भारत को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी दिलाने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का योगदान अतुलनीय है। शांति और अहिंसा के दम पर उनके द्वारा चलाए गए सत्याग्रह और आंदोलनों ने ब्रिटिश सरकार की ईंट से ईंट बजा दी थी। भारत छोड़ो आंदोलन के जरिए उन्होंने अंग्रेजों को हमारा देश छोड़कर जाने को मजबूर कर दिया था। महात्मा गांधी पर हर भारतीय गर्व करता है। दो अक्तूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में पुतलीबाई और करमचंद गांधी के घर पैदा हुए मोहनदास अपने कृत्य और व्यक्तित्व के जरिए महात्मा हुए। देशवासियों ने प्यार से उन्हें बापू कहकर पुकारा। उनकी सात्विक सोच के साथ उनका खानपान भी बेहद सादा रहा। अहिंसा के पुजारी बापू शाकाहारी थे। आज हम उनके खानपान से जुड़े पहलुओं पर भी बात करेंगे:
Gandhi Jayanti 2020: चीनी खाने से परहेज करते थे बापू लेकिन इस फल के थे मुरीद
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Thu, 01 Oct 2020 05:49 PM IST
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