कॉफी विश्व में सबसे ज्यादा पी जाने वाली पेय पदार्थों में से एक है। पंद्रहवी शताब्दी में अरब निवासियों ने सबसे पहले कॉफी उगाई। इसके बाद धीरे-धीरे इसका विस्तार विश्व के सभी देशों में हुआ। 1843 में एक फ्रेंच ने विश्व की सबसे पहली व्यवसायिक एस्प्रेसो मशीन बनाई। भारत में कॉफी लाने का श्रेय मुस्लिम संत बाबा बुदान को जाता है। बुदान हज से लौटते वक्त जब यमन के रास्ते आए तो उन्होंने लोगों को रास्ते में इस अजीब से पेय पदार्थ को पीते हुए देखा। बुदान ने जब इसका स्वाद चखा तो उन्हें यह पेय पदार्थ बहुत अच्छा लगा और उन्होंने इसे भारत लाने की सोची।
जानिए कैसे एक मुस्लिम संत भारत लाए 7 बीज और आपके प्याले की स्वाद बन गई 'कॉफी'
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भारत के कनार्टक राज्य में सबसे ज्यादा कॉफी का उत्पादन होता है। सबसे पहले कॉफी हाउस मक्का में खुले और उन्हें 'कावेह कानेस' कहा जाता था। इसके बाद विश्व के दूसरे देशों में कॉफी हाउस खुलने का प्रचलन शुरू हुआ। लंदन में सबसे पहले ऑस्ट्रेलियाई और न्यूजीलैंडियाई लोगों ने ऐस्प्रेसो केंद्रित कॉफी शॉप खोली। यहां पहला कॉफी हाउस 1652 में खुला । अगली स्लाइड में पढ़िए कॉफी का इतिहास
भारत विश्व के 10 प्रमुख कॉफी उत्पादक देशों में शामिल है। साल 2014-2015 में भारत में 3.27 लाख मेट्रिक टन कॉफी का उत्पादन हुआ था। भारत में अरबिका और रोबस्ता दो दतरह की कॉफी होती हैं। भारत के कुल कॉफी उत्पादन में से 71 फीसदी कर्नाटक में होता है। भारत से तुर्की, जर्मनी, बेल्जियम, रूस और ऑस्ट्रेलिया में कॉफी का निर्यात किया जाता है। भारत में कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र पद्रेश और ओडिशा में सबसे ज्यादा कॉफी का उत्पादन होता है। त्रिपुरा, नागालैंड और असम में भी कॉफी का उत्पादन होता है।