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5 ऐसी फेमस डिशेज जिन्हें आप फ्री में भी कभी नहीं खाना चाहेंगे, जानिए क्यों
बीबीसी
Updated Fri, 12 Oct 2018 10:04 AM IST
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खाने के शौकीन आपको कहीं भी मिल जायेंगे जिन्हें कुछ खास पसंद होता है और तो और ऐसे लोग पसंदीदा खाने के लिए किसी रोक टोक को पसंद नहीं करते, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ ऐसे खाने भी होते हैं जिन्हें आप खाना तो दूर देखना भी पसंद न करें। लेकिन जहां लोग उन्हें खाते हैं वो बड़े चाव से खाते हैं। ये वो डिशेज हैं जिनमें खाने को सड़ा गला कर बनाया जाता है, खाने को सड़ा कर बनाने के अपने फायदे हो सकते हैं। वैज्ञानिकों ने भी माना है कि सड़े हुए खाने को खाने से आंतों में अच्छे बैक्ट्रिया पहुंचते हैं।बहरहाल मैं आपको उन पांच डिशेज के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे अलग अलग मौकों पर पहली और आखिरी बार खाया है। तो ऐसा क्या खास है इन खानों में आप भी जानिए।
लाइव एंड वीपिंग चीज ( सड़े हुए पनीर का व्यंजन)
पनीर से बनने वाले व्यंजन कई लोगों को बहुत पसंद होते हैं इसलिए पिज्जा, बर्गर आदि में लोग एक्स्ट्रा पनीर भी पसंद करते हैं।खासकर शाकाहारी लोगों के लिए चिकन-मटन के बदले पनीर ही ऑप्शन सबसे उत्तम माना जाता है लेकिन एक ऐसी डिश है जो पनीर को पूरी तरह सड़ा कर बनाई जाती है। उसे इस हद तक सड़ाया जाता है कि उसमें कीड़े पड़ जाते हैं और उसमें से एक तरह का लिक्विड निकलने लगता है।
इटली के सार्डिनियन इलाके में कासू मार्जु नामक पनीर का डिश मिलता है, जिसमें जिंदा कीड़े होते हैं। लोगों के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए तय यूरोपीय मानकों के अनुसार इसे बनाने की मनाही है लेकिन ये डिश भूख बढ़ाने के लिए अच्छी मानी जाती है।
इसमें मौजूद कीड़े 15 सेंटीमीटर तक उछल सकते हैं इसलिए इस पनीर को खाने वाले को इसे इस तरह से खाना पड़ता है कि ये कीड़े उछलकर आंख और नाक में न घुस जाएं।जो लोग ज़िंदा कीड़ों के साथ नहीं खा सकते वे पेपर बैग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस डिश को पेपर बैग में डाले और बंद कर दें।कीड़े उछलने लगेंगे और थोड़ी देर बाद ऑक्सीजन की कमी से मर जायेंगे और इसका स्वाद मरे हुए कीड़े के साथ लिया जा सकता है।
पनीर से बनने वाले व्यंजन कई लोगों को बहुत पसंद होते हैं इसलिए पिज्जा, बर्गर आदि में लोग एक्स्ट्रा पनीर भी पसंद करते हैं।खासकर शाकाहारी लोगों के लिए चिकन-मटन के बदले पनीर ही ऑप्शन सबसे उत्तम माना जाता है लेकिन एक ऐसी डिश है जो पनीर को पूरी तरह सड़ा कर बनाई जाती है। उसे इस हद तक सड़ाया जाता है कि उसमें कीड़े पड़ जाते हैं और उसमें से एक तरह का लिक्विड निकलने लगता है।
इटली के सार्डिनियन इलाके में कासू मार्जु नामक पनीर का डिश मिलता है, जिसमें जिंदा कीड़े होते हैं। लोगों के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए तय यूरोपीय मानकों के अनुसार इसे बनाने की मनाही है लेकिन ये डिश भूख बढ़ाने के लिए अच्छी मानी जाती है।
