Identify Real And Fake Mango: आम के शौकीन लोग गर्मियों के मौसम का बेसब्री से इंतजार करते हैं। भले ही उन्हें गर्मी न पसंद हो लेकिन मीठे-मीठे आमों का स्वाद लेने के लिए गर्माहट भी बर्दाश्त करने को तैयार रहते हैं। इन दिनों बाजारों में आम दिखना भी शुरू हो गए हैं। सफेदा से लेकर लगड़ा और दशहरी आम उपलब्ध हैं, जो कि बड़े- और पीले यानी पूरी तरह के पके नजर आ रहे हैं।
Mangoes: कहीं कार्बाइड से तो नहीं पके आम, इन तरीकों से करें असली आमों की पहचान
आम खरीदते समय यह जानना बेहद जरूरी है कि असली और प्राकृतिक तरीके से पके आम की पहचान कैसे करें। बाजार से आम खरीदते समय कुछ तरीकों को अपनाकर आप प्राकृतिक और सुरक्षित आम का चयन कर सकते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्बाइड से पके आम के नुकसान
- पेट में जलन, गैस और अल्सर जैसी समस्याएं
- सिरदर्द, चक्कर और उलझन जैसी न्यूरोलॉजिकल समस्याएं
- बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से खतरनाक
- लिवर, किडनी और आंतों को नुकसान पहुंचाने का खतरा
प्राकृतिक और कार्बाइड वाले आमों की पहचान के आसान तरीके
रंग पर ध्यान दें
प्राकृतिक आमों का रंग एक समान नहीं होता। आम पर पीले, हरे और हल्के भूरे रंग के धब्बे हो सकते हैं, जबकि कार्बाइड से पके आम पूरी तरह से चमकदार पीले या नारंगी रंग के दिखते हैं, जो अस्वाभाविक लगता है।
गंध से पहचानें
प्राकृतिक आमों से मीठी, सौम्य और प्राकृतिक खुशबू आती है, जबकि कृत्रिम तरीके से पकाए गए आमों में गंध कम या नकली सी लगती है। कई बार ऐसे आम से गंध बिल्कुल नहीं आती।
स्वाद की परख
प्राकृतिक आम का स्वाद गाढ़ा, मीठा और रसदार होता है। कार्बाइड से पके आमों का स्वाद फीका, बेमजा और कभी-कभी तीखा भी लगता है।
आम का छिलका
प्राकृतिक आमों की त्वचा थोड़ी मोटी और असमान होती है, जब कि कृत्रिम पके आमों का छिलका अधिक चिकना और नाजुक हो सकता है।
डंठल से जांचें
असली पके आम के डंठल के आसपास पीलेपन के साथ थोड़ा हरा रंग भी रहता है। कार्बाइड वाले आम के डंठल के आसपास रंग हल्का सफेद या भूरापन दिख सकता है।
आम को लेकर सावधानियां
कोशिश करें कि स्थानीय किसानों या विश्वसनीय फल विक्रेताओं से ही आम खरीदें। ऑर्गेनिक या जीआई टैग वाले आम खरीदना बेहतर विकल्प हो सकता है। घर लाने के बाद आम को पानी में अच्छी तरह धो लें। उसके बाद आम को दो-तीन घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखें ताकि अगर कोई रासायनिक अंश हो तो निकल जाए।