गुरु गोविंद सिंह जयंती 2022 - फोटो : facebook

पंच ककार

गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ में जीवन के पांच सिद्धांत दिए हैं, जिन्हें पंच ककार के नाम से जाना जाता है। इसका मतलब 'क' शब्द से शुरु होने वाले पांच सिद्धांत हैं, जिनका अनुसरण करना हर खालसा सिख के लिए अनिवार्य है। ये पांच ककार हैं- केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा।  

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