इसमें मौजूद कीड़े 15 सेंटीमीटर तक उछल सकते हैं इसलिए इस पनीर को खाने वाले को इसे इस तरह से खाना पड़ता है कि ये कीड़े उछलकर आंख और नाक में न घुस जाएं।जो लोग ज़िंदा कीड़ों के साथ नहीं खा सकते वे पेपर बैग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस डिश को पेपर बैग में डाले और बंद कर दें।कीड़े उछलने लगेंगे और थोड़ी देर बाद ऑक्सीजन की कमी से मर जायेंगे और इसका स्वाद मरे हुए कीड़े के साथ लिया जा सकता है।
यूरिया वाली मछली
इस तरह की स्थिति तब आती है जब आप किसी ऐसे स्थान पर फंसे हो जहां किसी भी तरह का खाना न हो जैसे अगर आप आईलैंड पर फंसे हैं और आपके चारों तरफ पानी और पानी में हो ग्रीनलैंड शार्क। तब आपको लगेगा इसमें कौन सी बड़ी बात है, आप उन्हें पकड़ेंगे और खा जायेंगे।लेकिन ये इतना आसान नहीं है। इंसानों के लिए ग्रीनलैंड में पाए जाने वाले शार्क का मीट घातक होता है क्योंकि इसमें यूरिया का मात्रा अधिक होती है। लोग पहले इन्हें पकड़ते हैं, इनका सिर काट कर शरीर से अलग करते हैं और बिना सिर के शरीर को रेत में गाड़ देते हैं। जहां उन्हें गाड़ा जाता है वहां कई सारे पत्थर लगा दिए जाते हैं ताकि उसे खाने के लिए दूसरे जीव ना आ जाएं।
उसे तब तक छोड़ दिया जाता है जब तक वो सड़ न जाए। तब उसे निकालकर टुकड़ों में काटा जाता है और कुछ महीनों के लिए इसे और सड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है।अंत में ये खाने के लिए तैयार है। इसमें अमोनिया की मात्रा अधिक होती है। कई लोग इसे खाते समय स्थानीय ब्रांडी को भी साथ में रखते हैं जिसे 'प्लेग' कहते हैं। खैर, मुख्य बात है दोनों को तुरंत निगलना लेकिन जिनके पास इंतजार करने का इतना समय नहीं है वे इसे आईलैंड की किसी सुपरमार्केट से सीधा खरीद सकते हैं।
इस तरह की स्थिति तब आती है जब आप किसी ऐसे स्थान पर फंसे हो जहां किसी भी तरह का खाना न हो जैसे अगर आप आईलैंड पर फंसे हैं और आपके चारों तरफ पानी और पानी में हो ग्रीनलैंड शार्क। तब आपको लगेगा इसमें कौन सी बड़ी बात है, आप उन्हें पकड़ेंगे और खा जायेंगे।लेकिन ये इतना आसान नहीं है। इंसानों के लिए ग्रीनलैंड में पाए जाने वाले शार्क का मीट घातक होता है क्योंकि इसमें यूरिया का मात्रा अधिक होती है। लोग पहले इन्हें पकड़ते हैं, इनका सिर काट कर शरीर से अलग करते हैं और बिना सिर के शरीर को रेत में गाड़ देते हैं। जहां उन्हें गाड़ा जाता है वहां कई सारे पत्थर लगा दिए जाते हैं ताकि उसे खाने के लिए दूसरे जीव ना आ जाएं।
उसे तब तक छोड़ दिया जाता है जब तक वो सड़ न जाए। तब उसे निकालकर टुकड़ों में काटा जाता है और कुछ महीनों के लिए इसे और सड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है।अंत में ये खाने के लिए तैयार है। इसमें अमोनिया की मात्रा अधिक होती है। कई लोग इसे खाते समय स्थानीय ब्रांडी को भी साथ में रखते हैं जिसे 'प्लेग' कहते हैं। खैर, मुख्य बात है दोनों को तुरंत निगलना लेकिन जिनके पास इंतजार करने का इतना समय नहीं है वे इसे आईलैंड की किसी सुपरमार्केट से सीधा खरीद सकते हैं।
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प्रसिद्ध ब्रेकफास्ट
जब खाद्य पदार्थों में सड़ा हुआ खाना सामान्य बात हो तब सुबह की शुरुआत ही सड़े हुए खाने से क्यों न हो। एन आत्तो जापान का परंपरागत भोजन है। ये किण्वित किए गए सोया से बनता है, यानी पूरी तरह से सड़ाया गया सोया। जैसा कि इसकी गंध और स्वाद ही बता देता है। ये बहुत ही चिपचिपा होता है और ये उसी की तरह दिखता है जैसे किसी तीन साल के बच्चे के आंतों में इंफेक्शन हो जाने के कारण कीड़े उत्पन्न हो जाते हैं। ये जापान का बहुत ही प्रसिद्ध ब्रेकफास्ट है।
जब खाद्य पदार्थों में सड़ा हुआ खाना सामान्य बात हो तब सुबह की शुरुआत ही सड़े हुए खाने से क्यों न हो। एन आत्तो जापान का परंपरागत भोजन है। ये किण्वित किए गए सोया से बनता है, यानी पूरी तरह से सड़ाया गया सोया। जैसा कि इसकी गंध और स्वाद ही बता देता है। ये बहुत ही चिपचिपा होता है और ये उसी की तरह दिखता है जैसे किसी तीन साल के बच्चे के आंतों में इंफेक्शन हो जाने के कारण कीड़े उत्पन्न हो जाते हैं। ये जापान का बहुत ही प्रसिद्ध ब्रेकफास्ट है।
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सबसे बदबूदार डिश
कई डिश अपनी गंध से ज़्यादा प्रचलित होते हैं। ऐसी ही एक डिश है जिसे उसकी गंध ही उसे खास बनाती है।तरह-तरह के खाद्य पदार्थों की गंध की तुलना करने वाले जापानी टीम के वैज्ञानिकों के अनुसार, सरस्ट्रोमिंग से अधिक बदबूदार खाना ढ़ूढना नामुमकिन है इसलिए इसे घर से बाहर खाने की सलाह दी जाती है ताकि घर में इसकी बदबू न फैले। ये स्वीडन में लोग खाते हैं।
इसे बनाने का तरीका 19वीं शताब्दी में ढ़ूंढा गया था, सरस्ट्रोमिंग को अद्भुत आविष्कार माना जाता है।उस जमाने में इसके लिए एक कटोरी में नमकीन पानी में हेरिंग (फोरेज फिश) को रख कर सड़ाया जाता था। कुछ समय बाद इसे बनाने के तरीके में और सुधार किया गया और एक सील बंद डब्बे में हेरिंग को सड़ाया गया ताकि वो और ज़्यादा सड़ सके।
इस प्रक्रिया के दौरान बैक्टिरिया हाइड्रोजन सल्फ़ाइड के साथ-साथ प्रोपोनिक एसिड और ब्यूटरीक एसिड बनाते हैं। कई बार इसकी सड़न इतनी बढ़ जाती है कि डब्बा विस्फोट भी हो जाता है।
कई डिश अपनी गंध से ज़्यादा प्रचलित होते हैं। ऐसी ही एक डिश है जिसे उसकी गंध ही उसे खास बनाती है।तरह-तरह के खाद्य पदार्थों की गंध की तुलना करने वाले जापानी टीम के वैज्ञानिकों के अनुसार, सरस्ट्रोमिंग से अधिक बदबूदार खाना ढ़ूढना नामुमकिन है इसलिए इसे घर से बाहर खाने की सलाह दी जाती है ताकि घर में इसकी बदबू न फैले। ये स्वीडन में लोग खाते हैं।
इसे बनाने का तरीका 19वीं शताब्दी में ढ़ूंढा गया था, सरस्ट्रोमिंग को अद्भुत आविष्कार माना जाता है।उस जमाने में इसके लिए एक कटोरी में नमकीन पानी में हेरिंग (फोरेज फिश) को रख कर सड़ाया जाता था। कुछ समय बाद इसे बनाने के तरीके में और सुधार किया गया और एक सील बंद डब्बे में हेरिंग को सड़ाया गया ताकि वो और ज़्यादा सड़ सके।
इस प्रक्रिया के दौरान बैक्टिरिया हाइड्रोजन सल्फ़ाइड के साथ-साथ प्रोपोनिक एसिड और ब्यूटरीक एसिड बनाते हैं। कई बार इसकी सड़न इतनी बढ़ जाती है कि डब्बा विस्फोट भी हो जाता है।